ओडिशा CM Kisan Yojana: 51 लाख किसानों को ₹1,041 करोड़ की सहायता, जानें पात्रता और पूरी जानकारी
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने बुधवार को राज्य के किसानों के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया। उन्होंने CM Kisan Yojana के तहत 51 लाख से ज़्यादा छोटे और सीमांत किसानों को कुल ₹1,041 करोड़ की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की।
यह राशि किसानों को आगामी रबी फसल 2025-26 की तैयारियों के लिए दी गई है। प्रत्येक किसान को ₹2,000 की वित्तीय सहायता मिली है। यह पहल नुआखाई जैसे महत्वपूर्ण कृषि उत्सव से ठीक एक दिन पहले की गई, जिससे किसानों में उत्साह और राहत का माहौल है।

CM Kisan Yojana का उद्देश्य और लाभ
- CM Kisan Yojana ओडिशा सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है। इसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को खेती के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है ताकि वे आसानी से बीज, उर्वरक, कीटनाशक और श्रम का खर्च उठा सकें।
- प्रत्येक पात्र किसान को प्रति वर्ष ₹4,000 दिए जाते हैं।
- यह राशि दो किस्तों में दी जाती है – पहली किस्त अक्षय तृतीया पर और दूसरी किस्त नुआखाई के अवसर पर।
- इस बार, ₹2,000 की किस्त सीधे किसानों के खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से भेजी गई।
- मुख्यमंत्री मांझी के अनुसार, इस योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों को समय पर खेती शुरू करने में मदद मिलेगी।
कालिया योजना से CM Kisan Yojana तक
बीजद सरकार के दौरान, कालिया योजना के तहत किसानों को सालाना ₹4,000 दिए जाते थे। उस समय लगभग 46 लाख किसान इस योजना से लाभान्वित हो रहे थे।
जून 2024 में भाजपा सरकार बनने के बाद, मुख्यमंत्री मांझी ने इस योजना का नाम बदलकर CM Kisan Yojana कर दिया और इसमें 5 लाख अतिरिक्त किसानों को भी शामिल किया। अब राज्य के 51 लाख से ज़्यादा किसान इसका लाभ उठा रहे हैं।
मुख्यमंत्री मांझी का संबोधन
वितरण कार्यक्रम के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने कहा:
“हमारी सरकार किसानों की आय न केवल दोगुनी, बल्कि कई गुना बढ़ाने के लिए काम कर रही है। ओडिशा के छोटे और सीमांत किसानों को अब विविध कृषि गतिविधियों पर भी ध्यान देना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि केवल धान की खेती से पर्याप्त कमाई संभव नहीं है। किसानों को मछली पालन, मुर्गी पालन और अन्य फसलें भी अपनानी चाहिए ताकि उनकी आय निरंतर बढ़े।
किसानों की बढ़ी हुई आय और समर्थन मूल्य
- मुख्यमंत्री मांझी ने कहा कि पिछले 14 महीनों में किसानों की आय में लगभग ₹58,000 की वृद्धि हुई है।
- धान पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,300 प्रति क्विंटल है।
- इसके अलावा, किसानों को ₹800 अतिरिक्त दिए जा रहे हैं।
- अर्थात, किसान ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से धान बेच पा रहे हैं।
इसके अलावा, किसानों को CM Kisan Yojana और पीएम किसान योजनाओं से सालाना ₹10,000 मिल रहे हैं। वहीं, सुभद्रा योजना के तहत महिला किसानों को प्रति वर्ष अतिरिक्त ₹10,000 दिए जा रहे हैं।
CM Kisan Yojana की मुख्य विशेषताएँ
यह योजना न केवल किसानों को नकद सहायता प्रदान करती है, बल्कि उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए कई अतिरिक्त पहल भी करती है।
1. खेती के लिए प्रत्यक्ष सहायता – बीज, उर्वरक, कीटनाशक और मजदूरी की लागत वहन करने के लिए प्रति फसल सीजन ₹2,000।
2. भूमिहीन कृषक परिवारों को सहायता – ऐसे परिवारों को तीन चरणों में ₹12,500 दिए जाते हैं ताकि वे मछली पालन, बकरी पालन या मुर्गी पालन जैसी गतिविधियाँ शुरू कर सकें।
3. कृषि विद्या निधि योजना – किसानों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता।
CM Kisan Yojana : पात्रता
- यह योजना विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए है।
- छोटे और सीमांत किसान वे हैं जिनके पास दो हेक्टेयर से कम ज़मीन है।
- केवल दो हेक्टेयर से अधिक ज़मीन वाले किसान ही प्रधानमंत्री किसान योजना के लिए पात्र हैं।
- भूमिहीन कृषि परिवार भी इस योजना में शामिल हैं।
आवेदन और पंजीकरण प्रक्रिया
CM Kisan Yojana का लाभ उठाने के लिए किसानों को पंजीकरण कराना होगा।

1. वेबसाइट देखें: https://cmkisan.odisha.gov.in
2. ‘किसान पंजीकरण’ बटन पर क्लिक करें।
3. निर्देश पढ़ें और घोषणा पत्र स्वीकार करें।
4. आधार संख्या दर्ज करें और ओटीपी से सत्यापन करें।
5. ई-केवाईसी के लिए नज़दीकी सीएससी या मोबाइल सेवा केंद्र पर जाएँ।
6. आधार से जुड़ा बैंक खाता अनिवार्य है।
7. भूमिहीन परिवारों को मनरेगा जॉब कार्ड जमा करना आवश्यक है।
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नुआखाई और किसानों की खुशी
नुआखाई त्योहार पश्चिमी ओडिशा का सबसे बड़ा कृषि त्योहार है। इस दिन किसान अपनी नई फसल भगवान को अर्पित करते हैं और पूरे उत्साह के साथ त्योहार मनाते हैं।
इस त्योहार से पहले किसानों के बैंक खातों में CM Kisan Yojana की राशि का आना उनके लिए राहत और खुशी का बड़ा कारण बन गया है।
किसानों के लिए नई सुविधाएँ
- गणेश पूजा के अवसर पर, मुख्यमंत्री मांझी ने ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में ‘किसान भवन’ और ‘प्रशिक्षण छात्रावास’ का भी उद्घाटन किया।
- ये सुविधाएँ किसानों का प्रशिक्षण, अनुसंधान और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खोली गई हैं।
CM Kisan Yojana : निष्कर्ष
ओडिशा की CM Kisan Yojana राज्य के लघु एवं सीमांत किसानों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। यह योजना न केवल तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान करती है, बल्कि भूमिहीन परिवारों और कृषि शिक्षा को भी प्रोत्साहित करती है।
मुख्यमंत्री मांझी के नेतृत्व में सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। नुआखाई त्योहार से पहले किसानों तक यह सहायता राशि पहुँचना इस बात का प्रमाण है कि ओडिशा सरकार किसानों की समृद्धि और ग्रामीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
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Author: kamalkant
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