पेटीएम के शेयर में 10% की भारी गिरावट: वित्त मंत्रालय के एमडीआर पर स्पष्टीकरण के बाद निवेशकों में हड़कंप
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नई दिल्ली, 12 जून, 2025: पेटीएम के शेयर में गुरुवार को 10% की भारी गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले 16 महीनों में एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट है। यह गिरावट वित्त मंत्रालय द्वारा यह स्पष्ट किए जाने के बाद आई कि यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने की कोई योजना नहीं है। इस बयान के बाद पेटीएम के शेयर की कीमतों में भारी गिरावट आई और बाजार में निवेशकों में हड़कंप मच गया।
क्या है मामला?
हाल ही में कुछ मीडिया स्रोतों में यह रिपोर्ट किया गया था कि सरकार 3000 रुपये से अधिक के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क लागू करने पर विचार कर रही है। हालांकि, इन खबरों को लेकर वित्त मंत्रालय ने इनकार किया है और उन्हें निराधार बताया है। इन अटकलों के बीच पेटीएम के शेयर में पहले तेजी देखी गई थी और शेयर ₹978 पर पहुंच गया था, जो तीन महीने का उच्चतम स्तर था। लेकिन जैसे ही वित्त मंत्रालय ने इन रिपोर्टों को ‘भ्रामक और निराधार’ बताया, पेटीएम के शेयर अचानक गिर गए।
पेटीएम के शेयरों में गिरावट का असर
पेटीएम की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड के शेयरों में गुरुवार को बीएसई में 3.15% की गिरावट देखी गई, जहां शेयर ₹929.95 पर खुले। वहीं, एनएसई में इसकी शुरुआत ₹913.05 पर हुई, लेकिन थोड़ी ही देर में यह गिरकर ₹864.20 के न्यूनतम स्तर तक पहुंच गया, जो करीब 10% की तेज गिरावट को दर्शाता है। दिन के अंत तक पेटीएम के शेयर आंशिक रूप से सुधरकर ₹899 पर आ गए।
शेयर बाजार में इस भारी गिरावट की वजह से पेटीएम का स्टॉक निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में सबसे अधिक घाटा झेलने वाला शेयर रहा। वर्तमान में पेटीएम के शेयर की कीमत ₹880.60 है, जो शुरुआती कीमत की तुलना में 8.28% की गिरावट दिखा रही है। इस साल अब तक पेटीएम के शेयरों में 11% की गिरावट आई है।
वित्त मंत्रालय का स्पष्टीकरण
वित्त मंत्रालय ने 11 जून की शाम को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा:
> “UPI लेनदेन पर MDR लगाए जाने की खबर पूरी तरह से झूठी, निराधार और भ्रामक है। सरकार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ऐसी अफवाहें देश के नागरिकों में अनावश्यक भय और भ्रम पैदा करती हैं।”
इस बयान के बाद पेटीएम के शेयर की कीमतों में भारी गिरावट आई, जिससे निवेशकों में घबराहट फैल गई।
पेटीएम स्टॉक की तकनीकी स्थिति
पिछले तीन लगातार कारोबारी सत्रों से पेटीएम स्टॉक में गिरावट आ रही है और इस दौरान इसमें कुल 8.34% की गिरावट देखी गई है। तकनीकी स्तर पर देखें तो पेटीएम का स्टॉक फिलहाल अपने 5-दिवसीय और 20-दिवसीय मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है, जबकि यह 50-दिवसीय, 100-दिवसीय और 200-दिवसीय औसत से ऊपर बना हुआ है। आज शेयर में 5.81% की अस्थिरता दर्ज की गई, जो बताती है कि निवेशकों में काफी बेचैनी और घबराहट देखने को मिल रही है।
MDR क्या है?
मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) एक शुल्क है जो व्यापारी द्वारा भुगतान संसाधित करने वाले बैंक या सेवा प्रदाता को दिया जाता है। यह शुल्क तब लिया जाता है जब कोई ग्राहक डेबिट/क्रेडिट कार्ड या UPI का उपयोग करके भुगतान करता है।
MDR तीन प्रमुख भागीदारों के बीच विभाजित है:
1. जारीकर्ता बैंक (ग्राहक का बैंक)
2. अधिग्रहणकर्ता बैंक (व्यापारी का बैंक)
3. भुगतान नेटवर्क (जैसे वीज़ा, मास्टरकार्ड, RuPay, NPCI)
जनवरी 2020 से, सरकार ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए UPI लेनदेन पर शून्य MDR नीति लागू की।
पेटीएम स्टॉक पर शून्य MDR नीति का प्रभाव
शून्य MDR नीति पेटीएम जैसी कंपनियों के लिए फायदेमंद रही है, लेकिन इसने उनके राजस्व मॉडल को प्रभावित किया है। पिछले कुछ वर्षों में पेटीएम के शेयर में कभी तेजी से उछाल आया है तो कभी तेजी से गिरावट आई है, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है।
2020 से अब तक पेटीएम के शेयर में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। पेटीएम के शेयर ने दिसंबर 2024 में 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर ₹1,062.95 और जून 2024 में ₹377 के निचले स्तर को छुआ।
उद्योग की चिंताएँ
पेमेंट काउंसिल ऑफ इंडिया ने हाल ही में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर शून्य एमडीआर नीति पर पुनर्विचार करने की माँग की है। पत्र में कहा गया है कि इस नीति ने डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र की वित्तीय स्थिरता को प्रभावित किया है। उद्योग ने सुझाव दिया कि यूपीआई के लिए पेटीएम जैसे बड़े व्यापारियों पर 0.3% एमडीआर लगाया जा सकता है।
हालांकि, सरकार की ओर से फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं दिया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पेटीएम जैसे शेयर वाली कंपनियों को निकट भविष्य में रेवेन्यू मॉडल पर पुनर्विचार करना होगा।
पेटीएम के शेयर पर ब्रोकरेज हाउस की राय
UBS ने पेटीएम के शेयर को तटस्थ रेटिंग दी है और इसका लक्ष्य मूल्य ₹1,000 बताया है। वहीं, मॉर्गन स्टेनली ने कहा है कि एमडीआर से जुड़े किसी भी फैसले का सीधा असर पेटीएम के शेयर के प्रदर्शन पर पड़ेगा।
अन्य कंपनियों पर असर
मोबिक्विक जैसी अन्य फिनटेक कंपनियों के शेयर भी पेटीएम के शेयर में आई गिरावट के असर से बच नहीं पाए। मोबिक्विक के शेयर में करीब 1% की गिरावट देखने को मिली। इससे पता चलता है कि सरकार की नीतियों का यूपीआई इकोसिस्टम से जुड़ी हर कंपनी पर बहुत बड़ा असर पड़ता है।
निष्कर्ष: पेटीएम का शेयर: निवेशकों के लिए सबक
पेटीएम के शेयर में आज की गिरावट से यह साफ हो गया है कि अफवाहों और अटकलों से बाजार कितना प्रभावित होता है। निवेशकों को सिर्फ आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करना चाहिए और कोई भी निवेश करने से पहले सही जानकारी जुटानी चाहिए।
पेटीएम का शेयर भले ही मौजूदा समय में उतार-चढ़ाव से गुजर रहा हो, लेकिन इसका भविष्य सरकारी नीतियों और डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम के विकास पर निर्भर करता है।
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अपडेट: 12 जून 2025, शाम 6:30 बजे:-
फिलहाल पेटीएम का शेयर मूल्य ₹880.60 पर कारोबार कर रहा है, जो सुबह की शुरुआती कीमत की तुलना में 8.28% कम है, जिससे निवेशकों की चिंता और भी बढ़ गई है। निवेशक के तौर पर पेटीएम के शेयर के लिए अगले कुछ दिन बहुत महत्वपूर्ण होंगे , सरकार की अगली नीति और घोषणा का इंतजार करना होगा।
अगर आप पेटीएम के शेयर में निवेश करना चाहते हैं तो मौजूदा स्थितियों का विश्लेषण करने के बाद ही कोई फैसला लें। यह भी देखना जरूरी है कि आने वाले समय में यूपीआई इकोसिस्टम को वित्तीय रूप से स्थिर बनाने के लिए सरकार और इंडस्ट्री के बीच क्या आम सहमति बनती है। पेटीएम के शेयर पर नजर रखें क्योंकि यह भारत के फिनटेक भविष्य की दिशा का संकेत दे सकता है।
Author: kamalkant
कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।










