राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई संपन्न : संयुक्त परिषद के अध्यक्ष श्री जे एन तिवारी द्वारा की गई बैठक की अध्यक्षता –
दर्जनों संबद्ध संगठनों एवं 50 से अधिक जनपद शाखाओं के पदाधिकारियों ने किया प्रतिभाग ।सरकार से आर पार करने का लिया गया निर्णय
4 अगस्त से शुरू होगा चरणबद्ध आंदोलन
लखनऊ 13 जुलाई,
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की केंद्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों, सदस्यों ,संबद्ध संगठनों के अध्यक्ष ,महामंत्रियों एवं जनपद शाखाओं के अध्यक्ष सचिवों की एक अति आवश्यक बैठक आज दिनांक 13 जुलाई 2025 को संयुक्त परिषद के कार्यालय 504,शालिग्राम अपार्टमेंट लखनऊ में संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
बैठक में यू पी फूड सिविल सप्लाईज इंस्पेक्टर्स ऑफिसर्स एसोसिएशन , अराजपत्रित कर्मचारी संघ खाद्य रसद विभाग, उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी कल्याण संघ, फाइलेरिया निरीक्षक संघ, एक्स-रे टेक्नीशियन एसोसिएशन, डिप्लोमा लैब टेक्नीशियन संघ आशा कार्यकर्त्री संगठन, माध्यमिक शिक्षणेत्र कर्मचारी संघ सहित दर्जनों संगठनों के पदाधिकारी एवं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नारायण जी दुबे उपाध्यक्ष, त्रिलोकी नाथ चौरसिया, प्रीति पांडे, कुसुम लता यादव, नितिन गोस्वामी, डीके त्रिपाठी, डीके उपाध्याय, राजेश श्रीवास्तव, रमेश चंद्र राय सहित दर्जनों पदाधिकारी ने बैठक में प्रतिभाग किया। यह जानकारी राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की महामंत्री अरुणा शुक्ला ने लखनऊ में एक प्रेस विज्ञप्ति में दिया है ।
— सरकार द्वारा कर्मचारियों के मांगों की की जा रही उपेक्षा :
बैठक में सभी उपस्थित पदाधिकारियों के विचार सुनने के बाद संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने अवगत कराया कि सरकार कर्मचारियों की मांगों की उपेक्षा कर रही है। कर्मचारियों का शोषण हो रहा है।
— कुछ विभागों द्वारा स्थानांतरण – नीति का किया गया उल्लंघन : स्थानांतरण निरस्त करने की माँग:
शासन की स्थानांतरण नीति को दरकिनार कर विभिन्न विभागों में स्थानांतरण किए गए हैं । स्थानांतरण सत्र समाप्त हो जाने के बाद भी खाद्य रसद सहित कुछ विभागों में स्थानांतरण बदस्तूर जारी है। खाद्य रसद विभाग में स्थानांतरण में लेन देन की शिकायत भी आई हैं। विपणन शाखा से संबंधित स्थानांतरण की पत्रावली अभी भी शासन में लंबित है। परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने मुख्यमंत्री के ई मेल आईडी पर पत्र भेज कर रसद रसद विभाग के सभी स्थानांतरणों की जांच किए जाने एवं गलत स्थानांतरण निरस्त करने की मांग किया है।
— परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष जे एन तिवारी ने परिषद को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाए महत्वपूर्ण कदम :
संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जैन तिवारी ने परिषद की संरचनात्मक संगठन आत्मक संरचना को मजबूत करने के लिए रोडवेज कल्याण संघ के अध्यक्ष जी के त्रिपाठी को संयुक्त परिषद का वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोनीत किया है जबकि श्री राजेश श्रीवास्तव को वाराणसी जनपद का अध्यक्ष एवं सोशल मीडिया प्रभारी तथा हर्ष सिंह को जनपद बाराबंकी का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है।
— श्री त्रिलोकी नाथ चौरसिया की अध्यक्षता में बनाई गई सात सदस्यीय अनुशासन समिति।
संयुक्त परिषद में अनुशासन स्थापित करने के उद्देश्य से एक साथ सदस्यों की अनुशासन समिति भी बनाई गई है जिसकी अध्यक्ष श्री त्रिलोकी नाथ चौरसिया होंगे। अनुशासन समिति के अन्य सदस्यों में संयुक्त परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष परिषद के नारायण जी दुबे, रोडवेज कर्मचारी कल्याण संघ के अध्यक्ष डी के त्रिपाठी, चकबंदी अधिकारी संघ के महामंत्री हर्ष सिंह, संयुक्त परिषद के उपाध्यक्ष शिवाकांत द्विवेदी,संयुक्त परिषद के कोषाध्यक्ष नितिन गोस्वामी, एवं आशा हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन की अध्यक्ष कुसुम लता यादव को शामिल किया गया है। अरुणा शुक्ला को मीडिया प्रभारी का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है।
परिवहन निगम में संविदा चालकों परिचालकों का स्थानांतरण नहीं किया गया है जबकि म्यूचुअल स्थानांतरण की व्यवस्था स्थानांतरण नीति में दी गई है।
— मांगों के प्रति उदासीनता को देखते हुए संयुक्त परिषद ने चरण बद्ध तरीके से की आंदोलन की घोषणा :
संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी एवं महामंत्री अरुणा शुक्ला ने अवगत कराया है कि सरकार की कर्मचारियों के मांगों के प्रति उदासीनता को देखते हुए संयुक्त परिषद ने चरण बद्ध आंदोलन की घोषणा किया है। आंदोलन के पहले चरण में 4 अगस्त से 23 अगस्त तक समस्त जनपदों में जन जागरण अभियान चलाया जाएगा। 4 सितंबर को जनपद मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन करके जिला अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजा जाएगा। 21 सितंबर को समस्त मंडल मुख्यालयों पर मंडलायुक्त के माध्यम से ज्ञापन भेजे जाने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। 17 अक्टूबर को लखनऊ में विधानसभा के घेराव का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है, जिसमें प्रदेश के सभी विभागों के 5 लाख से अधिक कर्मचारी प्रतिभाग करेंगे। परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने अवगत कराया है कि आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय का निर्धारण अभी तक नहीं हुआ है जबकि मुख्यमंत्री जी इसकी घोषणा पहले ही कर चुके हैं। नियमित पदों के सापेक्ष निर्धारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से चयनित किए गए संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की मांग भी संयुक्त परिषद ने किया है। कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरे जाने, पदोन्नतियां किए जाने ,वेतन विसंगतियों का निराकरण किए जाने ,आशा बहू को न्यूनतम 18000 का मानदेय दिए जाने परिवहन निगम में यूपीएस लागू कराए जाने ओ पी एस की श्रेणी में आने वाले कर्मचारियों के लिए विकल्प का एक और मौका दिए जाने, सचिवालय प्रवेश पत्र निर्गत किए जाने में कार्मिक विभाग द्वारा लगातार रुकावटें उत्पन्न किए जाने को लेकर भी कर्मचारी नाराज हैं। संयुक्त
परिषद की महामंत्री अरुणा शुक्ला ने अवगत कराया है अधिकारियों की तानाशाही के खिलाफ 17 अक्टूबर को विधानसभा के घेराव के दौरान ही संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने विरोध स्वरूप जेल जाने का निर्णय भी लिया है। संयुक्त परिषद के अध्यक्ष के जेल जाने के बाद प्रदेश में आंदोलन तेज किया जाएगा। बैठक में संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी, महामंत्री अरुणा शुक्ला, उपाध्यक्ष त्रिलोकी नाथ चौरसिया ,वीरेंद्र वीर यादव , रामसागर शुक्ला, गोविंद कुमार, राजेश श्रीवास्तव, ओमप्रकाश गौर , रमेश चंद्र राय सहित विभिन्न संगठनों के कर्मचारी नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किया
अरुणा शुक्ला
महामंत्री
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Author: Swatantra Vani
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