शेख़ हसीना को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण से बड़ा झटका :

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शेख़ हसीना को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण से बड़ा झटका :बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना अदालत की अवमानना मामले में शेख़ हसीना दोषी करार – 

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अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने 6 महीने की सजा सुनाई |

ढाका/नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) ने बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को अदालत की अवमानना के एक मामले में 6 महीने जेल की सजा सुनाई है। यह फैसला 3 जुलाई 2025 को सुनाया गया और यह पहली बार है जब शेख हसीना को किसी मामले में दोषी ठहराया गया है, खासकर तब जब वह पिछले एक साल से देश से फरार हैं और भारत में रह रही हैं।

यह मामला न केवल बांग्लादेश की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर रहा है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और लोकतंत्र के भविष्य पर भी गंभीर सवाल उठा रहा है।

—फैसले की मुख्य बातें :

शेख हसीना को अदालत की अवमानना के लिए 6 महीने जेल की सजा सुनाई गई है।

यह फैसला जस्टिस मोहम्मद गुलाम मुर्तुजा मोजुमदार की अध्यक्षता वाली अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण-1 की तीन सदस्यीय पीठ ने सुनाया।

अवामी लीग के छात्र नेता शकील अकंद बुलबुल को भी दो महीने की सजा सुनाई गई है।

यह सजा एक वायरल ऑडियो क्लिप के आधार पर सुनाई गई, जिसमें शेख हसीना कथित तौर पर यह कहते हुए सुनी गईं:

  1.  “मेरे खिलाफ 227 मामले हैं, इसलिए मुझे 227 लोगों को मारने का लाइसेंस मिल गया है।”

अदालत ने इसे अदालत की गरिमा और निष्पक्षता पर सीधा हमला माना।

—बिना सुनवाई के सुनाया गया फैसला ?

शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने इस फैसले को एकतरफा, राजनीतिक और असंवैधानिक करार दिया है। पार्टी के मुताबिक:

  1.  “शेख हसीना को न तो अदालत में अपना पक्ष रखने का मौका मिला और न ही उनके वकीलों को सुनवाई का मौका दिया गया। यह पूरी प्रक्रिया न्याय का मजाक है।”

पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने न्यायिक प्रक्रिया के सभी नियमों और मानकों को दरकिनार करके यह सजा सुनाई है।

—2024 के जन विद्रोह की पृष्ठभूमि

पूरा विवाद 2024 के बांग्लादेशी छात्र आंदोलन से शुरू हुआ। व्यापक विरोध के कारण 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना की सरकार गिर गई। इसके तुरंत बाद, वह भारत चली गईं और तब से नई दिल्ली में एक सुरक्षित स्थान पर रह रही हैं।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के अनुसार, 15 जुलाई से 15 अगस्त 2024 के बीच हुई हिंसा में लगभग 1400 लोग मारे गए। इस हिंसा के लिए शेख हसीना और उनके शासन को जिम्मेदार ठहराया गया।

—मानवता के विरुद्ध अपराध के आरोप

अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने शेख हसीना पर मानवता के विरुद्ध अपराध करने का आरोप लगाया है, जिसमें शामिल हैं:

प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश देना

हेलीकॉप्टर से हथियारों का इस्तेमाल करना

लाशों को जलाना

जनआंदोलनों को क्रूरतापूर्वक कुचलने का प्रयास करना

मुख्य अभियोक्ता मोहम्मद ताजुल इस्लाम के अनुसार:

  1.  “शेख हसीना ने सत्ता में बने रहने के लिए किसी भी हद तक जाने का फैसला किया था। उन्होंने लोगों को अपने पिता शेख मुजीबुर रहमान की पूजा करने के लिए मजबूर किया।”

—कई अन्य मामले चल रहे हैं

शेख हसीना पर न केवल अवमानना का मामला चल रहा है, बल्कि उनके खिलाफ कई गंभीर मामले चल रहे हैं:

1. 23 वर्षीय छात्र नेता अबू सईद की हत्या

2. चंखरपुल (ढाका) में 6 लोगों की हत्या

3. आशुलिया में 6 लोगों को जिंदा जलाना

पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल और पूर्व पुलिस प्रमुख चौधरी अब्दुल्ला अल मामून भी इन मामलों में आरोपी हैं। कमाल फरार है, जबकि मामून हिरासत में है।

—वायरल ऑडियो बना सजा का कारण

अप्रैल 2025 में एक वायरल ऑडियो सामने आया था, जिसमें शेख हसीना को उपरोक्त आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए सुना गया था। बांग्लादेश पुलिस के सीआईडी विभाग ने फोरेंसिक जांच के बाद इसे प्रमाणित किया, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण में अवमानना का मामला दर्ज किया गया।

न्यायाधिकरण ने हसीना को नोटिस भेजकर 25 मई तक पेश होने का आदेश दिया, लेकिन उनके अनुपस्थित रहने पर 3 जुलाई को सजा सुनाई गई।

—अवामी लीग का पलटवार

अवामी लीग ने सजा को “न्यायिक आतंकवाद” करार दिया। उनके अनुसार:

  1.  “यह अवैध और असंवैधानिक अंतरिम सरकार एक उग्रवादी गिरोह द्वारा चलाई जा रही है, जिसने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण को भी अपने कब्जे में ले लिया है।”

पार्टी ने यह भी कहा कि जिस धारा के तहत हसीना पर मुकदमा चलाया गया, उसका कोई उल्लंघन नहीं हुआ।

—शेख हसीना भारत में हैं

शेख हसीना फिलहाल नई दिल्ली में विशेष सुरक्षा घेरे में हैं। भारत सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला भारत-बांग्लादेश संबंधों में नई चुनौतियां पैदा कर सकता है।

—जनता और वैश्विक समुदाय से अपील

अवामी लीग ने देश की जनता और वैश्विक समुदाय से अपील की है:

  1.  “अब समय आ गया है कि देशवासी इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं। हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस फर्जी और राजनीतिक प्रक्रिया की निंदा करने की अपील करते हैं।”

—निष्कर्ष :

अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण द्वारा शेख हसीना को दी गई 6 महीने की सजा न केवल बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा मोड़ है, बल्कि यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी चिंता का विषय है।

एक तरफ सरकार इस फैसले को न्याय का प्रतीक बता रही है, वहीं विपक्ष इसे साजिश बता रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शेख हसीना भारत से लौटकर अपना बचाव करती हैं या राजनीतिक शरण का रास्ता अपनाती हैं। एक बात तो तय है- बांग्लादेश में राजनीतिक तूफान अब और तेज हो सकता है।

 

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Swatantra Vani
Author: Swatantra Vani

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