Varanasi Weather: हिमालय की बर्फीली हवा से बढ़ी गलन

Varanasi Weather: हिमालय की बर्फीली हवा से बढ़ी गलन, न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री पर पहुंचा

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Varanasi Weather: हिमालय की बर्फीली हवा से बढ़ी गलन, न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री पर पहुंचा

काशी में ठंड का प्रकोप एक बार फिर तेज हो गया है। हिमालय की ओर से आने वाली बर्फीली पछुआ हवा ने Varanasi तथा आसपास के जिलों में गलन को कई गुना बढ़ा दिया है। शहर में सोमवार को न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2.5 डिग्री कम है। वहीं अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा सात किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती रही, जिससे सुबह और रात में कड़ाके की ठंड महसूस हुई।

शहर में ठंड का यह असर इतना बढ़ गया है कि शाम ढलने से लगभग एक घंटे पहले ही लोग अलाव जलाने लगे। घाटों, बाजारों, गलियों और मोहल्लों में जगह-जगह अलाव के आसपास भीड़ जुटने लगी है। वहीं सुबह के वक्त हालात और गंभीर नजर आ रहे हैं। जो लोग सुबह छह से सात बजे के बीच घरों से निकल रहे हैं, वे ठंडी हवाओं के झोंकों से परेशान हो रहे हैं। कई क्षेत्रों में धूप खिली जरूर, लेकिन पछुआ हवा ने उसे बेअसर कर दिया है।

हिमालय की बर्फबारी का असर मैदानों में दिखा

Varanasi Weather: हिमालय की बर्फीली हवा से बढ़ी गलन, न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री पर पहुंचा

बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पहाड़ों पर बर्फबारी शुरू हो गई है, जिसका सीधा असर पूर्वी उत्तर प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है। हिमालय पर बर्फ जमने के बाद ठंडी हवाएं मैदानों में तेजी से प्रवेश कर रही हैं, जिससे गलन लगातार बढ़ रही है। दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंड से राहत नहीं मिल रही है।

उनके अनुसार, यह ठंड अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है। सुबह और रात के समय तापमान में और गिरावट की संभावना भी बनी हुई है। हालांकि मौसम विज्ञान विभाग ने अभी तक Varanasi के लिए किसी शीतलहर की आधिकारिक चेतावनी जारी नहीं की है।

शहर में गलन का कहर, लोग परेशान

मौसम की बिगड़ती स्थिति का सीधा असर आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है। सुबह स्ट्रीट वेंडर, रिक्शा-ई-रिक्शा चालक, सब्जी विक्रेता और दैनिक मजदूर ठंड में काम शुरू करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। कई जगहों पर लोग सुबह सवेरे चाय की दुकानों पर भीड़ लगाते दिखे। शहर के बाजारों में खासकर ऊनी कपड़ों की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ गई है। वहीं स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को भी कड़ाके की सर्दी परेशान कर रही है। कई अभिभावक बच्चों के लिए अतिरिक्त गर्म कपड़े लेकर स्कूल गेट के बाहर खड़े दिखे।

गंगा किनारे सुबह भ्रमण करने वालों की संख्या भी पिछले एक हफ्ते में काफी कम हुई है। जो लोग मॉर्निंग वॉक के लिए निकल भी रहे हैं, वे मोटी जैकेट, स्वेटर, टोपी और दस्ताने पहने दिख रहे हैं।

जिला प्रशासन ने जारी की गाइडलाइन

Varanasi Weather: हिमालय की बर्फीली हवा से बढ़ी गलन, न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री पर पहुंचा

ठंड और गलन की बढ़ती स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने शीतलहर, पाला तथा न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट के मद्देनजर नई गाइडलाइन जारी की है। प्रशासन ने आगाह किया है कि आने वाले दिनों में तापमान और गिर सकता है, ऐसे में जनसाधारण को सतर्क रहने की आवश्यकता है। गाइडलाइन में सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने, बेघर और असहाय लोगों को रैन बसेरों में भेजने तथा स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों को भी ठंड के अनुसार छात्रों की यूनिफॉर्म और समय-सारिणी को लेकर आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।

आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहेगा?

मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक Varanasi में तापमान में भारी बदलाव की संभावना नहीं है। सुबह और देर शाम ठंड और अधिक महसूस हो सकती है। हल्की धुंध और ठंडी हवाओं के कारण लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय हुआ, तो न्यूनतम तापमान 8 डिग्री तक पहुंच सकता है। ऐसे में जनजीवन पर ठंड का असर और बढ़ सकता है।

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Rajesh Srivastava
Author: Rajesh Srivastava

राजेश श्रीवास्तव एक अनुभवी और दूरदर्शी एडिटर इन चीफ हैं, जिन्हें पत्रकारिता और संपादन का गहरा अनुभव प्राप्त है। कई वर्षों की सक्रिय भूमिका के साथ, वे समाचारों की गुणवत्ता, निष्पक्षता और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। राजेश का उद्देश्य संपादकीय नेतृत्व के माध्यम से सच्ची और संतुलित जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है। उनके मार्गदर्शन में प्रकाशित सामग्री में स्पष्टता, विश्वसनीयता और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होता है, जो उन्हें एक प्रभावशाली और विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।