राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद

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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष एवं महामंत्री ने सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों से किया मुलाकात :

अपर मुख्य सचिव माननीय मुख्यमंत्री, सचिव माननीय मुख्यमंत्री ,प्रमुख सचिव कार्मिक एवं प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन से मुलाकात कर आउटसोर्स कर्मचारियों के न्यूनतम मानदेय निर्धारित करने में आ रही कठिनाइयों पर की वार्ता –
आयुक्त खाद्य एवं रसद से राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रतिनिधियों की वार्ता भी हुई
स्थानांतरण में पदाधिकारियों के समायोजन सहित कई बिंदुओं पर सार्थक वार्ता हुई
वार्ता में संयुक्त परिषद के उपाध्यक्ष एवं महामंत्री भी साथ रहे
लखनऊ 26 जून,
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी एवं महामंत्री अरुणा शुक्ला ने आज लोक भवन एवं सचिवालय के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर आउटसोर्स कर्मियों का न्यूनतम मानदेय निर्धारित किए जाने एवं उनकी सेवा शर्तों में सुधार किए जाने की कठिनाइयों पर चर्चा किया। सभी वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात अत्यंत सौहार्दपूर्ण वातावरण में रही जिसके सकारात्मक परिणाम शीघ्र ही देखने को मिलेंगे।

आउटसोर्स कर्मियों के संबंध में पदाधिकारी- द्वय ने दी जानकारी :

आउटसोर्स कर्मियों के लिए निगम के गठन के संबंध में अगले माह तक निर्णय हो जाएगा। यह जानकारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने दिया है। उन्होंने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों के बीच से सेवा प्रदाता एजेंसियां हटाई जा सकती हैं एवं उनका पूरा नियंत्रण निगम के अधीन किया जा सकता है। आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए मुख्यमंत्री जी की तरफ से बड़ा तोहफा है ,राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने आउटसोर्स कर्मचारियों को शोषण से मुक्ति दिलाने के लिए मुख्यमंत्री जी का बहुत-बहुत आभार व्यक्त किया है। संयुक्त परिषद, आउटसोर्स कर्मियों के न्यूनतम वेतन निर्धारण एवं सेवा शर्तों में सुधार के लिए पिछले दो वर्षों से लगातार कार्य कर रही है यह उसी का नतीजा है कि आज आउटसोर्स कर्मियों के न्यूनतम वेतन का निर्धारण होने जा रहा है।
आज संयुक्त परिषद के अध्यक्ष एवं महामंत्री अरुणा शुक्ला ने अपर मुख्य सचिव माननीय मुख्यमंत्री एसपी गोयल, सचिव मुख्यमंत्री अमित सिंह, प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम देवराज एवं प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन अमित कुमार घोष से मुलाकात किया।

संयुक्त परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष श्री जे एन तिवारी ने खाद्य आयुक्त श्री भूपेंद्र एस चौधरी के साथ विभागीय कर्मचारियों के संबंध में 11 बिंदुओं पर किया सार्थक वार्ता

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रतिनिधिमंडल की आज खाद्य आयुक्त भूपेंद्र एस चौधरी के साथ उनके कार्यालय कक्ष में विभागीय कर्मचारियों से सबंधित 11 बिंदुओं पर सार्थक वार्ता भी हुई। संयुक्त परिषद की महामंत्री अरुणा शुक्ला ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से अवगत कराया है कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने खाद्य आयुक्त को कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत कराते हुए 11 बिंदुओं पर वार्ता किया। संभागीय खाद्य नियंत्रक लखनऊ के जर्जर भवन की मरम्मत कराने अथवा कार्यालय को कहीं अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने, खाद्य एवं रसद विभाग में कैडर रिव्यू कराए जाने, वाहन भत्ता /परावर्तन वाहन भत्ता दिए जाने, ब्लॉक एवं तहसील स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए भौतिक संसाधन उपलब्ध कराए जाने, बजट आवंटन एवं एसीपी की व्यवस्था को सुदृढ़ किए जाने, कनिष्ठ सहायक के पद से वरिष्ठ सहायक के पद पर पदोन्नति कराए जाने में आ रही कठिनाइयों के संबंध में आयुक्त से सार्थक वार्ता हुई ।

स्थानांतरण नीति की व्यवस्था के विपरीत हुए स्थानांतरण को निरस्त किये जाने हेतु की गई मांग 

स्थानांतरण नीति वर्ष 2025 _26 की व्यवस्था के विपरीत राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद एवं यूपी फूड एंड सिविल सप्लाईज इंस्पेक्टर्स ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के स्थानांतरण निरस्त किए जाने तथा राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारी श्री रामकृष्ण दुबे विपणन निरीक्षक एवं अन्य दो कर्मचारियों तथा श्रीमती रेनू मिश्रा का निलंबन समाप्त किए जाने पर भी चर्चा हुई। खाद्य आयुक्त ने आश्वस्त किया कि उनके स्तर पर जो कार्य लंबित है उस पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। शासन स्तर पर लंबित प्रकरणों में विभाग द्वारा तत्परता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित करने का आश्वासन भी दिया। खाद्य आयुक्त के साथ वार्ता में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी, महामंत्री अरुण शुक्ला उपाध्यक्ष त्रिलोकी नाथ चौरसिया एवं प्रीति पांडे भी मौजूद थीं।

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Author: kamalkant

कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।