ऑपरेशन पावुतिना’ में यूक्रेनी ड्रोन हमला से रूसी एयरबेस पर 40 से ज़्यादा विमान नष्ट

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यूक्रेनी ड्रोन हमला : ‘ऑपरेशन पावुतिना’ के तहत रूसी एयरबेस पर 40 से ज़्यादा विमान नष्ट, रूस-यूक्रेन युद्ध में नया मोड़

मॉस्को/कीव: रविवार को यूक्रेनी ड्रोन हमला रूस के खिलाफ़ अब तक का सबसे बड़ा और सटीक ऑपरेशन साबित हुआ। इस हमले ने रूस-यूक्रेन युद्ध में एक नया और ख़तरनाक मोड़ ला दिया है। इस हमले के तहत यूक्रेन ने ऑपरेशन पावुतिना के ज़रिए साइबेरिया तक सुरक्षित माने जाने वाले रूसी एयरबेस पर हमला किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस रूसी एयरबेस ड्रोन हमले में 40 से ज़्यादा विमान या तो नष्ट हो गए हैं या उन्हें काफ़ी नुकसान पहुंचा है।

ऑपरेशन पावुतिना' में यूक्रेनी ड्रोन हमला से रूसी एयरबेस पर 40 से ज़्यादा विमान नष्ट

इस हमले के बाद इस्तांबुल शांति वार्ता को लेकर भी नए सवाल खड़े हो गए हैं। व्लादिमीर पुतिन और ज़ेलेंस्की के नेतृत्व में जो शांति वार्ता की कोशिश की जा रही थी, उस पर इस हमले का गहरा असर पड़ सकता है।

सबसे बड़ा यूक्रेनी ड्रोन हमला : रूस के दिल में कीव का वार

इस बार यूक्रेनी ड्रोन हमला रूस के पारंपरिक सुरक्षित इलाके साइबेरिया तक पहुंच गया। रूसी एयरबेस ड्रोन हमले में इरकुत्स्क क्षेत्र के ‘श्रीदनी’ गांव में स्थित एक सैन्य इकाई को निशाना बनाया गया। साइबेरिया जैसे सुदूर इलाके में पहली बार हमला किया गया है। इससे पहले यूक्रेन की ओर से इस तरह के हमले मुख्य रूप से सीमावर्ती इलाकों तक ही सीमित थे।

इस पावुतिना ऑपरेशन को यूक्रेनी सुरक्षा सेवा (एसबीयू) ने करीब एक साल की योजना और तैयारी के बाद अंजाम दिया। इस ऑपरेशन में ट्रकों के अंदर ड्रोन छिपाकर रखे गए थे। समय आते ही ट्रकों की छतें खोली गईं और ड्रोन सीधे रूस के अंदरूनी एयरबेसों पर उड़ गए। यूक्रेन का यह ड्रोन हमला इस बात का सबूत है कि अब यूक्रेन न सिर्फ रक्षा कर रहा है बल्कि उसके पास रणनीतिक हमले की क्षमता भी है।

40 से ज्यादा विमान नष्ट , रूस को बड़ा झटका

रूसी एयरबेस पर ड्रोन हमले में बेलाया, ओलेन्या, इवानोवो और डायगिलेवो जैसे अहम एयरबेस शामिल हैं। इन बेस पर तैनात टीयू-95, टीयू-22एम3 जैसे बमवर्षक विमान और ए-50 जैसे एयरबोर्न रडार सिस्टम नष्ट कर दिए गए हैं। इन सभी विमानों ने रूस-यूक्रेन युद्ध में अहम भूमिका निभाई थी।

यूक्रेनी ड्रोन हमला इतना तेज और सटीक था कि रूस के रक्षा तंत्र को प्रतिक्रिया करने का समय ही नहीं मिला। जिस आत्मविश्वास के साथ व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व में रूस अपनी गहराई में सुरक्षा का दावा करता रहा है, वह इस हमले के बाद सवालों के घेरे में आ गया है।

ऑपरेशन पावुतिना : यूक्रेन की मास्टर स्ट्रोक योजना

पावुतिना ऑपरेशन यानी “स्पाइडर वेब” यूक्रेन की सैन्य खुफियागीरी का एक बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरा है। यूक्रेन ने सीमित संसाधनों और मिसाइलों की कमी के बावजूद ड्रोन तकनीक को अपने पक्ष में एक मजबूत हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है। इस ऑपरेशन में ड्रोन को लकड़ी की झोपड़ियों में छिपाकर ट्रकों में रखा गया और फिर सही समय पर लॉन्च किया गया।

यूक्रेनी ड्रोन हमला न केवल एक रणनीतिक सफलता है, बल्कि यह रूस-यूक्रेन युद्ध में तकनीक के इस्तेमाल का एक नया चेहरा भी है। रूस की पारंपरिक सैन्य शक्ति की तुलना में यूक्रेन की यह “गुरिल्ला तकनीक” अब रूस को उसकी ही जमीन पर चुनौती दे रही है।

आरटी की रिपोर्ट और रूस की प्रतिक्रिया

रूसी मीडिया चैनल आरटी ने रूसी एयरबेस ड्रोन हमले का एक वीडियो जारी किया है जिसमें एक ड्रोन को इरकुत्स्क क्षेत्र में एक सैन्य इकाई पर हमला करते देखा जा सकता है। आरटी की रिपोर्ट के अनुसार, सैन्य और नागरिक आपातकालीन कर्मियों को मौके पर भेजा गया है और ड्रोन लॉन्च के संभावित स्थल को अवरुद्ध कर दिया गया है।

लेकिन व्लादिमीर पुतिन के प्रशासन द्वारा इस हमले के बारे में अभी तक सीमित जानकारी दी गई है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि इस यूक्रेनी ड्रोन हमले ने रूस के सैन्य प्रतिष्ठान को गहरा झटका दिया है।

ज़ेलेंस्की की नपी-तुली प्रतिक्रिया और इस्तांबुल शांति वार्ता

दूसरी ओर, यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनकी टीम सोमवार को इस्तांबुल में होने वाली शांति वार्ता के लिए तैयार है। उन्होंने कहा,

> “हमारी प्राथमिकता पूर्ण युद्धविराम, कैदियों की वापसी और अपहृत बच्चों की सुरक्षित वापसी है।”

इस्तांबुल शांति वार्ता में यूक्रेन के रक्षा मंत्री रुस्तम उमरोव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा। हालांकि, इस यूक्रेनी ड्रोन हमले के बाद यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या व्लादिमीर पुतिन और ज़ेलेंस्की के बीच अब भी शांति की कोई गुंजाइश है?

रूस-यूक्रेन युद्ध: आगे क्या होगा?

रूस-यूक्रेन युद्ध अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। यह स्पष्ट हो गया है कि यूक्रेन अब सिर्फ़ बचाव नहीं कर रहा है, बल्कि आक्रामक रणनीति के ज़रिए रूस को उसकी सीमाओं के भीतर चुनौती दे रहा है।

यूक्रेनी ड्रोन हमला इस बात का संकेत है कि युद्ध अब सिर्फ़ सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा।

पावुतिना ऑपरेशन की सफलता के

निष्कर्ष :  क्या ‘शांति’ अब भी संभव है?

यूक्रेनी ड्रोन हमला, पावुतिना ऑपरेशन और रूसी एयरबेस ड्रोन हमले ने रूस-यूक्रेन युद्ध को एक नए मोड़ पर ला खड़ा किया है। इस हमले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब युद्ध की परिभाषा बदल गई है। दुश्मन के सैन्य ढांचे को दूर से भी नष्ट किया जा सकता है।

 बाद अब यूक्रेन के आत्मविश्वास में जबरदस्त वृद्धि देखी जा रही है। साथ ही व्लादिमीर पुतिन को अब अपनी घरेलू सुरक्षा रणनीति को फिर से मज़बूत करना होगा।

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Author: kamalkant

कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।