अमेरिका में उठा शकील अफरीदी का मुद्दा, ओसामा बिन लादेन को पकड़ने में मदद करने वाले डॉक्टर की रिहाई पर शशि थरूर ने पाकिस्तान को घेरा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

अमेरिका में उठा शकील अफरीदी का मुद्दा, ओसामा बिन लादेन को पकड़ने में मदद करने वाले डॉक्टर की रिहाई पर शशि थरूर ने पाकिस्तान को घेरा

हाल ही में वाशिंगटन डीसी में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में एक बार फिर आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान की दोहरी नीति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठे हैं। इस बार केंद्र में शकील अफरीदी हैं – वही पाकिस्तानी डॉक्टर जिसने अमेरिका को ओसामा बिन लादेन का ठिकाना बताकर इतिहास रच दिया था, लेकिन बदले में उसे अपने ही देश में 33 साल की सजा सुनाई गई।

वाशिंगटन में पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान अमेरिकी सांसद ब्रैड शेरमैन ने शकील अफरीदी की रिहाई की जोरदार मांग की। इस बयान का समर्थन करते हुए भारतीय कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला और कहा कि यह देश आतंकवाद को बढ़ावा देता है और इसका पर्दाफाश करने वाले को सजा देता है।

अमेरिका में उठा शकील अफरीदी का मुद्दा, ओसामा बिन लादेन को पकड़ने में मदद करने वाले डॉक्टर की रिहाई पर शशि थरूर ने पाकिस्तान को घेरा

कौन हैं शकील अफरीदी?

शकील अफरीदी पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सरकारी डॉक्टर थे। 2011 में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने पाकिस्तान के एबटाबाद में एक सुरक्षित सैन्य क्षेत्र के पास एक घर में ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था। इस मिशन को सफल बनाने में शकील अफरीदी ने अहम भूमिका निभाई थी।

उन्होंने फर्जी पोलियो टीकाकरण अभियान के जरिए बिन लादेन के घर के बच्चों के डीएनए सैंपल लिए थे, जिससे सीआईए को यह पुष्टि करने में मदद मिली कि वांछित आतंकवादी ओसामा बिन लादेन वहां छिपा हुआ है। इस योगदान के बावजूद, पाकिस्तानी सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और देशद्रोह के आरोप में 33 साल की सजा सुनाई।

अमेरिका ने रिहाई की मांग उठाई

6 जून, 2025 को वाशिंगटन में पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल और अमेरिकी सांसदों के बीच हुई बैठक में ब्रैड शेरमैन ने आतंकवाद पर बातचीत के दौरान शकील अफरीदी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा:

 “शकील अफरीदी की रिहाई 9/11 के पीड़ितों के लिए न्याय और समापन की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।”

उन्होंने पाकिस्तान से जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की। ब्रैड शेरमैन ने डेनियल पर्ल की हत्या के दोषियों को सजा देने पर भी जोर दिया।

शशि थरूर का कड़ा हमला

भारत के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने भी ब्रैड शेरमैन के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर लिखा:

 “यह एक सटीक और समयोचित अनुस्मारक है कि पाकिस्तान ने न केवल ओसामा बिन लादेन को छुपाया, बल्कि अमेरिका को उसके बारे में जानकारी देने वाले बहादुर डॉक्टर शकील अफरीदी को भी जेल में डाल दिया। पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने पर इनाम मिलता है और इसे उजागर करने पर सजा मिलती है।”

शशि थरूर वर्तमान में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत के बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, जो अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष आतंकवाद के खिलाफ भारत की स्थिति को स्पष्ट कर रहा है।

पाकिस्तान की दोहरी नीति फिर उजागर

पाकिस्तान लगातार यह दावा करता रहा है कि वह आतंकवाद के खिलाफ सख्त है, लेकिन ओसामा बिन लादेन जैसे विश्व प्रसिद्ध आतंकवादी को सालों तक सुरक्षित स्थान पर पनाह देना और उसे गिरफ्तार करवाने वाले शकील अफरीदी को सजा देना पाकिस्तान की दोहरी मानसिकता को उजागर करता है।

गौरतलब है कि ओसामा बिन लादेन 9/11 हमलों का मास्टरमाइंड था, जिसमें अमेरिका में करीब 3000 लोग मारे गए थे। उसे गिरफ्तार करवाने में शकील अफरीदी ने अहम भूमिका निभाई थी, जिसे अमेरिका हीरो मानता है, लेकिन पाकिस्तान उसे ‘देशद्रोही’ कहता है।

जैश-ए-मोहम्मद पर भी निशाना

ब्रैड शेरमैन ने पाकिस्तान से जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। यह वही संगठन है जिसने भारत में कई हमले किए, जिसमें पुलवामा हमला (2019) भी शामिल है, जिसमें 40 से ज्यादा भारतीय सुरक्षा बलों की जान चली गई।

शेरमैन ने यह भी कहा कि वॉल स्ट्रीट जर्नल के पत्रकार रहे डेनियल पर्ल की 2002 में जैश के एक सदस्य ने हत्या कर दी थी। पर्ल का परिवार उनके संसदीय क्षेत्र में रहता है और यह मामला अमेरिका के लिए निजी तौर पर अहमियत रखता है।

धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्थिति पर सवाल

शेरमैन ने इस बैठक में पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में ईसाई, हिंदू और अहमदिया मुस्लिम समुदायों को धार्मिक स्वतंत्रता नहीं है। उन्हें हिंसा, भेदभाव और कानूनी अन्याय का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान लोकतांत्रिक और जिम्मेदार राष्ट्र बनना चाहता है तो उसे अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा करनी होगी।

भारत के लिए कूटनीतिक लाभ

इस पूरी घटना से यह स्पष्ट है कि आतंकवाद के प्रति भारत की नीति को वैश्विक मंचों पर समर्थन मिल रहा है। शशि थरूर के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी अधिकारियों के सामने पाकिस्तान की कथित आतंकवाद समर्थक नीति को उजागर किया और उन्हें बताया कि कैसे सच के लिए खड़े होने वाले शकील अफरीदी जैसे लोग आज सलाखों के पीछे हैं।

बिलावल भुट्टो की कोशिशें बेअसर

पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी भी इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं। वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव और सुरक्षा परिषद के अधिकारियों से मुलाकात कर कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन ब्रैड शेरमैन और अमेरिकी सांसदों का ध्यान आतंकवाद और शकील अफरीदी की रिहाई पर रहा, जिससे पाकिस्तान की रणनीति को झटका लगा।

निष्कर्ष: शकील अफरीदी का भविष्य क्या होगा?

अब सवाल यह है कि क्या शकील अफरीदी को न्याय मिलेगा? क्या पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे झुककर उस डॉक्टर को रिहा करेगा ?क्यों अमेरिका ‘हीरो’ और पाकिस्तान ‘देशद्रोही’ मानता है?

इस पूरी घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान की नीति और नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, भारत को अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिलना देश की बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा रही है। ओसामा बिन लादेन को पकड़ने वाले शकील अफरीदी की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं बल्कि वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का प्रतीक बन गई है – और शशि थरूर जैसे नेताओं की स्पष्ट आवाज अंतरराष्ट्रीय मंच पर इसे और भी मजबूती देती है।

खबरों के लाइव अपडेट और विस्तृत विश्लेषण के लिए स्वतंत्र वाणी पर बने रहें।

kamalkant
Author: kamalkant

कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।