कोटा श्रीनिवास राव का निधन: 750 फिल्मों से सजी अभिनय यात्रा का हुआ अंत, 83 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस –
______हैदराबाद, 13 जुलाई, 2025 — दक्षिण सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और पूर्व विधायक कोटा श्रीनिवास राव का 83 वर्ष की आयु में हैदराबाद के फिल्मनगर स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे और उम्र संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उनके निधन से भारतीय सिनेमा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
— 750 फिल्मों का एक चमकदार सफर
कोटा श्रीनिवास राव ने अपने चार दशकों से भी लंबे करियर में तेलुगु, तमिल, हिंदी, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं की लगभग 750 फिल्मों में काम किया। वे न केवल एक प्रतिभाशाली खलनायक के रूप में जाने जाते थे, बल्कि मुख्य भूमिकाओं और हास्य भूमिकाओं में भी उनका योगदान अतुलनीय था।
उनकी आखिरी तेलुगु फिल्म ‘सुवर्ण सुंदरी’ 2023 में रिलीज़ हुई थी, जबकि पवन कल्याण के साथ उनकी आखिरी फिल्म ‘हरि हर वीरा मल्लू’ 24 जुलाई, 2025 को रिलीज़ होने वाली है।
पारिवारिक जीवन और व्यक्तिगत संघर्ष
कोटा श्रीनिवास राव का जन्म 10 जुलाई 1942 को आंध्र प्रदेश के कांकीपाडु गाँव में हुआ था। उनके पिता कोटा सीताराम अनसुयम्मा एक डॉक्टर थे और चाहते थे कि उनका बेटा भी चिकित्सा क्षेत्र में जाए। इसी वजह से कोटा ने विज्ञान में स्नातक किया, लेकिन रंगमंच के प्रति उनके रुझान ने उन्हें रंगमंच और अंततः सिनेमा की दुनिया में ला खड़ा किया।
उनके परिवार में पत्नी रुक्मिणी और दो बेटियाँ हैं। उनके बेटे कोटा प्रसाद राव का 2010 में एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। पारिवारिक जीवन में कठिनाइयों के बावजूद, कोटा ने अभिनय में कभी कोई कमी नहीं आने दी।
–— फ़िल्मी करियर की शुरुआत और पहचान
कोटा राव ने 1978 में चिरंजीवी के साथ फ़िल्म प्रणाम ख़रीदु से अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत की। इसके बाद, वे तेलुगु सिनेमा के सबसे विश्वसनीय और प्रतिभाशाली चरित्र अभिनेताओं में से एक बन गए।
उन्होंने बॉलीवुड में भी कई यादगार भूमिकाएँ निभाईं, जैसे:
रक्त चरित्र 1 और 2
बागी (टाइगर श्रॉफ के साथ)
सड़क, सरकार, लक
सम्मान और पुरस्कार
कोटा राव को उनके योगदान के लिए कई बार सम्मानित किया गया है, जिनमें शामिल हैं :
नौ नंदी पुरस्कार (आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा)
2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा प्रदान किया गया पद्म श्री पुरस्कार।
राजनीति में भी सक्रिय
कोटा राव ने न केवल अभिनय में बल्कि राजनीति में भी कदम रखा। उन्होंने 1999 से 2004 तक विजयवाड़ा पूर्व सीट से भाजपा विधायक के रूप में प्रतिनिधित्व किया। वे जनसेवा के लिए भी समर्पित थे।
श्रद्धांजलि एवं संवेदना
कई प्रमुख नेताओं और फ़िल्मी हस्तियों ने कोटा राव के निधन पर शोक व्यक्त किया:
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा:
“श्री कोटा श्रीनिवास राव गरु के निधन से दुखी हूँ। उनका बहुमुखी अभिनय और समाज सेवा प्रेरणादायक थी। वे जनता के सच्चे प्रतिनिधि थे।” - आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू:
“कोटा राव ने अपने अभिनय से पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह फ़िल्म उद्योग के लिए एक अपूरणीय क्षति है।” - पवन कल्याण, जो उनकी आखिरी फ़िल्म में उनके साथ थे, श्रद्धांजलि देने उनके घर गए और कहा:
“मैंने कोटा गरु के साथ आधा दर्जन से ज़्यादा फ़िल्मों में काम किया। उनका निधन मेरे लिए एक व्यक्तिगत क्षति है।” - चिरंजीवी ने लिखा:
“हमने साथ में शुरुआत की थी। उन्होंने हर भूमिका को जीवंत कर दिया।”
महेश बाबू, जूनियर एनटीआर, राम चरण, नागार्जुन, रवि तेजा, वेंकटेश, मोहन बाबू, कार्थी और राजामौली जैसे दक्षिण सिनेमा के दिग्गजों ने भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें ‘अभिनय सम्राट’, ‘अभिनय का जनक’ और ‘जीवित किंवदंती’ कहा।
फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा ने लिखा:
“शिव, सरकार और रक्त चरित्र में उनका योगदान अमूल्य है। वे हमारे दिलों में हमेशा जीवित रहेंगे।”
— अंतिम यात्रा और फिल्म ‘हरि हर वीरा मल्लू’
कोटा श्रीनिवास राव की आखिरी फिल्म ‘हरि हर वीरा मल्लू’ 24 जुलाई 2025 को रिलीज़ होगी। इस फिल्म में उन्होंने एक छोटा लेकिन दमदार किरदार निभाया है। पवन कल्याण के कहने पर ही वे इस फिल्म से जुड़े, यह उनकी दोस्ती और सम्मान का प्रतीक है।
— एक अमर विरासत
कोटा श्रीनिवास राव एक ऐसे कलाकार थे जिन्होंने कैमरे के सामने हर दर्द भुलाकर किरदार में जान डाल दी। चाहे वह खलनायक हो, हास्य भूमिका हो, गंभीर पिता हो या राजनेता – उन्होंने हर भूमिका में दर्शकों का दिल जीत लिया।
उनके सहयोगी निर्देशक देवी प्रसाद ने कहा:
“जैसे ही कैमरा चालू होता, वह अपना दर्द भूलकर किरदार में रम जाते। यही उनकी सबसे बड़ी ताकत थी।”
अंतिम शब्द :
सिनेमा जगत ने आज एक अनमोल रत्न खो दिया है। कोटा श्रीनिवास राव न केवल अभिनय के उस्ताद थे, बल्कि एक सच्चे इंसान, समाजसेवी और एक प्रेरक कलाकार भी थे।
ओम शांति!
कोटा श्रीनिवास राव गारू, आपकी यादें, आपकी फ़िल्में और आपका योगदान हमेशा हमारे साथ रहेगा।
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Author: Swatantra Vani
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