ओला इलेक्ट्रिक के स्टॉक में 18% की उछाल, वेल ही Q1 में हुआ घाटा – जानिए स्टॉक क्यों टूटा :
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भारतीय इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल्स निर्माता ओला इलेक्ट्रिक ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1 FY26) में स्कूटर की रिपोर्ट जारी की है। सोमवार को कंपनी के स्टॉक में 18% तक की तेजी का अनुमान लगाया गया, जो कई महीनों की गिरावट के बाद युवाओं के लिए राहतभरी खबर रही।
— Q1 में घाटा घटा, लेकिन बिक्री में जबरदस्त उछाल
ओला इलेक्ट्रिक ने अप्रैल-जून तिमाही में ₹428 करोड़ का समेकित घाटा दर्ज किया, जो पिछली तिमाही के ₹870 करोड़ का समेकित घाटा काफी कम है। कंपनी के इस सुधार के प्रमुख कारण यह है कि इसकी नई पीढ़ी के ग्राहकों की बिक्री बेहतर है, जो अधिक सस्ते और उन्नत तकनीक वाले हैं।
कंपनी ने इस तिमाही में 68,192 इकाइयों की तुलना में 32.7% की बढ़ोतरी की है, जो कि पिछली तिमाही (Q4 FY25) में 51,375 इकाइयों की तुलना में 32.7% अधिक है। यह जानकारी समाचार एजेंसी पीटीआई ने कंपनी के गोदाम से दी।
— शेयर में आई तेजी का कारण
सोमवार को एनएसई (एनएसई) पर ओला इलेक्ट्रिक का शेयर ₹47.07 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया, जो हाल ही में ऑल टाइम लो ₹39.6 के लेवल से बड़ा उछाल है। शेयर में आई यह हलचल टैब देखने को मिली जब कंपनी ने अपने वित्तीय प्रदर्शन के आंकड़े जारी किए।
इसके अलावा कंपनी की परिचालन आय ₹611 करोड़ से बढ़कर ₹828 करोड़ हो गई, अर्थात 35.5% की वृद्धि, उद्यमियों का भरोसा बढ़ा।
— प्रोजेक्ट लक्ष्य: लागत में कटौती का बड़ा कदम
ओला इलेक्ट्रिक ने अपने ऑपरेटिंग खर्चों को नियंत्रित करने के लिए ‘प्रोजेक्ट लक्ष्य’ नामक लागत सुधार योजना शुरू की। इस पहले के अंतर्गत:
मासिक ऑटो व्यवसाय का खर्च ₹178 करोड़ से ₹105 करोड़ कर दिया गया।
कंपनी ने बताया कि वर्तमान में उनका समेकित मासिक खर्च ₹150 करोड़ है, जिससे प्रति माह तक ₹130 करोड़ कमाने का लक्ष्य है।
कंपनी के इस प्रोजेक्ट में केवल वित्तीय प्रदर्शन में सुधार नहीं किया गया है, बल्कि यह भी दिखाया गया है कि कंपनी नियंत्रण में अब काफी सक्षम हो रही है।
— ऑटो EBITDA में सकारात्मकता की शुरुआत
ओला इलेक्ट्रिक ने जून 2025 में घोषणा की थी कि उसके ऑटो बिजनेस EBITDA का भुगतान हो गया है। यह उपलब्धि इसकी वर्टिकल इंटीग्रेशन स्ट्रेटेजी के कारण संभव हो पाई, जिससे कंपनी ने मजबूत सकल स्टॉक कमाया।
इसके अलावा, कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि:
Q2 FY26 से PLI (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) लाभ मिलना शुरू होगा।
इससे ग्रोस बेरोज़गारी 35% से 40% के बीच हो जाएगी।
कंपनी को FY26 के अंत तक 5% से अधिक का EBITDA प्राप्त होने की उम्मीद है।
— Gen 3 सब्जेक्ट्स: सफलता की नई पहचान
ओला इलेक्ट्रिक के हाल में ही लॉन्च की गई जनरल 3 ऑब्जेक्टिव्स ने बिक्री में जबरदस्त योगदान दिया। Q1 FY26 में कुल निजीकरण बिक्री का 80% हिस्सा Gen 3 उपभोक्ता से आया।
कंपनी ने कहा कि इन सब्सक्रिप्शन में न केवल बेहतर ग्रेड के विवरण हैं, बल्कि वॉरंटी क्लेम्स में भी उल्लेखनीय गिरावट का आकलन किया गया है, जिसमें कंपनी के इंजीनियरिंग सुधारों की सफलता को दर्शाया गया है।
— भविष्य की रूपरेखा: FY26 में बड़ा लक्ष्य
कंपनी ने FY26 के लिए कुछ प्रमुख लक्ष्य भी तय किये हैं:
यह योजना में ₹4,200 करोड़ से ₹4,700 करोड़ का राजस्व निराधार करता है।
EBITDA और ऑपरेटिंग मार्जिन बांड में सुधार की संभावना।
— एंटरप्राइज़ की विशिष्टता और बाज़ार की प्रतिक्रिया
ओला इलेक्ट्रिक के इन आंकड़ों और प्रतीकात्मक घोषणाओं ने विरोधियों में विश्वास की एक नई लहर पैदा की है। कंपनी के स्टॉक में आई यह 17% से ज्यादा की तेजी इस बात का संकेत है कि बाजार ने कंपनी के सुधारात्मक समझौते और भविष्य की मंजूरी को सकारात्मक रूप में ले लिया है।
विशेषज्ञ का मानना है कि अगर कंपनी इस ट्रैक पर आगे बढ़ती है, तो वाले तिमाहियों में यह इलेक्ट्रिक टू-चार्जर बाजार में एक प्रतिष्ठित स्टूडियो के रूप में उभर सकती है।
निष्कर्ष : विपक्ष से उम्मीद की ओर
भले ही ओला इलेक्ट्रिक अभी भी त्रिकोणीय में है, लेकिन उसका राजस्व वृद्धि, लागत नियंत्रण, गरीबी में सुधार और बिक्री की समीक्षा इस बात का संकेत है कि कंपनी सही दिशा में बढ़ रही है। यदि यह ट्रेंड जारी रहता है, तो आने वाले महीनों में ओला इलेक्ट्रिक न केवल शेयर बाजार में बेहतर प्रदर्शन करेगा, बल्कि इलेक्ट्रिक इंडस्ट्रीज एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में उभरेगी।
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Author: Swatantra Vani
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