नीरज चोपड़ा क्लासिक 2025: नीरज चोपड़ा ने रचा नया इतिहास, 86.18 मीटर थ्रो के साथ जीता स्वर्ण पदक –
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5 जुलाई को बेंगलुरु के श्री कांतीरवा स्टेडियम में एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला जब नीरज चोपड़ा क्लासिक 2025 का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। भारत में आयोजित पहले विश्व एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर गोल्ड लेवल इवेंट में भारतीय ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने न केवल इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी की, बल्कि दमदार प्रदर्शन करते हुए खिताब भी अपने नाम किया।
इस इवेंट ने भारतीय एथलेटिक्स को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया। इस इवेंट में दुनिया के कई दिग्गज भाला फेंक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, लेकिन नीरज ने 86.18 मीटर की दूरी तय करके एक बार फिर साबित कर दिया कि वे इस खेल के बेताज बादशाह हैं।
—नीरज चोपड़ा का शानदार प्रदर्शन
नीरज चोपड़ा क्लासिक 2025 में नीरज चोपड़ा की शुरुआत थोड़ी निराशाजनक रही, क्योंकि उनका पहला थ्रो फाउल रहा, जिससे दर्शकों के चेहरे पर चिंता की लकीरें दिखने लगीं। हालांकि, उन्होंने दूसरे प्रयास में शानदार वापसी करते हुए 82.99 मीटर दूर भाला फेंका और प्रतियोगिता में बढ़त हासिल कर ली। तीसरे प्रयास में जब श्रीलंका के रमेश पथिरगे ने 84.34 मीटर भाला फेंककर उन्हें पीछे छोड़ दिया तो नीरज ने तुरंत जवाब दिया और 86.18 मीटर की दूरी पार कर फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर लिया।
इसके बाद उन्होंने पांचवें प्रयास में 84.07 मीटर और छठे प्रयास में 82.22 मीटर भाला फेंका। हालांकि उनका तीसरा प्रयास विजयी थ्रो साबित हुआ। तेज हवाओं और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद जिस एकाग्रता और ऊर्जा के साथ नीरज ने भाला फेंका, उसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
— जूलियस येगो और रमेश पथिरगे का संघर्ष
केन्या के अनुभवी भाला फेंक खिलाड़ी और 2016 ओलंपिक के रजत पदक विजेता जूलियस येगो ने एक बार फिर अपने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने चौथे प्रयास में 84.51 मीटर दूर भाला फेंकते हुए प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त किया और अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का परिचय दिया।
वहीं, श्रीलंका के पूर्व अंडर-16 क्रिकेटर रमेश पथिरगे ने तीसरे प्रयास में 84.34 मीटर का थ्रो कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। इन दोनों खिलाड़ियों ने नीरज को कड़ी टक्कर दी और प्रतियोगिता को रोमांचक बनाए रखा।
—भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन
इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत से कुल 5 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। नीरज चोपड़ा के अलावा अन्य भारतीयों का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा।
खिलाड़ी बेस्ट थ्रो पोजिशन –
नीरज चोपड़ा 86.18 मीटर 1
सचिन यादव 82.33 मीटर 4
यशवीर सिंह 79.65 मीटर 8
साहिल सिलवाल 78.25 मीटर (अनौपचारिक) 10
रोहित यादव फाउल अटेम्प्ट –
सचिन यादव ने इस प्रतियोगिता में चौथा स्थान प्राप्त कर देश का नाम रोशन किया। उनका प्रदर्शन 82.33 मीटर रहा, जो बेहद सराहनीय रहा। वहीं, यशवीर सिंह ने 79.65 मीटर थ्रो कर आठवां स्थान प्राप्त किया। इन युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने दिखा दिया कि भारत में भाला फेंक में भविष्य की बड़ी ताकत है।
—अंतर्राष्ट्रीय सितारे और आयोजन की भव्यता
इस आयोजन में थॉमस रोहलर (जर्मनी), कर्टिस थॉम्पसन (यूएसए), लुइज़ मौरिसियो दा सिल्वा (ब्राजील) और मार्टिन कोनेकनी (चेक गणराज्य) जैसे दुनिया भर के कई प्रसिद्ध थ्रोअर भी शामिल हुए। हालांकि, ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स और भारत की किशोरी जेना चोट के कारण इस आयोजन में भाग नहीं ले सकीं।
इस आयोजन की खास बात यह थी कि यह भारत में आयोजित पहला विश्व एथलेटिक्स गोल्ड स्टेटस इवेंट था। इसका आयोजन JSW स्पोर्ट्स, एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और खुद नीरज चोपड़ा के संयुक्त प्रयासों से किया गया था। पहले यह आयोजन हरियाणा के पंचकूला में होना था, लेकिन बाद में इसे बेंगलुरु के श्री कांतीरवा स्टेडियम में स्थानांतरित कर दिया गया।
—आयोजन की सफलता और दर्शकों की भागीदारी
इस आयोजन में 14,500 से अधिक दर्शक मौजूद थे, जिन्होंने भारतीय खिलाड़ियों खासकर नीरज चोपड़ा का भरपूर समर्थन किया। स्टेडियम ‘नीरज-नीरज’ और ‘इंडिया-इंडिया’ के नारों से गूंज उठा। 80 मीटर के निशान को पार करने वाले हर थ्रो पर दर्शकों ने तालियां बजाईं।
यह आयोजन इस बात का जीता जागता सबूत है कि अगर भारत में एथलेटिक्स को सही तरीके से पेश किया जाए तो दर्शकों की दिलचस्पी और भागीदारी किसी भी अन्य खेल से कम नहीं होगी।
—एक बेहतरीन होस्ट: नीरज चोपड़ा
नीरज चोपड़ा न केवल इस आयोजन के विजेता रहे, बल्कि एक बेहतरीन होस्ट भी साबित हुए। उन्होंने आयोजन से पहले हर पहलू पर नज़र रखी – चाहे वह मैदान की स्थिति हो या भाला फेंकने की तैयारी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की सुविधा सुनिश्चित की और भारतीय खिलाड़ियों को भी प्रेरित किया।
खेल के बाद भी, नीरज ने खुद मंच पर मौजूद खिलाड़ियों को पानी की बोतलें दीं और रमेश पथिरगे के अंग्रेजी में बोलने के झिझकने वाले प्रयास को प्रोत्साहित भी किया। उन्होंने जूलियस येगो से सुझाव भी लिए कि भविष्य में इस आयोजन को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है।
—निष्कर्ष :
नीरज चोपड़ा क्लासिक 2025 भारतीय एथलेटिक्स के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। इस आयोजन ने साबित कर दिया कि भारत में अंतरराष्ट्रीय स्तर के ट्रैक और फील्ड इवेंट की मेजबानी करने की क्षमता है। नीरज चोपड़ा के 86.18 मीटर थ्रो ने एक बार फिर दुनिया को दिखा दिया कि वह इस खेल में सर्वश्रेष्ठ हैं।
जूलियस येगो, रमेश पथिरगे, सचिन यादव और यशवीर सिंह जैसे नामों ने इस आयोजन को रोमांचक बना दिया। यह भारत में एथलेटिक्स के भविष्य के लिए एक प्रेरणादायक शुरुआत है।
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Author: Swatantra Vani
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