तमिल अभिनेता श्रीकांत ड्रग्स मामले में गिरफ्तार: ₹4.72 लाख की कोकीन की खरीद और तस्करी से जुड़े तार, बेंगलुरु से चेन्नई तक फैले ड्रग सिंडिकेट के राज –
चेन्नई की एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में उस समय हड़कंप मच गया जब लोकप्रिय तमिल अभिनेता श्रीकांत को ड्रग्स से जुड़े एक गंभीर मामले में गिरफ्तार किया गया। कभी तमिल और तेलुगु सिनेमा में अपनी रोमांटिक भूमिकाओं से दर्शकों का दिल जीतने वाले श्रीकांत आज ड्रग्स मामले में सलाखों के पीछे हैं। चेन्नई पुलिस ने अभिनेता को कोकीन खरीदने और उसका इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार किया है और अब जांच लगातार तेज हो रही है।

कैसे फंस गए तमिल अभिनेता श्रीकांत ड्रग्स के जाल में ?
तमिल अभिनेता श्रीकांत को सोमवार सुबह चेन्नई के नुंगमबक्कम इलाके से ड्रग्स खरीदने और उसका सेवन करने के आरोप में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान उनकी ब्लड रिपोर्ट में ड्रग्स लेने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने श्रीकांत के घर पर छापा मारा, जहां से थोड़ी मात्रा में कोकीन भी बरामद हुई।
बवाल और परतें खुलीं
मामले की शुरुआत एक पब में हुए झगड़े से हुई। इस झगड़े के सिलसिले में AIADMK के पूर्व IT विंग के सदस्य टी. प्रसाद को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने जब उनसे गहन पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वह भी ड्रग्स की सप्लाई में शामिल थे और उन्होंने तमिल अभिनेता श्रीकांत को भी कोकीन बेची थी। इसके बाद जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई और अभिनेता श्रीकांत निशाने पर आ गए।
₹4.72 लाख का डिजिटल ट्रांजेक्शन
तमिल अभिनेता श्रीकांत के मोबाइल फोन से ड्रग्स खरीदने के सबूत मिले, जिसमें उन्होंने गूगल पे के जरिए ₹4.72 लाख का भुगतान किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने करीब 40 बार कोकीन खरीदी, जिसकी कीमत ₹12,000 प्रति ग्राम थी।
ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि बेंगलुरु से चेन्नई तक कोकीन की सप्लाई की जाती थी। इस नेटवर्क में प्रदीप कुमार उर्फ प्राडो और जॉन नाम के दो लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। जॉन घाना का नागरिक है और उसके पास से 11 ग्राम कोकीन बरामद की गई। ये लोग 7,000 रुपये प्रति ग्राम के हिसाब से कोकीन खरीदते थे और 12,000 रुपये में बेचते थे। इन लोगों द्वारा तमिल अभिनेता श्रीकांत को कोकीन की आपूर्ति की जाती थी। पुलिस का कहना है कि अभिनेता इन ड्रग सप्लायरों के नियमित संपर्क में था और कई बार उसने सीधे उनसे संपर्क कर ड्रग मंगवाया था।
मेडिकल जांच में ड्रग की पुष्टि श्रीकांत को मेडिकल जांच के लिए राजीव गांधी सरकारी सामान्य अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी रक्त रिपोर्ट में कोकीन के अंश पाए गए। पहले वह जांच में सहयोग कर रहा था, लेकिन मेडिकल पुष्टि के बाद पुलिस ने उसे एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया। तमिलनाडु पुलिस का बयान तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक शंकर जीवल ने कहा, “तमिलनाडु ड्रग उत्पादक राज्य नहीं है, बल्कि तस्करी का शिकार हो रहा राज्य है।” उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में ड्रग्स की समस्या को गंभीरता से लिया जा रहा है और सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। विपक्ष का हमला हालांकि विपक्षी दल राज्य सरकार की इन दलीलों को मानने को तैयार नहीं हैं। विपक्ष का कहना है कि राज्य में ड्रग्स की उपलब्धता बहुत आसान हो गई है और युवा इसके शिकार बन रहे हैं। तमिल अभिनेता श्रीकांत की गिरफ्तारी ने इन आरोपों को और पुख्ता कर दिया है।
अभिनेता श्रीकांत का फिल्मी करियर
तमिल अभिनेता श्रीकांत ने साल 2002 में फिल्म ‘रोजा कूटम’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने ‘अप्रैल मदाथिल’, ‘पार्थिबन कनवु’, ‘ओकारिकी ओकारू’ और ‘नानबन’ जैसी हिट फिल्मों में काम किया। उन्होंने तमिल और तेलुगु दोनों ही इंडस्ट्री में अपनी खास पहचान बनाई और कई फिल्मफेयर और नंदी अवॉर्ड भी जीते। लेकिन अब ड्रग्स जैसे गंभीर मामले से नाम जुड़ने की वजह से श्रीकांत का पूरा करियर दांव पर लग गया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद से ही उनके कई प्रोजेक्ट मुश्किल में हैं।
एएनआईयू और चेन्नई पुलिस की कार्रवाई
इस मामले में चेन्नई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स इंटेलिजेंस यूनिट (एएनआईयू) की भूमिका काफी अहम रही है। कमिश्नर ए. अरुण के नेतृत्व में यह यूनिट लगातार शहर में फैले ड्रग्स नेटवर्क पर नजर रख रही है और ड्रग तस्करों के खिलाफ अभियान चला रही है। एएनआईयू के इनपुट पर प्रदीप और जॉन को गिरफ्तार किया गया, जिसमें तमिल अभिनेता श्रीकांत की संलिप्तता उजागर हुई।
मामला अभी भी जारी है
पुलिस अभी भी अभिनेता कृष्णा की तलाश कर रही है, जिसका नाम भी इस ड्रग्स मामले में सामने आया है। वह फिलहाल केरल में फरार बताया जा रहा है। साथ ही जांच अधिकारी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान कर रहे हैं।
निष्कर्ष :
तमिल अभिनेता श्रीकांत की गिरफ्तारी ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि मनोरंजन उद्योग में ड्रग्स का जाल कितना गहरा है। यह सिर्फ एक अभिनेता का पतन नहीं है, बल्कि एक कलाकार के तौर पर उनके मुरीद लाखों प्रशंसकों की उम्मीदों पर भी आघात है।
अब देखना यह है कि पुलिस की जांच किस दिशा में जाती है, श्रीकांत पर कौन सी धाराएं लगाई जाती हैं और उसे जमानत मिलती है या नहीं। लेकिन इतना तो तय है कि इस घटना ने तमिल फिल्म उद्योग में ड्रग्स के खतरे को उजागर कर दिया है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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Author: kamalkant
कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।










