Kurnool bus accident : बारिश में लगी आग से 19 की मौत

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Kurnool bus accident : बारिश में लगी आग से 19 की मौत, ड्राइवर-ट्रैवल कंपनी पर लापरवाही का आरोप, केंद्र और राज्यों ने की सख्त कार्रवाई की घोषण

आंध्र प्रदेश के Kurnool bus accident ने देशभर के लोगों को हिला दिया है। यह भीषण सड़क ग्रस्त कांटा शुक्रवार (24 अक्टूबर 2025) तड़के उस समय हुआ, जब हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही वेमुरी कावेरी ट्रैवल्स की लग्जरी वोल्वो बस में आग लग गई। 19 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। यह दुखद कर्नूल बस हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर चिन्ना टेकुर गांव के पास हुआ। पुलिस का कहना है कि बस ने एक दोपहिया को टक्कर मार दी, जिससे चिंगारी उठी और आग लग गई। बस कुछ ही पलों में बस आग के गोले में तब्दील हो गई।

Kurnool bus accident : बारिश में लगी आग से 19 की मौत

कैसे हुआ हादसे का सिलसिला

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक Kurnool bus accident करीब सुबह 3:30 बजे हुआ। वेमुरी कावेरी ट्रैवल्स की वोल्वो मल्टी-एक्सल स्लीपर बस में 43 यात्री थे। ज्यादातर यात्री सोए हुए थे जब बस ने बाइक को टक्कर मारी। पुलिस का कहना है कि बाइक बस के नीचे फंस गई, जिससे घर्षण हुआ और ईंधन प्रणाली में आग लग गई।

आग के आसपास तीन मिनट के बीच बारिश के साथ भी आग ने पूरी बस को तीन मिनट में ही अपने कब्जे में ले लिया। इस कर्नूल बस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई वहीं 23 यातायात की मदद से जिंदा बाहर निकलने में सफल रहे। अभी 15 घायलों का इलाज कर्नूल के सरकारी और निजी अस्पतालों में चल रहा है।

बस के दस्तावेज और परमिट कानूनन सही थे

सरकारी कागजातों के अनुसार, बस जिसका नंबर कर्नूल बस हादसा डीसी01एन9490 था। यह बस अगस्त 2018 में दमण और दीव में पंजीकृत हुई और बाद में ओडिशा के रायगढ़ बाजार में स्थानांतरित की गई।
बस का मालिक वेमुरी विनोद कुमार हैं जिन्होंने इस बस का संचालन वेमुरी कावेरी ट्रैवल्स के नाम से कर रहे थे।

  • फिटनेस सर्टिफिकेट: मार्च 2027 तक वैध
  • बीमा: अप्रैल 2026 तक वैध
  • रोड टैक्स: मार्च 2026 तक जमा
  • ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट: जुलाई 2026 तक वैध

अधिकारियों ने कहा कि बस सभी कानूनी और टेक्निकल ज़रूरतों को पूरा करती थी, लेकिन जांच में पता चला कि बस को गैर-कानूनी तरीके से स्लीपर में बदला गया था, जिससे बाहर निकलने का रास्ता छोटा हो गया और यात्रियों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया।

प्रशासन और नेताओं की प्रतिक्रियाएँ

कुरनूल के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर डॉ. ए. सिरी ने कहा कि “आग लगने के बाद, तार पिघलने की वजह से बस का दरवाज़ा जाम हो गया, जिससे लोग अंदर फंस गए।” उन्होंने आगे कहा कि फोरेंसिक टीम और RTA जांच कर रहे हैं कि क्या बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी हो सकती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुरनूल बस हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने ट्विटर पर लिखा,

 “Kurnool bus accident बहुत दुखद है। जिन लोगों की जान गई है, उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। मैं घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूँ।”

  • प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिवारों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की मदद देने की घोषणा की।
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी कुरनूल बस हादसे को “बहुत बुरा” बताया और दुख जताया।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा, “यह हादसा बहुत दुखद है। राज्य सरकार पीड़ितों और घायलों के परिवारों को हर मुमकिन मदद देगी।”
विपक्ष के नेता वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने भी सरकार से घायलों को सबसे अच्छी मेडिकल केयर देने की अपील की।

तेलुगु देशम पार्टी के जनरल सेक्रेटरी नारा लोकेश और BRS लीडर के.टी. रामा राव ने भी Kurnool bus accident पर दुख जताया।

Kurnool bus accident : बारिश में लगी आग से 19 की मौत

मिनिस्टर ने ड्राइवर और कंपनी को दोषी ठहराया

तेलंगाना के एक्साइज मिनिस्टर जुपल्ली कृष्ण राव ने कहा कि कुरनूल बस एक्सीडेंट ड्राइवर की लापरवाही का नतीजा था। उन्होंने NDTV को बताया, “अगर बस ड्राइवर ने बाइक को टक्कर मारने के बाद बस रोक दी होती, तो आग नहीं लगती। लेकिन उसने भागने की कोशिश की।”

राव ने कहा कि ड्राइवर ने पहले बस रोकी, पानी डालने की कोशिश की, और जब आग फैल गई, तो वह पैसेंजर्स को छोड़कर भाग गया। मिनिस्टर ने कावेरी ट्रैवल्स पर यह भी आरोप लगाया कि वह अपने ड्राइवरों को इमरजेंसी में क्या करना है, इसकी ट्रेनिंग नहीं देता।

उन्होंने कहा, “ऐसे ऑपरेटरों पर भारी फाइन लगाया जाएगा ताकि यह पक्का हो सके कि वे पैसेंजर सेफ्टी को सीरियसली लें।”

बसों में सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को नज़रअंदाज़ करना

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Kurnool bus accident इसलिए भी जानलेवा था क्योंकि बस को गैर-कानूनी तरीके से 42-सीटर से स्लीपर में बदला गया था। बाहर निकलने के रास्ते पतले थे, और बस में इमरजेंसी हैच नहीं थे।

  • आग तेज़ी से फैली क्योंकि बस L फोम, सिंथेटिक पर्दे और सीट कुशन जैसे नॉन-फायर-रिटार्डेंट मटीरियल से बनी थी।
  • साथ ही, बस के अंडरकैरिज में बैटरी और मोबाइल फ़ोन का सामान रखा था, जिससे आग और भड़क गई।

संदिग्ध रजिस्ट्रेशन और टैक्स चोरी

अधिकारियों ने बताया कि बस शुरू में दमन और दीव में और बाद में ओडिशा में रजिस्टर्ड थी—टैक्स और लोकल इंस्पेक्शन से बचने का यह एक आम तरीका है। इस संदिग्ध रजिस्ट्रेशन ने कुरनूल बस एक्सीडेंट को भी एक बड़ा मुद्दा बना दिया है।

केंद्र और राज्य सरकार की कार्रवाई

  1. Kurnool bus accident के बाद, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश सरकारों ने तुरंत सख्त इंस्पेक्शन कैंपेन शुरू कर दिए हैं।
  2. अब, सभी प्राइवेट ट्रैवल बसों की फिटनेस, परमिट और सेफ्टी स्टैंडर्ड के लिए इंस्पेक्शन किया जाएगा।
  3. ड्राइवरों को क्राइसिस हैंडलिंग ट्रेनिंग दी जाएगी, और गैर-कानूनी बस मॉडिफिकेशन करने वाले ऑपरेटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर जल्द ही एक जॉइंट रोड सेफ्टी पॉलिसी बनाएंगे ताकि कुरनूल बस एक्सीडेंट जैसी घटनाएं भविष्य में दोबारा न हों।

पहचान के लिए DNA टेस्टिंग

  • पुलिस ने बताया कि कई बॉडी बुरी तरह जल गई थीं और उनकी पहचान के लिए DNA टेस्टिंग की जाएगी।
  • कुरनूल के पुलिस सुपरिटेंडेंट विक्रांत पाटिल ने कहा, “करीब 20 लोगों को बचाया गया और आग पर काबू पा लिया गया।”
  • उन्होंने आगे कहा, “ज़्यादातर पैसेंजर सो रहे थे, जिससे उनका बचना मुश्किल हो गया। FSL टीम अब जांच कर रही है कि बस के मलबे में कोई बॉडी बची है या नहीं।”

कुरनूल का यह बस एक्सीडेंट एक बार फिर भारत के प्राइवेट बस ट्रांसपोर्ट सेक्टर में सेफ्टी स्टैंडर्ड की अनदेखी और लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाता है। अब सरकारों के लिए यह पक्का करना ज़रूरी है कि ऐसी दुखद घटनाएं दोबारा न हों और हर बस ऑपरेटर पैसेंजर सेफ्टी को प्राथमिकता दे।

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Ashish Patel
Author: Ashish Patel

मेरा नाम आशीष पटेल है और मैं पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता और न्यूज़ पोर्टल प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हूँ। मेरा फोकस मुख्य रूप से मनोरंजन, राजनीति और प्रौद्योगिकी की ख़बरों पर रहता है। मनोरंजन की दुनिया की हलचल, राजनीति के अहम मुद्दे और तकनीक के नए इनोवेशन — सब कुछ एक ही जगह पर उपलब्ध कराने की मेरी कोशिश रहती है।