आईआईएम कलकत्ता कैंपस में महिला से कथित दुष्कर्म का मामला: आरोपी छात्र पुलिस हिरासत में , लेकिन पीड़िता के पिता बोले – “बेटी पूरी तरह ठीक है ,कुछ भी नहीं हुआ” –
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कोलकाता: भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) कलकत्ता के जोका परिसर में एक महिला के साथ कथित बलात्कार ने शनिवार को पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। आरोपी छात्र महावीर टोप्पनवर उर्फ परमानंद जैन को गिरफ्तार कर 19 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले में कई उतार-चढ़ाव आए हैं, जिसमें पीड़िता के पिता द्वारा आरोपों से इनकार और आईआईएम प्रशासन की कड़ी प्रतिक्रिया शामिल है। आइए जानते हैं कि अब तक क्या हुआ है और विभिन्न पक्षों ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी है।
—-क्या है मामला ?
पुलिस के अनुसार, आईआईएम कलकत्ता के द्वितीय वर्ष के छात्र 26 वर्षीय महावीर टोप्पनवर पर शुक्रवार (11 जुलाई) को काउंसलिंग सत्र के नाम पर अपने छात्रावास में एक महिला को नशीला पदार्थ देकर बलात्कार करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि महिला पेशे से क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट है।
एफआईआर के अनुसार, पीड़िता को आरोपी छात्र ने “परामर्श सत्र” के लिए बुलाया था। वहाँ उसे कथित तौर पर पिज़्ज़ा और पानी दिया गया, जिसके बाद वह बेहोश हो गई। होश में आने पर उसने पाया कि उसके साथ यौन उत्पीड़न हो रहा है। हरिदेवपुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई और आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (बलात्कार) और 123 (ज़हर या अन्य तरीकों से चोट पहुँचाने का इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
—पीड़िता के पिता का दावा: “बलात्कार नहीं हुआ”
मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब पीड़िता के पिता ने मीडिया को बताया कि उनकी बेटी ऑटो रिक्शा से गिरने के बाद बेहोश हो गई थी और उसे एसएसकेएम अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा, “मेरी बेटी ने बताया कि कोई उत्पीड़न नहीं हुआ था। पुलिस ने खुद उसे कुछ लिखने के लिए कहा था और उसने वही लिखा। वह ठीक है और आराम कर रही है।”
उनके अनुसार, बेटी आरोपी को नहीं जानती थी और वह केवल एक दस्तावेज़ जमा करने गई थी।
—आरोपी की माँ ने कहा – “मेरा बेटा ऐसा कुछ नहीं कर सकता”
आरोपी महावीर की माँ ने एएनआई को बताया, “मेरा बेटा निर्दोष है। वह इतनी दूर पढ़ाई करने आया है। उसके दोस्त ने रात में उसे बताया कि पुलिस ने उसे हिरासत में लिया है, लेकिन हमें कारण नहीं पता। हम कोलकाता में नए हैं, हमें कुछ समझ नहीं आ रहा। मेरा बेटा ऐसा गंदा काम नहीं कर सकता।”
—आईआईएम कलकत्ता की प्रतिक्रिया: कड़ी कार्रवाई और जाँच में सहयोग
आईआईएम के प्रभारी निदेशक प्रो. सैबल चट्टोपाध्याय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि संस्थान इस घटना को ‘बेहद गंभीरता’ से ले रहा है और पुलिस जाँच में पूरा सहयोग कर रहा है।
प्रो. चट्टोपाध्याय ने कहा :
- “आईआईएम कलकत्ता ऐसी घटनाओं के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति रखता है और हम निष्पक्ष जाँच और संस्थागत प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं।”
—राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और बयान
टीएमसी महासचिव कुणाल घोष ने कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण करना अभी जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा, “पुलिस को स्वतंत्र रूप से जाँच करने की अनुमति दी जानी चाहिए। दोषियों को सज़ा मिलनी चाहिए, लेकिन बिना तथ्यों के किसी को भी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।”
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि वह आईआईएम निदेशक से बात करेंगे और राज्य पुलिस से निष्पक्ष जाँच की उम्मीद करेंगे।
विपक्षी दलों कांग्रेस और सीपीएम ने आरोप लगाया कि यह घटना पश्चिम बंगाल में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को दर्शाती है।
—कानूनी प्रक्रिया और अदालती सुनवाई
आरोपी को शनिवार (12 जुलाई) को कोलकाता की अलीपुर अदालत में पेश किया गया, जहाँ अभियोजन पक्ष ने 25 जुलाई तक पुलिस रिमांड की माँग की, जबकि अदालत ने 19 जुलाई तक रिमांड मंजूर कर ली।
—पृष्ठभूमि और संदर्भ : महिला सुरक्षा पर सवाल
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब दो हफ़्ते पहले ही कोलकाता के साउथ लॉ कॉलेज में 24 वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार की खबर सामने आई थी। उस मामले में अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और एक एसआईटी का गठन किया गया है।
—एनसीआरबी आँकड़े : कोलकाता में बलात्कार के मामले
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के 2023 के आँकड़ों के अनुसार, कोलकाता में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में 18% की वृद्धि दर्ज की गई है। अकेले 2023 में कोलकाता में लगभग 280 बलात्कार के मामले दर्ज किए गए, जो देश के अन्य महानगरों की तुलना में चिंताजनक स्थिति दर्शाता है।
—आगे क्या प्रश्न हैं ?
महिला बिना आगंतुक रजिस्टर में दर्ज किए आईआईएम परिसर में कैसे प्रवेश कर गई?
क्या छात्रावास में सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है?
क्या महिला की मेडिकल रिपोर्ट में यौन शोषण की पुष्टि हुई है?
क्या पुलिस ने जाँच में जल्दबाजी की?
निष्कर्ष :
आईआईएम कलकत्ता में कथित बलात्कार मामले ने न केवल इस प्रतिष्ठित संस्थान पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि देश में महिला सुरक्षा की स्थिति पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। एक ओर जहाँ संस्थान और पुलिस गंभीरता से जाँच में लगे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर मामले के विरोधाभासी बयानों ने मामले को और उलझा दिया है।
इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष जाँच ज़रूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके और अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो उसे कड़ी सज़ा मिले। साथ ही, मीडिया और समाज को भी किसी भी निष्कर्ष पर पहुचने से पहले तथ्यों और जांच का इंतज़ार करना चाहिए।
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Author: Swatantra Vani
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