टीसीएस(TCS) वेतन वृद्धि में गिरावट क्यों है? सुधार बढ़ा लेकिन कर्मचारियों की जेब खाली!
देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी (TCS) ने पहली तिमाही (Q1) के शानदार नतीजे पेश किए हैं- मुनाफ़ा बढ़ा है, रेवेन्यू बढ़ा है, बढ़त भी हुई है। लेकिन अगर कुछ भी बढ़ाया नहीं गया, तो वह कर्मचारियों की तनख्वाह है।

TCS का ख़ुलासा: “वेतन वृद्धि? अभी कोई फ़ीसला नहीं”
10 जुलाई 2025 को Q1 के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई जिसमें कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिलिंद लाकड़ ने साफा कहा:
- “वेतन वृद्धि को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।”
इस घोषणा ने 6 लाख से अधिक कर्मचारियों को निराश कर दिया, खासकर तब जब कंपनी ने ₹12,760 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया – पिछले साल का लाभ इसी तिमाही से 6% अधिक।
कंपनी की माली हालत: सब कुछ ठीक है!
- नेट प्रॉफिट: ₹12,760 करोड़ (पिछले साल Q1 में ₹12,040 करोड़)
- ऑपरेशनल रेवेन्यू: ₹63,437 करोड़ (1.3% की वृद्धि)
- कर्मचारी संख्या: 607,979 से बढ़कर 613,069
- नई भर्तियाँ: 5,000+ नई भर्तियाँ
तीन शानदार प्रदर्शन के बावजूद वेतन वृद्धि का निर्णय “फिलहाल नहीं” – यह निर्णय प्रस्ताव में रखा गया है।
पहले भी था यही हाल: Q4 में भी था वृद्धि वेतन
पिछली तिमाही यानी FY2024-25 की चौथी तिमाही में भी कंपनी ने यही कहा था कि “अनिश्चित व्यावसायिक माहौल” के कारण वेतन वृद्धि में बढ़ोतरी हो रही है। उस वक्त मिलिंद लकड ने भी कहा था:
“साल भर में कभी भी वेतन वृद्धि की जा सकती है, यह व्यापार पर प्रतिबंध है।”
अब प्रश्न है: क्या टीसीएस के लिए अब भी मंदी इतनी अनिश्चित है, जब घोषणा और घाटे दोनों में ही वृद्धि हो रही है?
एट्रिशन रेट बढ़ा, पर वेतन नहीं!
एक और किशोर वाली बात- टीसीएस में एट्रिशन रेट यानी कर्मचारियों की कंपनी से छुट्टी की दर अब 13.8% तक पहुंच गई है, जो कि पिछली तिमाही के 13.3% से भी ज्यादा है। इस कंपनी की ‘कम्फर्ट लिमिट’ 13% से ऊपर है।
“हम इसे कम करने की कोशिश कर रहे हैं,” – मिलिंद लक्कड़
सवाल ये है: क्या वेतन वृद्धि ना करना एट्रिशन को और नहीं बढ़ाया जाएगा?
कर्मचारी क्या सोच रहे हैं ?
6 लाख से अधिक कर्मचारियों में से कई लोगों का कहना है कि वे अन्य कंपनियों के अधिकारियों की नियुक्ति की तलाश कर रहे हैं। कुछ ने तो सोशल मीडिया पर यह भी लिखा:
- “जब कंपनी के पास वेतन वृद्धि के लिए पैसा है, तो कर्मचारियों की तनख्वाह के लिए क्यों नहीं?”
दूसरी तरफ कंपनी दे रही है डिविडेंड
टीसीएस ने Q1 कंपनी के साथ ₹11 प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश भी घोषित किया है। इसका सीधा मतलब यह है कि कर्मचारियों को खुश किया जा रहा है, जबकि कर्मचारियों का चयन अधूरा है।
आईटी सेक्टर का हाल
भारतीय आईटी सेक्टर देश की इंडस्ट्री के बिजनेसमैन का भुगतान किया गया है:
FY2021-22 में रेस्तरां $227 तक पहुंच गया
FY23 में यह $245 में एलिज़ाबेथ का कार्टून शूट किया गया था
FY2025 तक भारतीय सॉफ्टवेयर उत्पाद उद्योग $100 तक पहुंचने की उम्मीद है
2026 तक 1.4 करोड़ नई वोट बनेंगी
क्लाउड, आर्किटेक्चर और डिजिटल आर्किटेक्चर में निवेश लगातार बढ़ रहा है
ऐसे में टीसीएस में दिग्गजों द्वारा वेतन वृद्धि न करना कई विशेषज्ञों को आश्चर्यचकित कर रहा है।
विश्लेषण: टीसीएस क्या सोच रही है?
कुछ कारण:
1. मंदी की आपदा: अमेरिका और यूरोप की अर्थव्यवस्था में गिरावट
2. दावा बनाम लागत: नियंत्रण कम लागत में अधिक प्रतिकूल लाभ की नीति
3. हेयरिंग की विशेषता: नई प्रतिभा लाना, पुराने कर्मचारियों को प्रोमोट करने से पहले
4. तनाव में तनाव: तनाव बढ़ने से और तनाव का दबाव
लेकिन इन तर्कों के बावजूद सवाल यही है- अगर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं तो कर्मचारी नाख़ुश क्यों?
निष्कर्ष: मान्यता की परीक्षा
टीसीएस वर्षों से मजबूत अपने पोर्टफोलियो शेयरधारक और कर्मचारी-अनुकूल प्रबंधन के लिए जाना जाता है। लेकिन तय सीमा में वेतन वृद्धि को लेकर असमंजस ने कर्मचारियों की उम्मीदों को झटका दिया है।
(खबरों के लाइव अपडेट और विस्तृत विश्लेषण के लिए स्वतंत्र वाणी पर बने रहें।)
Author: Swatantra Vani
“स्वतंत्र वाणी” – जहाँ सच की आवाज़ कभी दबती नहीं। स्वतंत्र वाणी एक स्वतंत्र ऑनलाइन समाचार और ब्लॉग मंच है, जिसका उद्देश्य है पाठकों तक सही, निष्पक्ष और ताज़ा जानकारी पहुँचाना। यहाँ राजनीति, शिक्षा, तकनीक, स्वास्थ्य, मनोरंजन, खेल और लाइफ़स्टाइल से जुड़ी हर महत्वपूर्ण ख़बर और जानकारी आसान भाषा में प्रस्तुत की जाती है। हम मानते हैं कि सच्चाई कभी दबाई नहीं जा सकती, इसलिए हमारा हर लेख और ख़बर तथ्यों पर आधारित होती है, ताकि पाठकों तक भरोसेमंद और निष्पक्ष पत्रकारिता पहुँच सके।










