साइना नेहवाल और पारुपल्ली कश्यप का तलाक: बैडमिंटन कोर्ट से शादी तक और अब राहें अलग –
_______भारतीय बैडमिंटन जगत के दो चमकते सितारे साइना नेहवाल और पारुपल्ली कश्यप ने रविवार, 13 जुलाई, 2025 को अपनी शादी खत्म करने का फैसला किया। इस खबर ने न केवल उनके प्रशंसकों को चौंका दिया, बल्कि पूरे भारतीय खेल जगत को भी झकझोर कर रख दिया। दोनों ने सोशल मीडिया के ज़रिए यह जानकारी साझा की कि उन्होंने आपसी सहमति से तलाक लेने का फैसला किया है।
— साइना नेहवाल के इंस्टाग्राम पोस्ट ने भावुक कर दिया
साइना नेहवाल ने अपनी आधिकारिक इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा –
- “कभी-कभी ज़िंदगी हमें अलग-अलग रास्तों पर ले जाती है। बहुत सोच-विचार और समझ के बाद, पारुपल्ली कश्यप और मैंने अलग होने का फैसला किया है। हम अपने और एक-दूसरे के लिए शांति, आत्म-विकास और मानसिक उपचार का चुनाव कर रहे हैं। मैं इन सभी खूबसूरत यादों के लिए आभारी हूँ और भविष्य के लिए आपको शुभकामनाएँ देती हूँ। इस दौरान हमारी निजता का सम्मान करने के लिए धन्यवाद।”
इस भावुक संदेश ने दोनों के प्रशंसकों को भावुक कर दिया और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।
—13 साल की दोस्ती और 7 साल की शादी का सफ़र
साइना नेहवाल और पारुपल्ली कश्यप की प्रेम कहानी किसी फ़िल्मी कहानी से कम नहीं थी। दोनों ने हैदराबाद स्थित पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी में साथ-साथ प्रशिक्षण शुरू किया। यहीं से उनकी दोस्ती और फिर प्यार की शुरुआत हुई। लगभग 13 साल तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद, उन्होंने दिसंबर 2018 में एक निजी समारोह में शादी कर ली।
उनकी जोड़ी को खेल और जीवन, दोनों में एक प्रेरणा के रूप में देखा गया। पारुपल्ली कश्यप ने न केवल जीवनसाथी के रूप में, बल्कि एक कोच और पार्टनर के रूप में भी, हर मोड़ पर साइना नेहवाल का साथ दिया, खासकर जब साइना चोटों से जूझ रही थीं।
—पेशेवर जीवन में दोनों की उपलब्धियाँ
साइना नेहवाल:
2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता – ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी।
2015 में विश्व की नंबर 1 रैंकिंग हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
3 बार राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता।
दो बार के एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता।
दो विश्व चैंपियनशिप पदक (रजत और कांस्य)।
परुपल्ली कश्यप:
2014 ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक।
2010 दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक।
2012 लंदन ओलंपिक में पुरुष एकल के क्वार्टर फाइनल में पहुँचे – ऐसा करने वाले पहले भारतीय पुरुष।
2013 में विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर पहुँचे।
2024 में सेवानिवृत्ति के बाद कोचिंग में सक्रिय।
—कश्यप की चुप्पी और इंस्टाग्राम पर सक्रियता
साइना नेहवाल ने अपने दिल की बात साझा की, जबकि परुपल्ली कश्यप ने अभी तक इस विषय पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। हालाँकि, तलाक की घोषणा से कुछ घंटे पहले, उन्होंने नीदरलैंड में आयोजित अवेकनिंग फेस्टिवल की एक इंस्टाग्राम स्टोरी पोस्ट की थी। उस पोस्ट में, वह दोस्तों के साथ दिखाई दे रहे थे और उन्होंने कैप्शन लिखा था – “सबसे अच्छे”।
इस पोस्ट से पता चलता है कि पारुपल्ली कश्यप मानसिक रूप से संतुलित और सकारात्मक स्थिति में हैं।
—सोशल मीडिया पर गुजारा भत्ता पर बहस
तलाक की घोषणा के बाद, सोशल मीडिया पर एक नई बहस शुरू हो गई है – क्या साइना नेहवाल को पारुपल्ली कश्यप को गुजारा भत्ता देना चाहिए?
रिपोर्ट्स के अनुसार, साइना नेहवाल की अनुमानित कुल संपत्ति लगभग ₹36 करोड़ है, जबकि पारुपल्ली कश्यप की संपत्ति लगभग ₹13 करोड़ बताई जाती है। प्रशंसकों का कहना है कि जिस तरह क्रिकेटर युजवेंद्र चहल ने हाल ही में अपनी पूर्व पत्नी को ₹4.75 करोड़ का गुजारा भत्ता दिया, उसी तरह कश्यप को भी उनका हक मिलना चाहिए।
एक यूजर ने लिखा –
- “अगर कोई महिला अमीर है और फिर भी गुजारा भत्ता मांगती है, तो ‘स्वतंत्र महिला’ का क्या मतलब है? लेकिन अगर वह नहीं मांगती, तो उसे सलाम!”
—साइना नेहवाल का पुराना बयान वायरल
तलाक की खबरों के बीच, साइना नेहवाल का एक पुराना इंटरव्यू वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था –
- “अगर मुझे प्यार और पेशेवर बैडमिंटन में से किसी एक को चुनना पड़े, तो मैं हमेशा खेल को प्राथमिकता दूँगी। मैं आज यहाँ 15 साल की कड़ी मेहनत के बाद पहुँची हूँ।”
इस बयान से साफ़ हो गया कि खेल हमेशा उनके लिए सबसे पहले रहा है और यही समर्पण उन्हें महान बनाता है।
—भारतीय खेलों में तलाक की बढ़ती दर
साइना नेहवाल और पारुपल्ली कश्यप से पहले, कई बड़े भारतीय खिलाड़ियों की शादियाँ टूट चुकी हैं:
युजवेंद्र चहल – धनश्री वर्मा (2025)
शिखर धवन – आयशा मुखर्जी (2023)
सानिया मिर्ज़ा – शोएब मलिक (2024)
मोहम्मद शमी – हसीन जहाँ (2018)
हार्दिक पांड्या – नताशा स्टेनकोविक (2024)
इन मामलों ने दिखाया है कि सार्वजनिक जीवन जीने वाले खिलाड़ियों पर उनके निजी रिश्तों का कितना दबाव होता है।
निष्कर्ष : एक प्रेरणादायक जोड़े का शांतिपूर्ण अंत
साइना नेहवाल और पारुपल्ली कश्यप की कहानी सिर्फ़ प्यार की नहीं, बल्कि साझेदारी, समर्पण और संघर्ष की भी थी। वे दोनों एक-दूसरे के सबसे बड़े समर्थक रहे हैं। उनका फ़ैसला निजी है, और प्रशंसकों को उनकी निजता का सम्मान करना चाहिए।
यह खबर एक ओर जहाँ दुखद है, वहीं दूसरी ओर यह दर्शाती है कि कैसे दो परिपक्व व्यक्ति अपने जीवन के लिए शांतिपूर्ण निर्णय ले सकते हैं।
“ज़िंदगी हमें अलग-अलग दिशाओं में ले जाती है…” – साइना नेहवाल की यह पंक्ति इस पूरी घटना का सबसे सुंदर और सटीक वर्णन है।
(खबरों के लाइव अपडेट और विस्तृत विश्लेषण के लिए स्वतंत्र वाणी पर बने रहें।)
Author: Swatantra Vani
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