सन टीवी नेटवर्क विवाद

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सन टीवी नेटवर्क विवाद: पारिवारिक कलह अब कानूनी लड़ाई में बदल गई

चेन्नई स्थित भारत के सबसे बड़े मीडिया घरानों में से एक सन टीवी नेटवर्क इस समय अपने स्वामित्व अधिकारों को लेकर एक बड़े पारिवारिक विवाद की चपेट में है। इस विवाद के केंद्र में दयानिधि मारन और उनके बड़े भाई कलानिधि मारन हैं। डीएमके सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री दयानिधि मारन ने अपने भाई कलानिधि मारन, जो सन टीवी नेटवर्क के चेयरमैन हैं, और उनकी पत्नी कावेरी कलानिधि के खिलाफ एक गंभीर कानूनी नोटिस भेजा है। इस नोटिस में दयानिधि मारन ने कलानिधि मारन पर कंपनी के शेयरों में हजारों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और अनियमितताओं का आरोप लगाया है, जिसके कारण कंपनी के शेयरों में करीब 4% की गिरावट भी आई है।

सन टीवी नेटवर्क विवाद

विवाद की शुरुआत और पारिवारिक पृष्ठभूमि

सन टीवी नेटवर्क की शुरुआत 1985 में सुमंगली पब्लिकेशन्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से हुई थी। कंपनी के दो प्रमोटर थे- एम.के. दयालु अम्मल (दिवंगत मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि की पत्नी) और मलिका मारन (मारन परिवार की मां)। शुरुआत में, दोनों ने 50-50% शेयरों के साथ कंपनी की स्थापना की। बाद में, मुरासोली मारन (दयानिधि और कलानिधि के पिता) भी कंपनी के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हो गए। समय के साथ, कंपनी ने मीडिया, टेलीविजन, समाचार पत्र, रेडियो, फिल्म निर्माण और यहां तक कि आईपीएल टीम सनराइजर्स हैदराबाद जैसी विविध गतिविधियों में विस्तार किया।

विवाद का मूल: 2003 शेयर आवंटन घटना

दयानिधि मारन द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस के अनुसार, कलानिधि मारन 15 सितंबर 2003 तक कंपनी के केवल एक कर्मचारी थे, जिन्हें केवल वेतन मिलता था। उसी दिन, जब उनके पिता एस.एन. मारन (मुरासोली मारन) को कोमा में अमेरिका से चेन्नई वापस लाया गया, कलानिधि मारन ने खुद को सन टीवी नेटवर्क के 12 लाख शेयर (कंपनी में लगभग 60% हिस्सेदारी) आवंटित किए। यह आवंटन मात्र ₹10 प्रति शेयर पर किया गया था, जबकि उस समय कंपनी के शेयरों की वास्तविक कीमत ₹2,500 से ₹3,000 प्रति शेयर थी। इस प्रकार, जबकि कलानिधि ने इन शेयरों को मात्र ₹1.2 करोड़ में खरीदा था, उनका वास्तविक मूल्य लगभग ₹3,500 करोड़ था।

दयानिधि मारन ने आरोप लगाया है कि आवंटन अन्य प्रमोटरों से परामर्श किए बिना या उनकी सहमति लिए बिना किया गया था। उनके अनुसार, पूरी प्रक्रिया गुप्त और अवैध थी, जिससे कलानिधि मारन को रातोंरात कंपनी की बागडोर संभालने का मौका मिल गया। इसके बाद, नवंबर 2003 में मुरासोली मारन की मृत्यु के तीन दिन बाद, उनके शेयर भी बिना किसी मृत्यु प्रमाण पत्र या कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र के कलानिधि मारन और उनके परिवार को हस्तांतरित कर दिए गए।

 हजारों करोड़ के लाभांश और वेतन पर विवाद

दयानिधि मारन के नोटिस में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस अनियमित शेयर आवंटन के बाद कलानिधि मारन को 2023 तक ₹5,926 करोड़ और अकेले 2024 में ₹455 करोड़ का लाभांश मिला है। इसके अलावा कलानिधि मारन की पत्नी कावेरी कलानिधि को भी हर साल ₹87.5 करोड़ का वेतन दिया गया है। दयानिधि मारन ने इसे “धोखाधड़ी और संपत्ति का दुरुपयोग” करार दिया है।

दयानिधि मारन की मुख्य मांगें

दयानिधि मारन ने अपने कानूनी नोटिस में निम्नलिखित मांगें रखी हैं

शेयर की स्थिति 15 सितंबर 2003 की स्थिति में बहाल की जाए: दयानिधि की मांग है कि सन टीवी नेटवर्क और सभी संबंधित कंपनियों की शेयरधारिता को 2003 की स्थिति में बहाल किया जाए।

कानूनी उत्तराधिकारियों को लौटाए गए शेयर: सभी शेयर एम.के. दयालु अम्मल और एस.एन. कलानिधि और कावेरी द्वारा अर्जित सभी आय और संपत्ति वापस की जाए: दयानिधि ने मांग की है कि कलानिधि मारन और उनकी पत्नी द्वारा 2003 से अर्जित सभी आय, लाभांश और संपत्ति वापस की जानी चाहिए। दयानिधि मारन ने चेतावनी दी है कि अगर एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे सेबी, एसएफआईओ और ईडी जैसी एजेंसियों से संपर्क करेंगे और कलानिधि मारन और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे। शेयर बाजार पर असर और कंपनी की मौजूदा स्थिति दयानिधि मारन द्वारा भेजे गए इस नोटिस का असर शुक्रवार, 20 जून 2025 को शेयर बाजार में साफ तौर पर देखने को मिला। सन टीवी नेटवर्क के शेयरों में 4% से ज्यादा की गिरावट आई। बीएसई पर शेयर ₹588 और एनएसई पर ₹586.40 पर आ गए। कलानिधि मारन और दयानिधि मारन के बीच चल रहे विवाद का सीधा नतीजा माना जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में सन टीवी नेटवर्क ने ₹4,544 करोड़ का कारोबार और ₹1,654.45 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। इसके बावजूद कलानिधि मारन और दयानिधि मारन के बीच चल रहे कानूनी विवाद ने कंपनी की साख को प्रभावित किया है।

कंपनी और कलानिधि मारन की प्रतिक्रिया

इस विवाद पर सन टीवी नेटवर्क की ओर से आधिकारिक बयान जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि मामला 22 साल पुराना है और कंपनी तब एक निजी कंपनी थी। कंपनी ने दावा किया है कि सभी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई थी और जारी किए जाने से पहले संबंधित मध्यस्थों द्वारा जांच भी की गई थी। कंपनी ने दयानिधि मारन के आरोपों को “झूठा, भ्रामक, अटकलबाजी और तथ्यहीन” बताया है।

वहीं, कलानिधि मारन की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है। इससे विवाद और भी गहराता नजर आ रहा है।

कानूनी प्रक्रिया और आगे का रास्ता

दयानिधि मारन ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे सेबी, एसएफआईओ और ईडी के समक्ष कलानिधि मारन और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएं। इससे मामला और जटिल और व्यापक हो सकता है।

निष्कर्ष : –

दयानिधि मारन और कलानिधि मारन के बीच यह पारिवारिक विवाद अब पूरी तरह से कानूनी और कारोबारी संकट में बदल चुका है। सन टीवी जैसी प्रतिष्ठित कंपनी के स्वामित्व को लेकर उठे इस सवाल ने न केवल कंपनी के शेयरधारकों को बल्कि कंपनी से जुड़े लोगों को भी चिंतित कर दिया है। पूरा मीडिया उद्योग हिल गया है। अब देखना यह है कि कलानिधि मारन इस विवाद पर क्या रुख अपनाते हैं और दयानिधि मारन अपने कानूनी प्रयासों से कितनी सफलता हासिल करते हैं।

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Author: kamalkant

कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।