16 जून से UPI ट्रांजेक्शन होगा और भी तेज़, बैलेंस चेक और ऑटो-पेमेंट जैसी सुविधाओं में भी होंगे बड़े बदलाव :
नई दिल्ली: भारत में डिजिटल भुगतान प्रणाली ने पिछले कुछ वर्षों में क्रांति ला दी है और इसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका यूनीवर्सिटी सपोर्ट सिस्टम (UPI) ने निभाई है। अब 16 जून 2025 से यूपीआई के माध्यम से पैसे भेजने और प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक आसान और सुविधाजनक होगी। इसके अलावा जुलाई के बाद क्वांटम चेक और पैट्रोल ऑटो जैसे फीचर्स में भी कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
नेशनल टेक्नोलॉजीज टेक्नोलॉजीज ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने 26 अप्रैल 2025 को एक सरसेलरिलीज कर इस इलेक्ट्रॉनिक्स की जानकारी दी थी। एनपीसीआई ने कहा है कि यूपीआई स्कीम को भी तेज और प्रभावी बनाने का काम चल रहा है, जिससे रेमिटर बैंक, बेनेफिशरी बैंक और फोनपे, गूगल पे और पेटीएम जैसे पेमेंट ऐप्स को बेहतर सेवा देने में मदद मिलेगी।
UPI कैसे बने भारत की डिजिटल क्रांति का आधार ?
भारत में पैट्रोल डिजिटल को गति देने में UPI ने अहम योगदान दिया है। साल 2016 में लॉन्च हुआ यह प्लेटफॉर्म आज देश की इंडस्ट्री का बिजनेसमैन बन गया है। छोटे बच्चों से लेकर बड़े पैमाने तक, हर कोई आज UPI का उपयोग कर रहा है। सिर्फ एक मोबाइल नंबर या क्यूआर कोड के जरिए ऑफलाइन पेमेंट करना अब आम बात हो गई है।
2024 तक भारत में UPI के जरिए हर महीने 1200 करोड़ से ज्यादा ट्रांजेक्शन हो रहे थे। यह कंटेनर लगातार बढ़ रहा है, जिससे यह साबित होता है कि भारत कैशलेस इकॉनमी की ओर से स्टूडियो से स्टेप को बढ़ाया जा रहा है।
16 जून से क्या होगा नया ?
एनपीसीआई ने यह स्पष्ट किया है कि 16 जून 2025 से यूपीआई ट्रांजेक्शन की स्पीड में काफी इज़ाफ़ा किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल मानक को बेहतर अनुभव देना नहीं है, बल्कि पूरे पैनल आईएसओ सिस्टम को अधिक विश्वसनीय और तेजी से बनाना है।
UPI ट्रांजेक्शन की वर्तमान प्रक्रिया में भी भुगतान कुछ ही सेकंड में हो जाता है, लेकिन कभी-कभी नेटवर्क या सर्वर समस्या के कारण देरी देखी जाती है। अब नई तकनीकी व्यवस्था के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इतनी देरी न्यूनतम गति और सभी परिवहन लगभग वास्तविक समय (वास्तविक समय) में हों।
किन सेवाओं में बदलाव होंगे जुलाई से ?
जुलाई 2025 से UPI से जुड़े कई अन्य सुविधाओं में भी परिवर्तन लागू होगा, जिनमें मुख्यतः निम्नलिखित हैं:
1. बैलेंस चेक सिस्टम में सुधार – अभी चेक करने का समय यूपीआई पिन के साथ आता है और यह प्रक्रिया कई बार ठीक हो जाती है। नए बदलावों के तहत आदर्श वाक्यों को तेज, अधिक सुरक्षित और सरल बनाया जाएगा।
2. ऑटो मैं बैलेंस डेट (ऑटो-पे मैंडेट) – सब्सक्रिप्शन सेवाएं और नियमित भुगतान जैसे बिजली बिल, प्लॉट प्लेटफॉर्म, बीमा प्रीमियम आदि के लिए यूपीआई ऑटो-पे सुविधा पहले से उपलब्ध है। जुलाई से इस प्रक्रिया में फ़्लैट, सुरक्षा और होटल को और बेहतर बनाया जाएगा।
3. एन्हांस्ड लिमिट क्रेडिट – कई बार यूजर्स को यह पता नहीं चलता कि उनके बैंक या यूपीआई ऐप पर ट्रांजेक्शन लिमिट क्या है। अब यह जानकारी अधिक स्पष्ट और वास्तविक समय में गंतव्य को प्राप्त करें।
4. फ्रॉड प्रिवेंशन मैकेनिज्म – फर्जी कॉल और लिंक के माध्यम से धोखाधड़ी के मामलों पर रोक लगाने के लिए एनपीसीआई के नए स्तर के कोचिंग विशेषज्ञों को लागू किया जा रहा है, जो जुलाई से प्रभावी है।
किससे होगा फायदा ?
यह तकनीकी सिद्धांत संपूर्ण UPI इकोसिस्टम को प्रभावित करेगा:
रेमिटर बैंक (पैसे डिपोजिट वाला बैंक): ट्रांजैक्शन सक्सेस दर (सफलता दर) और बैंक में देरी कम होगी।
बेनेफिशरी बैंक (पैसे प्राप्त करने वाला बैंक): अवकाश स्पीड लोन और ट्रांसपोर्टेशन की शुरुआत जल्दी होगी।
अपग्रेड ऐप्स (फोनपे, गूगल पे, पेटीएम): ऐप्स पर डेवलपर एक्सपीरियंस बेहतर होंगे, जिससे उपभोक्ताओं की संख्या और वृद्धि हो सकती है।
डिजिटल पैमानों में भारत का विचरण :
भारत आज विश्व में डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में अग्रणी देशों में से एक है। यूपीआई जैस सिस्टम ने दुनिया भर के देशों का ध्यान आकर्षित किया है। सिंगापुर, पुर्तगाल और भूटान जैसे देशों ने भारत के साथ यूपीआई को जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। कई देशों में भारत की तकनीक को लेकर रुचि दिखाई दे रही है, जिससे भारत ग्लोबल डिजिटल पैनल्स का नेतृत्व होता दिखाई दे रहा है।
सरकार की भूमिका और भविष्य की योजना :
सरकार और आरबीआई, दोनों ही डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। भारत सरकार की “डिजिटल इंडिया” के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में भी UPI को डाउनलोड पर ज़ोर दिया जा रहा है। क्यूआर कोड आधारित भुगतान प्रणाली अब गांवों तक पहुंच गई है।
भविष्य में एनपीसीआई द्वारा ऐसे कई और इनोवेशन की संभावनाएं जताई गई हैं, जैसे :
ऑनलाइन यूपीआई ट्रांसपोर्टेशन (बिना इंटरनेट के)
अंतर्राष्ट्रीय UPI पैट्रियट्स
यूपीआई पर क्रेडिट कार्ड इंटीग्रेशन
निष्कर्ष :
16 जून से शुरू हो रही है UPI की इस बड़ी बुनियाद से भारत के करोड़ों स्मार्टफोन्स को तेज, सुरक्षित और बढ़िया डिजिटल का अनुभव मिलेगा। इसके साथ ही जुलाई से आने वाले अन्य सुधार भी डिजिटल ट्रांजेक्शन को अगले स्तर पर ले जाने वाले हैं। एनपीसीआई की इस पहल से न केवल ग्राहकों को लाभ होगा, बल्कि डिजिटल सिस्टम और डिजिटल इकोसिस्टम भी अधिक मजबूत होगा।
डिजिटल इंडिया की दिशा में यह एक और महत्वपूर्ण कदम है, जिससे भारत कैशलेस और पारदर्शी अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
Author: Swatantra Vani
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