डिजिटल भुगतान और वित्तीय समावेशन में अग्रणी भूमिका के लिए इंडिया पोस्ट पैलैट्स बैंक को मिला ‘डिजिटल पैलैट्स अकाउंट्स 2024- 25’
देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए इंडिया पोस्ट पैलेशंस बैंक (आईपीपीबी) को ‘डिजिटल पैवेलियन सपोर्ट 2024-25’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार भारत सरकार के वित्त मंत्री समूह और राज्य मंत्री (वित्त) पंकज चौधरी द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में एक समारोह के दौरान आयोजित किया गया।
यह सम्मान इस बात का प्रतीक है कि कैसे एक सरकारी निगम भी तकनीकी नवाचारों के माध्यम से ग्रामीण भारत तक डिजिटल स्केल को अंतिम रूप देने में सक्षम हो सकता है। साथ ही यह अवॉर्ड बैंक उन निरंतर प्रयासों का भी संचालक है जो रयान समाज के हर वर्ग को कमजोर और सक्षम बना रहा है।

भारत के सबसे प्रभावशाली लैपटॉप बैंक में से एक :
इंडिया पोस्टेड पैलेशंस बैंक ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के पैलेशंस बैंक स्टोर्स (प्रदर्शन सूचकांक) में पहला स्थान हासिल किया है। इसके अतिरिक्त, बैंक को वित्त वर्ष 2023-24 के लिए ‘स्पेशल इनशैक्शन’ से भी सम्मानित किया गया है।
यह उपलब्धि इस बात को लेकर है कि आईपीपीबी ने एक नागरिक-दर्शक, समावेशी और अलौकिक-आध्यात्मिक मॉडल का अनुकरण किया है, जो देश के सबसे अधिक नामांकित व्यक्ति से लेकर धार्मिक दर्शन तक की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
2 लाख से अधिक डाक सेवकों द्वारा संचालित डोरस्टेप मॉनिटरिंग
IPPB की सबसे बड़ी प्रकृति इसका डोरस्टेप मॉडल मॉडल है, जो 2 लाख से अधिक पोस्टमैन और ग्रामीण डाक सेवकों द्वारा संचालित होता है। इस मॉडल के माध्यम से बैंक ने उन क्षेत्रों तक के स्वामित्व वाले वाणिज्यिक नेटवर्क स्थापित किए हैं जहां अब तक डिजिटल नेटवर्क की एक कल्पना की गई थी।
आईपीपीबी के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ आर. विश्वेश्वरन ने पुरस्कार ग्रहण करते हुए कहा
“यह सम्मान हमारे उन सतत प्रयासों का है, जिनके माध्यम से डिजिटल वित्तीय सेवाओं को हर नागरिक के लिए आसान, समावेशी और विश्वसनीय बनाया गया है। हम इस पहचान पर गर्व करते हैं और हर भारतीय को सुरक्षित और नवोन्मेषी समाधान समाधान के लिए प्रदान करते हैं।”
ग्रामीण-शहरी नेटवर्क इंटरनैशनल की पहल
आईपीपीबी की स्थापना डाक विभाग, संचार मंत्रालय के अधीन है और इसका 100% मलेशिया भारत सरकार के पास है। इसका मूल उद्देश्य लोगों तक पहुंच स्थापित करना है जो अब तक ग्रामीण भारत से बाहर हैं।
डाक नेटवर्क का उपयोग करते हुए आईपीपीबी ने 1,65,000 डाक टिकट (जिनमें से 1,40,000 ग्रामीण इलाकों में हैं) और लगभग 3 लाख डाक कर्मचारियों की सहायता से देश के अंतिम छोर तक बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई हैं।
13 समुद्री तट में सेवा, 11 करोड़ ऑनलाइन सेवा
IPPB वर्तमान में 13 समुद्री तटों में से 11 करोड़ से अधिक समुद्र तट पर स्थित समुद्र और समुद्र तटों में उपलब्ध करा रहा है, जो 5.57 लाख समुद्र तटों और द्वीपों में फैले हुए हैं। यह एक उल्टा प्रयास है जो केवल वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देता है, बल्कि डिजिटल समावेशन को भी बढ़ावा देता है।
सरकार का “कैश-लाइट” डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में कदम
यह पुरस्कार आईपीपीबी की उल्लेखनीय भूमिका को दर्शाता है जिसमें भारत सरकार की “कैश-लाइट, डिजिटल रूप से राजनीति” अर्थव्यवस्था की कल्पना को साकार करने का प्रमुख माध्यम बनी हुई है।
आईपीपीबी का उद्देश्य केवल लेन-देन की सुविधा प्रदान करना नहीं है, बल्कि यह लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक लक्ष्य पहल भी है।
इंडिया पोस्ट पैलैट्स बैंक क्यों है खास ?
सरकार के 100% स्वामित्व में: यह एक सार्वजनिक क्षेत्र की शुरुआत है, स्वामित्व वाली निगरानी समिति के अधीन है।
देश का सबसे बड़ा डोरस्टेप इंटरनेट नेटवर्क: 2 लाख से अधिक डाक सेवक, घर-घर, ऑनलाइन बैंकिंग सेवा द्वारा।
डिजिटल फाइनेंस को बढ़ावा: ग्रामीण भारत में डिजिटल फाइनेंस के माध्यम से प्रौद्योगिकी आधारित समाधान लोकप्रिय बनाना।
सभी के लिए आसान विकल्प: 13 समुद्र में सरल और सहज इंटरमीडिएट।
लागत प्रभावी पासपोर्ट: न्यूनतम लागत पर सीमांत लागत।
आने वाले समय में क्या विवरण ?
आईपीपीबी का यह सम्मान भविष्य की ओर से मानक का संकेत है जहां सरकारी संस्थाएं भी तकनीक के माध्यम से समाज पर गहरा प्रभाव छोड़ सकती हैं। आने वाले समय में, आईपीपीबी की सेवाओं के बारे में और अधिक विस्तृत जानकारी दी जा सकती है – जैसे बीमा, ऋण, निवेश उत्पाद आदि – और इसके माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल योजनाओं के बारे में बताया जा सकता है।
निष्कर्ष :
आईपीपीबी की यह उपलब्धि न केवल एक सफलता है, बल्कि यह उस बदलाव का प्रतीक भी है जो भारत की वित्तीय प्रणाली में धीरे-धीरे आकार ले रहा है। एक ऐसा बदलाव जो समावेशी है, प्रौद्योगिकी-आध्यात्मिक है और हर भारतीय को रबर बनाने का संकल्प लिया गया है।
डिस्क्लेमर: इस लेख की जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए है। इसे वित्तीय सलाह या निवेश का सुझाव न समझा जाए। निवेश बाज़ार जोखिमों के स्वामित्व में है। किसी भी निवेश से पहले सरकारी वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना अनिवार्य है। इस लेख में दी गई जानकारी में पूरी तरह से अद्यतन, अधिसूचना या व्यापक जानकारी नहीं हो सकती है। कृपया किसी भी निवेश निर्णय से पूर्व स्वतंत्र विश्लेषण करें।
यदि आप क्रेडिट करते हैं, तो इस लेख के आधार पर एक ग्राफिक या सूचना ग्राफ भी तैयार किया जा सकता है, जिसे आईपीपीबी के मॉडल, नेटवर्क और प्रभाव को विज़ुअली प्रस्तुत किया जा सकता है।
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Author: kamalkant
कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।










