वाराणसी में NSG का माक ड्रिल, आतंकी हमले से निपटने की तैयारी परखी
वाराणसी समाचार : शुक्रवार और शनिवार को काशी नगरी वाराणसी में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) द्वारा एक विशेष माक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय स्तर के अभ्यास का उद्देश्य था – शहर में किसी भी आतंकी हमले की स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों को परखना और तत्काल प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना। दो दिनों तक लगातार बारिश के बावजूद यह ड्रिल पूरी सख्ती और पेशेवर अंदाज में संपन्न हुई, जिसने शहरवासियों को एक पल के लिए वास्तविक स्थिति का आभास करा दिया।

ऑपरेशन गांडीव: तैयारी का बड़ा अभ्यास
- वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट और जिला प्रशासन की निगरानी में यह ऑपरेशन गांडीव नामक अभ्यास हुआ। इसमें NSG, एटीएस, बीडीएस, आरपीएफ और जीआरपी की टीमें शामिल रहीं।
- शुक्रवार सुबह आठ बजे रोडवेज बस स्टैंड पर तीन प्रतीकात्मक धमाकों से ड्रिल की शुरुआत हुई।
- बस स्टैंड परिसर को तुरंत खाली कराया गया और पुलिस ने चारों ओर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा घेरेबंदी कर दी।
- इसके बाद कैंट रेलवे स्टेशन और बनारस स्टेशन पर भी नकली आतंकी हमलों की स्थिति बनाई गई, जहाँ NSG कमांडो ने आतंकियों को खोजने और उन्हें निष्क्रिय करने का अभियान चलाया।
कैंट स्टेशन पर नाट्य रूपांतरण के दौरान तीन आतंकी यात्रियों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे थे। सूचना मिलते ही एनएसजी कमांडो ने तेजी से सर्च ऑपरेशन चलाया। दो आतंकियों को मौके पर ही मार गिराने का सीन दिखाया गया, जबकि तीसरे आतंकी ने सर्कुलेटिंग एरिया में विस्फोटक फेंककर भागने की कोशिश की। हालांकि, एटीएस की टीम ने उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया।
रेलवे संचालन और यातायात पर असर
- इस ड्रिल का सबसे ज्यादा प्रभाव रेलवे संचालन और यातायात पर पड़ा।
- सुबह आठ से दस बजे तक प्लेटफार्म नंबर एक से ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया।
- स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस और विभूति एक्सप्रेस सहित तीन ट्रेनों को दूसरे प्लेटफार्मों पर डायवर्ट किया गया।
- आरपीएफ और जीआरपी ने सुरक्षा कॉरिडोर बनाकर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
- मुख्य भवन की स्वचालित सीढ़ियों को भी बंद कर दिया गया।
शहर के अन्य हिस्सों में ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। पुलों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और कई यात्री एक से दो किलोमीटर तक पैदल सफर करते नजर आए। सुबह का व्यस्त समय होने के कारण आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन लोगों ने इसे सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना।

बारिश ने नहीं रोकी तैयारी
- खास बात यह रही कि भारी बारिश के बावजूद एनएसजी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई पर कोई असर नहीं पड़ा।
- हेलीकॉप्टर और सेना के विमानों का इस्तेमाल किया गया।
- चौकाघाट से लेकर रेलवे स्टेशन तक सर्च और ऑपरेशन चलाए गए।
- एंबुलेंस की गाड़ियों को भी शामिल किया गया ताकि किसी आपात स्थिति का आभास कराया जा सके।
इस दौरान जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, एडिशनल सीपी शिवहरि मीणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे अभ्यास की निगरानी की।
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पहली बार वाराणसी में NSG का माक ड्रिल
जानकारी के अनुसार, आतंकी हमले की स्थिति से निपटने के लिए यह वाराणसी में पहली बार NSG का माक ड्रिल था। धार्मिक नगरी वाराणसी में हर रोज लाखों श्रद्धालु, पर्यटक और यात्री आते हैं। ऐसे में भीड़भाड़ वाले इलाकों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर सुरक्षा की तैयारी को परखना बेहद जरूरी था।
यह अभ्यास न केवल सुरक्षा बलों की तत्परता को जांचने का साधन बना, बल्कि आम जनता को भी सतर्क और जागरूक रहने का संदेश दिया।
स्थानीय नागरिकों की प्रतिक्रिया
ड्रिल के दौरान अचानक पुलिस सायरन और फायरिंग की आवाजों से शहरवासी सकते में आ गए। कई लोगों को लगा कि सच में कोई बड़ा हादसा हो गया है। बाद में जब उन्हें पता चला कि यह अभ्यास है तो लोगों ने राहत की सांस ली।
नागरिकों का कहना था कि ऐसे अभ्यास समय-समय पर होते रहने चाहिए ताकि सुरक्षा एजेंसियां और नागरिक दोनों सतर्क रहें।
स्वतंत्र वाणी के उपसंहारिक शब्द
स्वतंत्र वाणी समाचार के अनुसार, इस मॉक ड्रिल ने यह साबित कर दिया कि वाराणसी जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले शहर में सुरक्षा एजेंसियां हर परिस्थिति से निपटने को तैयार हैं। दो दिनों तक चली इस व्यापक तैयारी ने यह भरोसा दिलाया कि किसी भी आपात स्थिति में NSG और स्थानीय पुलिस की टीम पूरी क्षमता के साथ शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
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Author: kamalkant
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