एमसीएक्स के शेयर 7% उछले

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एमसीएक्स के शेयर 7% उछले, रिकॉर्ड लाभ स्तर पर पहुंचें; सेबी से इलेक्ट्रिसिटी डेरिवेटिव्स लॉन्च की मिली मंजूरी

9 जून 2025 – देश की अग्रणी कमोडिटी रिव्यू कंपनी एमसीएक्स (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) के शेयर बाजार में आज स्टॉक में अनुपातहीन मूल्यांकन किया गया, जब कंपनी को भारतीय इक्विटी और इलेक्ट्रॉनिक्स बोर्ड (सेबी) से इलेक्ट्रिसिटी डेरिवेटिव्स लॉन्च करने की मंजूरी मिल गई। इस खबर के बाद जिज्ञासा में जिज्ञासा देखने को मिली और एमसीएक्स के शेयर 7% की गिरावट ₹7,971 के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई।

एमसीएक्स के शेयर 7% उछले, रिकॉर्ड लाभ स्तर पर पहुंचें; सेबी से इलेक्ट्रिसिटी डेरिवेटिव्स लॉन्च की मिली मंजूरी

पिछले 5 दिनों में 16% और एक महीने में 39% की बढ़त

एमसीएक्स के स्टॉक में यह रैपिड केवल आज तक सीमित नहीं है। पिछले 5 बिजनेस सत्रों में कंपनी के शेयर 16% से ज्यादा चढ़े हैं, जबकि पिछले एक महीने में यह 39% से ज्यादा बढ़ रही है। यह स्पष्ट है कि निवेशक इस शेयर को लेकर पहले से ही आशावादी थे और अब सेबी के अनुमोदन ने इस रुझान को और स्थान दिया है।

आज का शेयर प्रदर्शन

9 जून 2025 को सुबह 11 बजे एमसीएक्स के शेयर पर ₹7,906 का कारोबार हो रहा था, जो उस दिन के मार्जिन स्तर ₹7,971 से थोड़ा ही नीचे था। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं कंपनी का 52-सप्ताह का निचला स्तर ₹3,612 रह रहा है। इस समय कंपनी का मार्केट कैप ₹40,200 करोड़ पार कर चुका है।

सेबी से मिली बड़ी मंजूरी: इलेक्ट्रिसिटी डेरिवेटिव्स की शुरुआत

एमसीएक्स को जो सबसे बड़ी फिल्म मिली है, वह है – सेबी से इलेक्ट्रिसिटी डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स की शुरुआत। यह डेरिवेटिव्स क्लाइंट्स अब पावर सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के लिए जोखिम प्रबंधन के एक प्रभावी उपकरण के रूप में काम करेगा।

एमसीएक्स ने अपने बयान में कहा,

 “इन क्लस्टर्स के माध्यम से पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां (DISCOMs), उद्योग के उपभोक्ता और अन्य साझेदार बिजली के बड़े पैमाने पर उद्यमों में उतार-चढ़ाव से राहत कर सकते हैं और जोखिम को प्रभावी ढंग से प्रबंधित कर सकते हैं। इस देश के पावर मार्केट में भी साझेदार हैं।”

CEO बिबिया राय ने क्या कहा?

एमसीएक्स की सहायक कंपनी और सीईओ बिश्या राय ने इस अवसर पर कहा:

“इलेक्ट्रिसिटी डेरिवेटिव्स चैलेंजर्स कनेक्टर को एक विश्वसनीय, रेग्यूलर और रेग्युल-आधारित प्लेटफॉर्म दिया गया, जिससे वे इलेक्ट्रिकल से जुड़े जोखिम को मजबूत बनाते हैं।”

उनका यह भी कहना है कि जैविक ऊर्जा (नवीकरणीय ऊर्जा) के बढ़ते प्रभाव, बाजार आधारित सुधारों के कारण बिजली की कीमतें पहले से कहीं अधिक अस्थिर हो गई हैं। ऐसे में इस तरह के वित्तीय उत्पादों की जरूरत पहले कहीं ज्यादा महसूस की जा रही थी।

भारत में बिजली बाजार में बदलाव

भारत में बिजली बाजार अब तक बहुत लंबे समय तक बिजली खरीद निवेश (पीपीए) पर आधारित है। लेकिन जैसे-जैसे प्राकृतिक ऊर्जा स्रोत (जैसे सौर और पवन) की भागीदारी बढ़ रही है और बिजली की मांग-जांच रीयल-टाइम हो रही है, वैसे-वैसे शॉर्ट टर्म मार्केट और ट्रेडिंग आधारित मैकेनिज्म की ओर से बढ़ोतरी हो रही है।

एमसीएक्स का यह नया उत्पाद बिजली की मंडी में हो रहा है उभरता-आधार से अधिक मार्केट बेस्ड ट्रेडिंग मॉडल की ओर ग्रोथ में सहायक हो सकता है।

विपक्ष के लिए अवसर या विपक्ष?

एमसीएक्स के स्टॉक में आई तेजी के बाद अब यह भी सवाल है कि इस लेवल पर किस स्टूडेंट को प्रवेश देना चाहिए या कुछ स्टूडेंट स्टूडेंट को। विशेषज्ञ का मानना ​​है कि:

लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर इस शेयर को भविष्य की ओर ध्यान में रखते हुए होल्ड कर सकते हैं।

वहीं शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को प्रोफिट शॉकेट और वॉलेटिलिटी पर ध्यान देते हुए निर्णय ही लेना चाहिए।

शेयरों का यह भी कहना है कि इलेक्ट्रिसिटी डेरिवेटिव्स एक नया संस्करण है और इसमें समय के साथ व्यापार की मात्रा में वृद्धि हो सकती है। लेकिन यह कदम एमसीएक्स के लिए स्ट्रैटेजिक लार्गे टर्म सेल्यूलेशन का द्वार खोल सकता है।

एमसीएक्स: एक नजर में

विवरण आँकड़े

कंपनी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एमसीएक्स)
सीईओ बियै राय
आज का उच्चतम ₹7,971
52-सप्ताह का लो ₹3,612
मार्केट कैप ₹40,200 करोड़
पिछले 5 दिनों की बढ़त 16%+
पिछले 1 महीने की बढ़त 39%+

भविष्य की राह

एमसीएक्स पहले ही सोना, चांदी, कच्चे तेल और अन्य कमोडिटी डेरिवेटिव्स में देश की अग्रणी बढ़त है। अब कंपनी की इलेक्ट्रिसिटी डेरिवेटिव्स की प्रविष्टि में यह बताया गया है कि वह समय के साथ-साथ चावल बाजार और ऊर्जा क्षेत्र की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए नई दिशाएं तलाश रही है।

भविष्य में यदि इस मंच पर समानता और भागीदारी है, तो एमसीएक्स न केवल भारत में बल्कि एशिया के सबसे ऊर्जा व्युत्पन्न मंच के रूप में उन्नत हो सकता है।

निष्कर्ष:

एमसीएक्स को सेबी से मिली मंजूरी न केवल कंपनी के लिए मील का पत्थर है, बल्कि भारत के ऊर्जा बाजार में भी एक बड़ा सुधार है। यह न केवल बिजली निगम को मूल्य जोखिम से सुरक्षा की मांग करता है, बल्कि विकल्प के लिए भी नया अवसर लेकर आता है। आने वाले समय में यदि यह क्लैन्स सफल होते हैं, तो एमसीएक्स की स्थिरता को नई ऊंचाईयां मिल सकती हैं।

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Author: kamalkant

कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।