वेस्टइंडीज़ क्रिकेटर शमार जोसेफ पर यौन शोषण के गंभीर आरोप: 11 महिलाओं ने लगाए बलात्कार और उत्पीड़न के आरोप, कैरेबियाई क्रिकेट में हड़कंप –
_______पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक जीत में चमकने वाले वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमर जोसेफ एक बड़े विवाद में फंस गए हैं। उन पर 11 महिलाओं ने यौन शोषण, बलात्कार और अवांछित यौन संपर्क जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले ने वेस्टइंडीज क्रिकेट और गुयाना की न्याय व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
🔹शमर जोसेफ : एक ऐसा सितारा जिसकी छवि दागदार है
जनवरी 2024 में ब्रिस्बेन के गाबा में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वेस्टइंडीज की ऐतिहासिक जीत में निर्णायक भूमिका निभाने वाले शमर जोसेफ अब अपने खेल से ज्यादा यौन शोषण के आरोपों को लेकर चर्चा में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन पर कम से कम 11 महिलाओं ने यौन उत्पीड़न और बलात्कार का आरोप लगाया है, जिनमें से एक उस समय नाबालिग थी।
🔹मुख्य घटनाक्रम: 3 मार्च, 2023 की रात –
सबसे प्रमुख आरोप न्यू एम्स्टर्डम, बर्बिस, गुयाना में एक 18 वर्षीय लड़की के साथ कथित बलात्कार का है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि शमर जोसेफ उसे “मिलने” के बहाने एक घर में ले गया, जहाँ अन्य लोग भी मौजूद थे। वह सुरक्षित महसूस कर रही थी, लेकिन बाद में शमर उसे ऊपर के कमरे में ले गया और उसके साथ जबरन यौन संबंध बनाए।
🔹यौन शोषण के साक्ष्य और गवाही :
कैएटूर न्यूज़ और स्पोर्ट्समैक्स टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, आरोप लगाने वाली महिलाओं ने अपनी बात को साबित करने के लिए कई सबूत पेश किए हैं – जिसमें वॉयस नोट्स, चैट, स्क्रीनशॉट, मेडिकल रिपोर्ट और वीडियो शामिल हैं। पीड़ितों में से एक की माँ ने मीडिया को बताया कि शमर ने मामले को सुलझाने के लिए उसके परिवार को पैसे की पेशकश की, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “हमें पैसे नहीं चाहिए, हमें न्याय चाहिए।”
🔹शमर जोसेफ और कानूनी प्रक्रिया: दो साल से लंबित है मामला –
पीड़ितों में से एक का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील निगेल ह्यूजेस ने बताया कि यह मामला पहली बार दो साल पहले यानी 2023 में सामने आया था। उन्होंने बताया कि उस समय जांच एजेंसियों ने अभियोजन की संस्तुति की थी, लेकिन उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब 25-26 जून 2025 को फिर से पूछताछ की गई, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला।
ह्यूजेस ने यह भी कहा कि पीड़ितों को बार-बार बुलाकर पूछताछ की जा रही है, जिससे उनका मानसिक स्वास्थ्य खराब हो रहा है। एक पीड़िता की हालत इतनी गंभीर हो गई कि उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
🔹शमर जोसेफ पर पहले भी यौन शोषण का आरोप लगा था :
एक और मामला भी सामने आया है, जिसमें शमर जोसेफ पर नाबालिग रिश्तेदार से दुष्कर्म का आरोप लगा था। उस मामले में गिरफ्तारी भी हुई थी, लेकिन बाद में पीड़िता ने अपना बयान वापस ले लिया और मामला बंद कर दिया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि पीड़ितों को या तो डर, दबाव या प्रभाव के कारण चुप करा दिया गया।
🔹क्रिकेट वेस्टइंडीज और गुयाना पुलिस की चुप्पी :
स्पोर्ट्समैक्स टीवी द्वारा संपर्क किए जाने पर वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड (क्रिकेट वेस्टइंडीज – सीडब्ल्यूआई) ने इस मामले पर चुप्पी साध ली है। अध्यक्ष किशोर शैलो ने कहा:
- “क्रिकेट वेस्टइंडीज को इस मामले की जानकारी नहीं है और इसलिए वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।”
साथ ही गुयाना पुलिस भी इस मामले पर अभी तक कोई औपचारिक बयान नहीं दे पाई है। यह चुप्पी पीड़ितों के परिवारों को और भी निराश कर रही है।
🔹समाज और अधिकार कार्यकर्ताओं की चिंता :
इस मामले ने कैरेबियाई समाज में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय प्रणाली की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला अधिकार संगठनों का कहना है कि “अगर एक हाई-प्रोफाइल क्रिकेटर के खिलाफ इतनी गंभीर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं की जाती है, तो आम महिलाओं की आवाज कैसे सुनी जाएगी?”
इस पूरे प्रकरण ने यह भी दिखाया है कि कैसे प्रसिद्धि और प्रभाव का इस्तेमाल करके यौन शोषण जैसे जघन्य अपराधों को दबाया जा सकता है।
🔹क्रिकेट करियर बनाम नैतिकता का सवाल :
शमर जोसेफ ने अपने छोटे से करियर में कई बड़े रिकॉर्ड बनाए हैं, खासकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनके प्रदर्शन को ऐतिहासिक माना गया। लेकिन अब उन पर लगे यौन शोषण के आरोपों ने उनके करियर और प्रतिष्ठा को बड़ा झटका दिया है।
फिलहाल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज चल रही है और शमर जोसेफ इसमें टीम का हिस्सा हैं। उन्होंने पहले दो दिन में 9 विकेट लिए और अपनी गेंदबाजी से सबका ध्यान खींचा, लेकिन साथ ही उन पर लगे आरोपों ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया और प्रशंसकों का ध्यान दूसरी तरफ खींचा है।
🔹निष्कर्ष : क्या शमर जोसेफ को कानूनी संरक्षण मिलेगा या पीड़ितों को न्याय मिलेगा ?
शमर जोसेफ पर लगे यौन शोषण के आरोप वेस्टइंडीज क्रिकेट के लिए न सिर्फ छवि संकट हैं, बल्कि नैतिक चुनौती भी हैं। एक तरफ जहां उनके प्रदर्शन की सराहना हो रही है, वहीं दूसरी तरफ न्याय की उम्मीद में संघर्ष कर रही महिलाएं देश और क्रिकेट प्रशासन से जवाब मांग रही हैं।
अब देखना यह है कि वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड और गुयाना पुलिस निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेगी या यह मामला भी अन्य हाई-प्रोफाइल मामलों की तरह समय के साथ फीका पड़ जाएगा। लेकिन इस बार पीड़ित चुप नहीं हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं।
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Author: Swatantra Vani
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