2025-26 तक ITR पर प्रतिबंध नहीं होगा

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परिचय : ITR फाइलिंग में तेजी लेकिन अप्रूवल पर रोक – 

वित्त वर्ष 2024-25 के लिए असेसमेंट वर्ष 2025-26 (AY 2025-26) की इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग मई 2025 के अंत से शुरू हो चुकी है। अब तक 75 लाख से ज्यादा आईटीआर फाइल हो चुके हैं और इनमें से करीब 71.1 लाख रिटर्न ई-वेरिफाई भी जा चुके हैं। इसके बावजूद, रसायन विज्ञान विभाग ने एक नया रुख अपनाया है, जिससे टैक्सपियर्स के बीच चिंता का विषय बना हुआ है – इस बार टैक्स पाउडर मिश्रण में देरी हो सकती है।

— मित्रो में देरी का कारण क्या है ?

क्रिएचर्स विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक ग्राहकों के टैक्स रिटर्न और अपार्टमेंट असेंमेंट की पूरी तरह से जांच नहीं की जाएगी, तब तक कोई भी नया आईटीआर जारी नहीं किया जाएगा। यह निर्णय फ़्यूरीफाइड बंधक दावों पर रोक लगाने के उद्देश्य से लिया गया है।

विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में पुराने वर्षों में टैक्सपेयर्स में गलत जानकारी दर्ज की गई या फिर फर्जी खर्च के अनुसार सामान हासिल करने की कोशिश की गई। इस रिवार्ड पर पुनर्विचार के लिए विभाग ने पोर्टफोलियो प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोका है और सभी नए आईटीआर की समीक्षा पूरी होने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।

—यह निर्णय सभी टैक्सपेयर्स पर क्या लागू होगा ?

जी हाँ, यह निर्णय सभी ग्रेड के टैक्सपेयर्स पर लागू होगा—चाहे वह क्लास क्लास हो, फ्रीलांसर हो, प्रोफेशनल हो या फिर बिग ऑनर। किसी भी टैक्सपेयर को तब तक कोई टैक्स नहीं देना चाहिए जब तक विभाग यह सुनिश्चित न कर ले कि उस व्यक्ति ने वर्षों तक किसी भी प्रकार का टैक्सपेयर नहीं किया है।

टैक्स विशेषज्ञ का कहना है कि यह कदम भले ही अस्थायी रूप से टैक्सपेयर्स को नुकसान पहुंचाता है, लेकिन दीर्घकाल में यह टैक्स सिस्टम की सलाह और नौकरी के लिए होगा।

—आंकड़ों की बात करें तो…

कृषि विभाग की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार:

अब तक 75 लाख से ज्यादा ITR फाइल हो चुकी हैं।

इनमें से 71.1 लाख आईटीआर ई-वेरिफाई हो चुके हैं।

हालाँकि, इस बार की वेबसाइट पर ITR स्टॉक की संख्या दिखाई नहीं दे रही है, जबकि पहले यह डेटा नियमित रूप से अपडेट हुआ था।

नीचे वेबसाइट की स्क्रीन दी गई है, जिसमें देखा जा सकता है कि अब “आईटीआर प्रोसेस्ड” सेक्शन खाली है।

—टैग अमेरीका में तकनीकी परिवर्तन

हेल्थकेयर विभाग पिछले कुछ वर्षों से सेलेस एसेसमेंट और ऑटोमेटेड आर्केड की ओर बढ़ रहा है। लेकिन इस बार सिस्टम में एक स्थिरता देखी जा रही है। ऐसा लगता है कि विभाग की नागरिकता की जांच को प्राथमिकता दी जा रही है, खासकर उन मामलों में जहां टैक्स क्लेम हैं या पिछले वर्षों के बड़े रिटर्न बेकार हैं।

विभाग के दस्तावेजों के अनुसार, अब हर रिटर्न को फाइलिंग के बाद अप्रूव करने से पहले कुछ फर्जी पर जांच की जा रही है जैसे:

पिछले वर्षों में कर भुगतान की स्थिति

पुराने आईटीआर में दिए गए दावे

लंबित एसेसमेंट और प्लांटिनी मोतिनी

बैंक ट्रांजेक्शन और फॉर्म 26एएस की तुलना

—फ़र्ज़ी फ़्यूरी क्लेम की तीक्ष्णता और विभाग की विशिष्टता

पिछले कुछ वर्षों में अर्थशास्त्र विभाग को कई ऐसे मामले मिले हैं जिनमें टैक्सपेयर्स ने बंधक ऋण खर्च या डिसीजन ली गई क्लेम और फैट शेयर ले लिए हैं। उदाहरण के लिए, कुछ लोग एचआरए, सेक्शन 80सी और मेडिकल एक्सपेंस जैसे कटौतियों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते हैं।

इसके अलावा, कुछ टैक्स कंसल्टेंट्स टैक्सपेयर्स को अधिक परमिट दिलवाने के लालच में गलत वारंट रिटर्न फाइल करवा देते हैं।

सभी पहलुओं से विभाग ने इस बार एक ठोस रुख का मिलान किया है और “रिफंड बाद में, जांच पहले” की नीति लागू की है।

— टैक्सपेयर्स के लिए सुझाव: इस परिस्थिति में क्या करें ?

यदि आपने इस बार अपना आईटीआर फाइल कर दिया है और आवेदन पत्र की प्रतीक्षा कर रहे हैं, तो आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। नीचे दिए गए पॉइंट का पालन करें:

1. अपने पुराने आईटीआर और टैक्स रिकॉर्ड की समीक्षा करें:
पिछले 2-3 वर्षों के आईटीआर, फॉर्म 26एएस और एआईएस/टीआईएस सारांश देखें और सुनिश्चित करें कि कोई गड़बड़ी तो नहीं है।

2. वर्तमान आईटीआर में सही जानकारी भरें:
ग़लत क्लेम, फ़र्ज़ी डि लाइक या ओवरस्टेटेड लागत से छूट।

3. ई-वेअर दोस्ती समय पर करें:
कई बार टैक्सपेयर आईटीआर तो फाइल कर देते हैं लेकिन ई-वेर अकाउंट में देरी कर देते हैं जो कि बिजनेस में शामिल हो जाते हैं।

4. क्रेजी पोर्टल पर नियमित लॉगिन करें:
अपना स्टेटस चेक करते रहें। अगर कोई नोटिफिकेशन या प्लांटिनी आती है तो तुरंत जवाब दें।

—यह निर्णय कर प्रणाली के लिए क्या होगा ?

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि इस फैसले से कंपनी में गिरावट जरूर आएगी, लेकिन यह टैक्स चोरी पर रोक लगाने के लिए एक मजबूत कदम है। यदि सही तरीकों को लागू किया गया है, तो इससे न केवल राजस्व संग्रह संग्रह होगा, बल्कि करदाताओं का भी निर्धारण होगा।

टैक्स सलाहकारों की सलाह है कि विभाग को एक स्वायत्त और विटाल सिस्टम तैयार करना चाहिए जिससे टैक्सपेयर्स को यह पता चल सके कि उनकी फार्मूला फाइलिंग चरण पर है।

–निष्कर्ष:  डॉक्टर बनाम शीघ्रता

इस बार चिकित्सा विभाग ने शल्य चिकित्सा विभाग के बजाय प्रयोगशाला और जांच को तरजीह दी है। भले ही टैक्सपेयर्स को भरोसा करना पड़े, लेकिन यह टैक्स सिस्टम में विश्वसनीयता लाने के लिए एक आवश्यक कदम है।

इसलिए अगर आपने AY 2025-26 के लिए ITR फाइल किया है और अब तक स्टॉक नहीं किया है, तो चिंता न करें। यह एक कैटलॉग प्रक्रिया का हिस्सा है। अपना टैक्स संग्रह साक्षा दस्तावेज़, सभी दस्तावेज़ तैयार करें और विभाग की दिशा-निर्देशों का ध्यान रखें।

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Swatantra Vani
Author: Swatantra Vani

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