केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के चेयरमैन रवि अग्रवाल का कार्यकाल बढ़ा : वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी 2026 तक कर प्रशासन का नेतृत्व करेंगे
नई दिल्ली:- केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए रवि अग्रवाल को एक वर्ष के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) का चेयरमैन फिर से नियुक्त किया है। इस नियुक्ति से यह स्पष्ट है कि सरकार कर प्रशासन में स्थिरता और कुशल नेतृत्व को प्राथमिकता दे रही है। यह निर्णय कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने लिया है, जिसके अनुसार रवि अग्रवाल 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2026 तक या अगले आदेश तक चेयरमैन के पद पर कार्य करेंगे।

कौन हैं रवि अग्रवाल ?
रवि अग्रवाल 1988 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी हैं, जिनकी गिनती देश के सबसे अनुभवी और नीति-निर्देशक अधिकारियों में होती है। वे आयकर विभाग में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं और कर प्रशासन के हर पहलू की उन्हें गहरी समझ है।
जुलाई 2023 में उन्हें CBDT का सदस्य (प्रशासन) नियुक्त किया गया और जून 2024 में उन्होंने नितिन गुप्ता (1986 बैच के IRS) से CBDT के चेयरमैन का पदभार संभाला। अपने एक साल के कार्यकाल के दौरान रवि अग्रवाल ने कर प्रणाली को सरल बनाने और इसे करदाताओं के अनुकूल बनाने के लिए कई प्रयास किए हैं।
अनुबंध आधारित पुनर्नियुक्ति
सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि रवि अग्रवाल की यह नियुक्ति अनुबंध के आधार पर की गई है और केंद्र सरकार के पुनर्नियुक्त अधिकारियों के लिए निर्धारित सामान्य सेवा शर्तें इस पर लागू होंगी। साथ ही, भर्ती नियमों में छूट देकर यह नियुक्ति की गई है।
CBDT में रवि अग्रवाल की भूमिका
CBDT यानी केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड भारत सरकार का सर्वोच्च निकाय है जो प्रत्यक्ष करों (जैसे आयकर) से संबंधित नीतियां बनाता है और उनके कार्यान्वयन की निगरानी करता है। इसके अध्यक्ष के रूप में रवि अग्रवाल की ज़िम्मेदारियाँ सिर्फ़ नीति निर्माण तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे वित्त मंत्रालय को सलाह देने, वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति/स्थानांतरण, करदाताओं की शिकायतों का समाधान करने और अंतरराष्ट्रीय कर मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने जैसे कार्य भी करते हैं।
“विश्वास-आधारित कर प्रशासन” पहल
रवि अग्रवाल के नेतृत्व में CBDT ने कर प्रशासन को “विश्वास-आधारित” बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं। इस मॉडल का उद्देश्य करदाताओं के साथ एक भरोसेमंद रिश्ता बनाना है, ताकि वे स्वेच्छा से अपने कर दायित्वों का पालन करें।
“विवाद से विश्वास योजना” की सफलता
2024 में, रवि अग्रवाल के कार्यकाल के दौरान, CBDT ने “विवाद से विश्वास योजना” को लागू किया, जिसका उद्देश्य अपील में लंबित कर विवादों को खत्म करना था। इस योजना को करदाताओं से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। फरवरी 2025 के बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि लगभग 33,000 करदाताओं ने इस योजना का लाभ उठाया।
यह योजना करदाताओं और कर विभाग के बीच विश्वास बहाल करने में महत्वपूर्ण साबित हुई है और इसका श्रेय काफी हद तक रवि अग्रवाल की दूरदर्शी सोच को दिया जा सकता है।
नए आयकर कानून का मसौदा
नए आयकर विधेयक को तैयार करने वाली टीम का नेतृत्व भी रवि अग्रवाल ही कर रहे हैं। मौजूदा आयकर कानून को जटिल और लंबा माना जाता है, इसलिए सरकार चाहती है कि नया कानून सरल, स्पष्ट और संक्षिप्त हो। कहा जा रहा है कि नया कानून मौजूदा कानून से आधा ही लंबा होगा, जिससे न सिर्फ करदाताओं को इसे समझने में आसानी होगी, बल्कि कर अधिकारियों को इसे लागू करने में भी आसानी होगी।
मसौदा फिलहाल संसद की स्थायी समिति के पास विचाराधीन है
बजट 2025-26 में मध्यम वर्ग को राहत
रवि अग्रवाल के कार्यकाल में तैयार किए गए केंद्रीय बजट 2025-26 में सरकार ने मध्यम आय वर्ग को आयकर में बड़ी राहत देने की घोषणा की थी। इस राहत के कारण अनुमानित ₹1 लाख करोड़ का राजस्व छूट गया है, लेकिन सरकार को भरोसा है कि इससे उपभोग, आर्थिक वृद्धि और राजस्व संग्रह में वृद्धि होगी।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की भूमिका
रवि अग्रवाल OECD और संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे विदेशी कर और कर अनुसंधान विभाग की देखरेख करते हैं और भारत की अंतरराष्ट्रीय कर नीतियों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति और प्रशासनिक नेतृत्व
वरिष्ठ प्रशासक के रूप में रवि अग्रवाल विभाग के शीर्ष अधिकारियों की नियुक्तियों, तबादलों और प्रशासनिक निर्णयों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी नेतृत्व क्षमता ने आयकर विभाग में स्थिरता और पेशेवर कार्य संस्कृति को मजबूत किया है।
रॉ प्रमुख की नियुक्ति के साथ अन्य घोषणाएं
सीबीडीटी प्रमुख की पुनर्नियुक्ति के साथ ही केंद्र सरकार ने एक और महत्वपूर्ण नियुक्ति की घोषणा की है। 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी पराग जैन को कैबिनेट सचिवालय के तहत अनुसंधान और विश्लेषण विंग (रॉ) का सचिव नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति दो साल के लिए की गई है।
निष्कर्ष : रवि अग्रवाल का अनुभव ताकत बन गया
रवि अग्रवाल की पुनः नियुक्ति इस बात का संकेत है कि सरकार कर प्रशासन में अनुभव और स्थिरता को महत्व देती है। उनके प्रशासनिक कौशल, करदाताओं के साथ भरोसेमंद संबंध बनाने की दूरदर्शिता और कर सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता उन्हें एक सक्षम और प्रभावी नेता बनाती है।
आने वाले वर्ष में, रवि अग्रवाल नए आयकर कानून, कर विवाद समाधान और कर आधार को व्यापक बनाने जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भारत को नई दिशा की ओर ले जाएंगे। उनकी भूमिका न केवल प्रत्यक्ष कर प्रशासन को मजबूत करेगी बल्कि भारत के आर्थिक भविष्य को आकार देने में भी मदद करेगी।
(खबरों के लाइव अपडेट और विस्तृत विश्लेषण के लिए स्वतंत्र वाणी पर बने रहें।)
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Author: kamalkant
कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।










