Kashi को कूड़ाघर मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम — पीलीकोठी में ‘स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट स्मार्ट ट्रान्सफर स्टेशन’ का उद्घाटन
Varanasi News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र Kashi में स्वच्छता को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। Varanasi नगर निगम ने शहर को कूड़ाघर मुक्त बनाने के मिशन में नई तकनीक का सहारा लिया है। महापौर अशोक कुमार तिवारी ने पीलीकोठी क्षेत्र में ‘स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट स्मार्ट ट्रान्सफर स्टेशन’ का उद्घाटन किया। यह स्टेशन न केवल शहर की सफाई व्यवस्था को नया आयाम देगा बल्कि कचरा प्रबंधन में भी एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
यह पहल Varanasi को “Garbage-Free City” बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत इस आधुनिक स्टेशन के माध्यम से अब कचरा प्रबंधन अधिक कुशल और व्यवस्थित होगा, जिससे न केवल दुर्गंध और गंदगी खत्म होगी बल्कि पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

आधुनिक तकनीक से लैस स्टेशन
पीलीकोठी में बने इस स्मार्ट स्टेशन को तैयार करने में 5.48 करोड़ रुपये की लागत आई है। यह केवल एक कचरा ट्रान्सफर पॉइंट नहीं, बल्कि तकनीक और स्वच्छता का संगम है। इसके अंतर्गत धनेसरा तालाब का सौंदर्यीकरण, वाहन पार्किंग, और एक स्मार्ट ट्रान्सफर यूनिट का निर्माण किया गया है, जो क्षेत्र की स्वच्छता और सौंदर्य दोनों को बढ़ाएगा।
ICICI बैंक और ICICI फाउंडेशन ने अपने CSR (Corporate Social Responsibility) कार्यक्रम के तहत 1.28 करोड़ रुपये की सहायता दी है। इस धनराशि से दो कैप्सूल, दो कम्पैक्टर, एक स्टेटिक मशीन और एक हुक लोडर नगर निगम को सौंपे गए हैं। इन अत्याधुनिक मशीनों की मदद से अब कचरे का संग्रह, कम्पैक्शन और ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित होगी।
कैसे काम करेगा स्मार्ट ट्रान्सफर स्टेशन
इस स्टेशन की कुल 60 टन क्षमता है। आदमपुर, कोतवाली और आसपास के अन्य जोनों से घरों और दुकानों का कचरा यहां लाया जाएगा। यहां इसे मशीनों की मदद से कैप्सूल में कम्पैक्ट किया जाएगा और फिर हुक लोडर वाहनों के जरिए सीधे करसड़ा और रमना स्थित निस्तारण प्लांट पर भेज दिया जाएगा।
पहले जहां खुले में कचरे के ढेर लगते थे, अब वह दृश्य पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इस तकनीकी प्रक्रिया से शहर की सड़कों पर कचरे का बिखराव रुकेगा और बदबू की समस्या भी समाप्त होगी।
यह स्टेशन उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और गोरखपुर के बाद तीसरा ऐसा स्टेशन है, जो Varanasi में स्थापित किया गया है — जिससे यह साफ दिखाई देता है कि Varanasi अब तकनीक आधारित स्वच्छता मॉडल का उदाहरण बन रही है।
कूड़ाघर मुक्त Varanasi की दिशा में बड़ा कदम
महापौर अशोक तिवारी ने बताया कि वाराणसी नगर निगम के अंतर्गत पहले कुल 23 बड़े ढलावघर थे, जिनमें से 20 को अब समाप्त कर दिया गया है। इनकी जगह आधुनिक स्मार्ट ट्रान्सफर स्टेशन बनाए गए हैं। शेष तीन ढलावघरों को भी अगले एक माह में खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है।
महापौर ने कहा —
“हमारा लक्ष्य है कि आने वाले समय में varanasi पूरी तरह से कूड़ाघर मुक्त और स्वच्छ शहर बने। यह स्टेशन स्वच्छ काशी की दिशा में एक निर्णायक कदम है।”
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि धनेसरा तालाब का सौंदर्यीकरण, वाहन पार्किंग स्थल का विकास, और वृक्षारोपण कार्य शीघ्र पूरा किया जाए ताकि क्षेत्र पूरी तरह से एक मॉडल ज़ोन के रूप में विकसित हो सके।
उद्घाटन समारोह में रही विशेष मौजूदगी
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
भाजपा उपनेता सुरेश कुमार चौरसिया, अपर नगर आयुक्त सविता यादव, महाप्रबंधक जलकल अनूप सिंह, जोनल स्वच्छता अधिकारी रवि चंद्र निरंजन, आईसीआईसीआई फाउंडेशन के जोनल हेड दिग्विजय सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर अविनाश सिन्हा, मैनेजर स्कंद तिवारी, ज्ञानेन्द्र कुमार, और नवीन सिंह सहित कई लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
ICICI फाउंडेशन के प्रोजेक्ट मैनेजर अविनाश सिन्हा ने इस अवसर पर महापौर को हुक लोडर की चाबी सौंपी और बताया कि संस्था अपने CSR कार्यक्रमों के तहत स्वच्छता, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़े कई सामाजिक कार्यों में सहयोग कर रही है।
महापौर ने इस सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के निजी संस्थानों के जुड़ने से स्वच्छ varanasi का सपना साकार हो रहा है।
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निष्कर्ष : स्वच्छ काशी की नई कहानी
‘स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट स्मार्ट ट्रान्सफर स्टेशन’ का उद्घाटन न केवल varanasi के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक कदम है। यह स्टेशन दिखाता है कि जब तकनीक, प्रशासन और सामाजिक जिम्मेदारी एक साथ आती है, तो शहर की तस्वीर बदल सकती है।
यह पहल varanasi को कूड़ाघर मुक्त, दुर्गंध रहित और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इस परियोजना से कचरा प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी, प्रदूषण घटेगा और काशी एक बार फिर “स्वच्छता और आध्यात्मिकता” दोनों का केंद्र बनेगी।
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Author: kamalkant
कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।










