Varanasi स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: 9 अस्पताल सील, बिना पंजीकरण और लाइसेंस नवीनीकरण के चल रहा था इलाज
Varanasi News : Varanasi जिले में स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। इस कार्रवाई में जिले के विभिन्न ब्लॉकों में संचालित कुल 9 अस्पतालों और जांच केंद्रों को सील कर दिया गया। यह सभी अस्पताल और क्लिनिक बिना पंजीकरण और बिना लाइसेंस नवीनीकरण के चल रहे थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा। कई अस्पतालों से भर्ती मरीजों को सुरक्षित रूप से अन्य अस्पतालों में शिफ्ट कराया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने यह कदम उस वक्त उठाया है जब लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि जिले के कई हिस्सों में बिना अनुमति अस्पताल और पैथोलॉजी केंद्र चल रहे हैं। ऐसे अस्पतालों में न तो स्वास्थ्य मानकों का पालन किया जा रहा था और न ही नियमों के मुताबिक लाइसेंस नवीनीकरण किया गया था।

आराजी लाइन में 4 अस्पताल सील
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी के निर्देश पर आराजी लाइन ब्लॉक में मेडिकल सुप्रींटेंडेंट डॉ. नवीन सिंह की अगुवाई में छापेमारी हुई। जांच के दौरान पाया गया कि यहां कई अस्पताल बिना वैध लाइसेंस के चल रहे थे।
जिन अस्पतालों और पैथोलॉजी केंद्रों को बंद कराया गया, उनमें शामिल हैं:
- मीरा नर्सिंग होम एंड जच्चा बच्चा केंद्र (कचनार, राजातालाब स्टेशन रोड)
- प्रकाश पैथोलॉजी सेंटर
- शक्ति डायग्नोसिस सेंटर (राजातालाब तहसील के पास)
- मैक्स केयर हॉस्पिटल (करनाडाड़ी)
इन सभी अस्पतालों को तुरंत बंद करा दिया गया और संचालकों को चेतावनी दी गई कि यदि वे भविष्य में बिना पंजीकरण के अस्पताल चलाते पाए गए तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Varanasi के चिरईगांव ब्लॉक में 4 अस्पताल बंद
Varanasi के चिरईगांव ब्लॉक में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की। पीएचसी प्रभारी डॉ. मनोज कुमार वर्मा के नेतृत्व में जांच की गई। यहां चार अस्पतालों और क्लिनिकों को बंद कराया गया।
इनमें शामिल हैं:
- स्मार्ट मेडिसिटी चिकित्सालय, संदहा
- आदित्य पाल क्लिनिक, मुड़ली
- फ्यूचर हॉस्पिटल, बरियासनपुर
- बलुआ रोड पर बिना बोर्ड के चल रहा अस्पताल
इन अस्पतालों में भर्ती मरीजों को तत्काल अन्य मान्यता प्राप्त अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। जांच में स्पष्ट पाया गया कि किसी भी संस्थान के पास वैध रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस मौजूद नहीं था।
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Varanasi के सेवापुरी में भी हुई कार्रवाई
Varanasi के सेवापुरी ब्लॉक में पीएचसी प्रभारी डॉ. अमित कुमार सिंह की टीम ने गोराई-सारंगपुर मार्ग पर चल रही एक क्लिनिक को सीज कर दिया। इस क्लिनिक का लाइसेंस नवीनीकरण विभाग द्वारा पहले ही अस्वीकार कर दिया गया था क्योंकि यह मानकों को पूरा नहीं कर पा रही थी। इसके बावजूद क्लिनिक संचालक इलाज और जांच का कार्य कर रहे थे। प्रभारी डॉक्टर ने सख्त चेतावनी दी कि यदि भविष्य में यह क्लिनिक बिना लाइसेंस चलाया गया तो संचालक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सीएमओ ने जारी की सूची
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप चौधरी ने जिले में चल रहे अवैध अस्पतालों और पैथोलॉजी केंद्रों की एक आधिकारिक सूची जारी की है। उन्होंने कहा कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और जिन संस्थानों के पास वैध पंजीकरण और लाइसेंस नहीं होगा, उन्हें इसी तरह सील किया जाएगा।
क्यों जरूरी है यह सख्ती?
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बिना लाइसेंस और पंजीकरण के अस्पताल या क्लिनिक चलाना कानूनी अपराध है। ऐसे संस्थानों में मरीजों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। उचित सुविधाओं और मानकों के अभाव में यहां इलाज करवाना गंभीर जोखिम पैदा करता है।
अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई का उद्देश्य मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बनाए रखना है। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में कोई भी संस्थान नियमों की अनदेखी करके जनता की जान के साथ खिलवाड़ न करे।
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Varanasi में मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस कार्रवाई के बाद Varanasi में लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल का स्वागत किया और कहा कि इससे नकली और अवैध अस्पतालों पर लगाम लगेगी। वहीं, कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि यदि ये अस्पताल इतने लंबे समय से चल रहे थे तो विभाग ने पहले कार्रवाई क्यों नहीं की।
फिर भी, जनता का एक बड़ा वर्ग मानता है कि मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए यह कार्रवाई बिल्कुल सही समय पर की गई।
सारांश
Varanasi स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है कि अब जिले में बिना पंजीकरण और लाइसेंस नवीनीकरण के कोई भी अस्पताल या पैथोलॉजी केंद्र नहीं चलेगा। 9 अस्पतालों और जांच केंद्रों को सील करना स्वास्थ्य विभाग का साहसिक कदम है।
Varanasi में यह बड़ी खबर केवल प्रशासन की सख्ती को नहीं दिखाती, बल्कि जनता को भी आगाह करती है कि इलाज के लिए हमेशा पंजीकृत और मान्यता प्राप्त अस्पतालों का ही चयन करें। आने वाले दिनों में विभाग की और भी कार्रवाई की संभावना है ताकि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा सके।
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Author: kamalkant
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