BHU के नेत्र संस्थान को मिला बड़ा प्रतिदान — रेटिना सर्जरी यूनिट के लिए 30 लाख रुपये देने की घोषणा, अब पूर्वांचल में ही मिलेगा अत्याधुनिक इलाज
Varanasi news – Varanasi के चिकित्सा जगत के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए IMS BHU (Institute of Medical Sciences, Banaras Hindu University) के क्षेत्रीय नेत्र संस्थान (Regional Institute of Ophthalmology – RIO) ने अपना सातवां स्थापना दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर संस्थान को एक बड़ी सौगात मिली, जब मुख्य अतिथि और पूर्व विधायक सुरेंद्र बहादुर सिंह ने रेटिना सर्जरी के लिए आवश्यक ‘विट्रेक्टोमी यूनिट’ (Vitrectomy Unit) की स्थापना हेतु 30 लाख रुपये देने की घोषणा की।
यह घोषणा न केवल संस्थान के लिए बल्कि पूरे पूर्वांचल के उन मरीजों के लिए राहत की खबर है, जिन्हें अब तक जटिल रेटिना सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करना पड़ता था। इस यूनिट के शुरू होने से अब रेटिना संबंधी गंभीर बीमारियों का इलाज Varanasi में ही संभव होगा।

पूर्वांचल के मरीजों के लिए बड़ी राहत
मुख्य अतिथि सुरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि IMS BHU का यह नेत्र संस्थान पूरे पूर्वांचल के लिए एक जीवनरेखा साबित हुआ है। उन्होंने बताया कि “अब रेटिना रोगियों को दिल्ली या लखनऊ नहीं जाना पड़ेगा। विट्रेक्टोमी यूनिट बनने के बाद उन्हें अपने ही शहर में विशेषज्ञ डॉक्टरों से आधुनिक उपचार मिल सकेगा।”
उनके अनुसार, चिकित्सा संस्थानों को मजबूत बनाना समाज की सबसे बड़ी सेवा है, क्योंकि इससे सीधे तौर पर आम जनता को लाभ मिलता है। उन्होंने इस दिशा में अपने निरंतर सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
नेत्र संस्थान का सातवां स्थापना दिवस — चिकित्सा उपलब्धियों का जश्न
IMS BHU के क्षेत्रीय नेत्र संस्थान की स्थापना को सात वर्ष पूरे होने पर रविवार को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के विभागाध्यक्ष प्रो. आर. पी. मौर्य ने बताया कि बीते सात वर्षों में संस्थान ने न केवल Varanasi बल्कि पूरे पूर्वांचल के हजारों नेत्र रोगियों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया है।
उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान का उद्देश्य आने वाले समय में अंधता नियंत्रण, नेत्रदान जागरूकता और अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से रेटिना, ग्लूकोमा, कॉर्निया जैसी जटिल बीमारियों के इलाज को और सुलभ बनाना है।
कर्मयोगियों को मिला सम्मान
कार्यक्रम में वर्ष 2024-25 के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कुल 35 कर्मचारियों और रेजिडेंट डॉक्टरों को ‘कर्मयोगी मेडल’ से सम्मानित किया गया। प्रो. मौर्य ने कहा कि “संस्थान की प्रगति उसके कर्मयोगियों के समर्पण पर निर्भर करती है। हर कर्मचारी की मेहनत ने इस संस्थान को आज इस मुकाम तक पहुंचाया है।”
गौरवशाली उपस्थिति और प्रेरक व्याख्यान
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में IMS निदेशक प्रो. एस. एन. संखवार ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि “BHU का यह नेत्र संस्थान न केवल चिकित्सा क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रहा है, बल्कि देशभर के मेडिकल संस्थानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गया है।”
इस अवसर पर डॉ. सुनील मोरेकर, डॉ. एस. पी. सिंह, डॉ. राकेश शाक, डॉ. दिवाकांत मिश्रा, डॉ. करण भाटिया और डॉ. बी. एन. चौधरी ने नेत्र विज्ञान में हो रहे नए शोध, तकनीकी उन्नति और मरीजों की देखभाल से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में सर सुंदरलाल अस्पताल के एमएस प्रो. के. के. गुप्ता और प्रसिद्ध रेटिना सर्जन डॉ. आलोक कुमार भी मौजूद रहे।

भविष्य की दिशा — अत्याधुनिक सुविधाओं की ओर
प्रो. मौर्य ने बताया कि आने वाले समय में संस्थान में रेटिना सर्जरी के अलावा कॉर्निया ट्रांसप्लांट, ग्लूकोमा सर्जरी और बाल नेत्र रोगों के उपचार के लिए भी आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में नेत्र शिविरों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने की भी योजना है।
उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि कोई भी मरीज केवल आर्थिक या भौगोलिक कारणों से अंधता का शिकार न बने। BHU की यह धरती चिकित्सा सेवा और शिक्षा दोनों के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करती रहे, यही हमारा संकल्प है।”
समापन
कार्यक्रम का समापन संस्थान के कर्मचारियों, डॉक्टरों और छात्रों के बीच आपसी संवाद के साथ हुआ, जिसमें सभी ने संस्थान की प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की।
स्वतंत्र वाणी News के अनुसार, BHU का क्षेत्रीय नेत्र संस्थान पूर्वांचल के लोगों के लिए एक आशा की किरण बनकर उभरा है। 30 लाख रुपये की यह घोषणा रेटिना सर्जरी सुविधाओं के विस्तार में मील का पत्थर साबित होगी। आने वाले वर्षों में जब यह यूनिट शुरू होगी, तो काशी न केवल अध्यात्म की नगरी रहेगी, बल्कि उन्नत चिकित्सा सुविधाओं की राजधानी भी कहलाएगी।
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Author: kamalkant
कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।










