Varanasi Ropeway : Varanasi में अगले साल से चलेगा Ropeway

Varanasi Ropeway : Varanasi में अगले साल से चलेगा Ropeway

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Varanasi Ropeway : Varanasi में अगले साल से चलेगा Ropeway, यूरोपियन स्टैंडर्ड की सुरक्षा सुविधाओं से होगा लैस

Varanasi Ropeway : बाबा विश्वनाथ की नगरी Varanasi जल्द ही एक नई पहचान हासिल करने जा रही है। जिस शहर को अब तक गंगा आरती, घाटों और मंदिरों के लिए जाना जाता है, वह आने वाले समय में अपने रोपवे प्रोजेक्ट की वजह से भी देश-दुनिया में सुर्खियों में रहेगा। अगले साल से शुरू होने वाला Varanasi Ropeway न केवल यातायात की समस्या को कम करेगा, बल्कि शहर के लिए एक नया पर्यटन आकर्षण भी बनेगा। खास बात यह है कि इसे यूरोपियन स्टैंडर्ड के सुरक्षा उपकरणों से सुसज्जित किया जा रहा है।

Varanasi Ropeway : Varanasi में अगले साल से चलेगा Ropeway

असाधारण सुरक्षा व्यवस्था

वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) और नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) के अधिकारियों ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह ropeway देश में अपनी तरह का पहला अर्बन ट्रांसपोर्ट रोपवे होगा। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि प्राकृतिक आपदाओं जैसे तेज हवा या बिजली कड़कने की स्थिति में भी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

  • यदि हवा की रफ्तार तेज हो जाएगी तो गंडोला (केबिन) स्वतः धीमा हो जाएगा।
  • बिजली चले जाने पर गंडोला बीच रास्ते में नहीं रुकेगा, बल्कि नजदीकी स्टेशन तक सुरक्षित पहुंच जाएगा।
  • अंदर बैठे यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, एक बार बंद होने पर गंडोला बीच रास्ते में नहीं खुलेगा।
  • इसके संचालन पर नजर रखने के लिए एक अत्याधुनिक कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है, जहां से हर गतिविधि पर नियंत्रण होगा।

अधिकारियों के अनुसार, बिजली आपूर्ति बाधित होने पर पहले जनरेटर का उपयोग किया जाएगा और यदि वह भी काम न करे तो आंतरिक बैकअप बिजली से गंडोला को सुरक्षित रूप से स्टेशन तक पहुंचाया जाएगा।

Varanasi Ropeway में आधुनिक सुविधाएं

गंडोला पूरी तरह से वातानुकूलित होंगे, ताकि यात्रियों को गर्मी या उमस का सामना न करना पड़े। इसके अलावा, रात में भी ropeway का संचालन किया जा सकेगा। सबसे ऊंचा टावर 160 फीट का होगा, जिसे सिगरा स्थित सुविधा साड़ी केंद्र के पास बनाया जा रहा है।

Ropeway कॉरिडोर की चौड़ाई 16 मीटर होगी और इसके दोनों किनारों पर 8-8 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का निर्माण प्रतिबंधित रहेगा। किनारे बनने वाली इमारतों की ऊंचाई अधिकतम 10 मीटर तक सीमित की गई है।

Varanasi Ropeway : Varanasi में अगले साल से चलेगा Ropeway

किफायती किराया और व्यावसायिक मॉडल

इस ropeway का किराया आम जनता की जेब के अनुसार रखा जाएगा। विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग ने बताया कि इसके लिए एक आर्थिक विकास मॉडल तैयार किया गया है। इसके तहत सभी स्टेशनों पर व्यावसायिक गतिविधियां शुरू की जाएंगी।

चारों स्टेशनों पर करीब दो लाख वर्गफुट क्षेत्र में दुकानों, बजट होटलों और अन्य व्यावसायिक केंद्रों का निर्माण किया जाएगा। इन दुकानों और होटलों की आवंटन प्रक्रिया नीलामी के माध्यम से होगी। पहले से ही इनके लिए बड़ी संख्या में मांग आ रही है।

परियोजना की स्थिति और लागत

करीब 3.8 किलोमीटर लंबा यह ropeway प्रोजेक्ट कैंट रेलवे स्टेशन से शुरू होकर भारत माता मंदिर परिसर, रथयात्रा और गोदौलिया चौराहे तक पहुंचेगा। गिरिजाघर चौराहे पर इसका टर्मिनल स्टेशन बनाया जाएगा।

पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 815.58 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। यह परियोजना अंतिम चरण में है और उम्मीद है कि इसका लोकार्पण इसी वर्ष के अंत में कर दिया जाएगा। कार्यदायी एजेंसी को 15 वर्षों तक संचालन का अनुबंध दिया गया है।

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क्यों खास है Varanasi Ropeway?

  • यह देश का पहला शहरी परिवहन के लिए उपयोग होने वाला रोपवे होगा।
  • इससे कैंट स्टेशन से गोदौलिया तक का सफर कुछ ही मिनटों में पूरा किया जा सकेगा।
  • सड़क यातायात पर बोझ कम होगा और लोगों को जाम से निजात मिलेगी।
  • यह परियोजना varanasi को स्मार्ट सिटी और आधुनिक शहरी विकास की दिशा में एक नया मुकाम दिलाएगी।

Varanasi Ropeway पर स्वतंत्र वाणी का विचार

Varanasi Ropeway आने वाले समय में न सिर्फ स्थानीय नागरिकों के लिए राहत लेकर आएगा, बल्कि यह शहर में पर्यटन की संभावनाओं को भी नई उड़ान देगा। बाबा विश्वनाथ की नगरी में अब श्रद्धालु और पर्यटक आधुनिक परिवहन व्यवस्था का भी अनुभव कर पाएंगे।

यह परियोजना परंपरा और आधुनिकता का संगम है। जहां एक ओर यह varanasi की प्राचीनता को सुरक्षित रखेगी, वहीं दूसरी ओर आधुनिक तकनीक से लैस होकर शहर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

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Author: kamalkant

कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।