महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार घोषित

महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार घोषित

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महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार घोषित, प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें “समर्पण और विनम्रता का प्रतीक” बताया

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने रविवार (17 अगस्त) को महाराष्ट्र के राज्यपाल और तमिलनाडु से दो बार सांसद रह चुके राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया। भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में यह निर्णय लिया गया। भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी औपचारिक घोषणा की।

महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार घोषित

राधाकृष्णन (68) वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। वे तमिलनाडु के कोयंबटूर से दो बार सांसद चुने गए हैं और 2003 से 2006 तक भाजपा की तमिलनाडु इकाई का नेतृत्व भी कर चुके हैं।

राधाकृष्णन को क्यों चुना गया?

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने पिछले महीने स्वास्थ्य कारणों से अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई। भाजपा नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया कि इस बार एक ऐसे नेता की ज़रूरत है जो एक ओर पार्टी की विचारधारा से गहराई से जुड़ा हो, तो दूसरी ओर राज्यसभा के सभापति के रूप में विपक्ष के साथ संवाद और संतुलन बनाए रख सके।

महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार घोषित

तमिलनाडु से आने वाले राधाकृष्णन लंबे समय से भाजपा और आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) से जुड़े रहे हैं। यही वजह है कि उन्हें “कांग्रेस विरोधी लेकिन सर्वदलीय सहयोगी” छवि वाले उपराष्ट्रपति पद के लिए सबसे उपयुक्त चेहरा माना गया।

राधाकृष्णन का राजनीतिक सफ़र

  • जन्म: 20 अक्टूबर 1957, तिरुपुर ज़िला, तमिलनाडु
  • किशोरावस्था में ही जनसंघ और आरएसएस से जुड़ गए
  • 1998 में कोयंबटूर से पहली बार लोकसभा पहुँचे, जब उन्होंने उस समय अन्नाद्रमुक गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की।
  • 1999 में कोयंबटूर से दूसरी बार सांसद बने, इस बार द्रमुक के साथ गठबंधन में।
  • वे 2003 से 2006 तक भाजपा तमिलनाडु के अध्यक्ष रहे।
  • झारखंड, पुडुचेरी और तेलंगाना के पूर्व राज्यपाल, जुलाई 2024 से महाराष्ट्र के राज्यपाल।
  • सामाजिक कार्यों में सक्रिय, विशेष रूप से टीबी उन्मूलन अभियान और सामुदायिक विकास कार्यक्रमों में।

उन्हें स्थानीय स्तर पर “कोयंबटूर का वाजपेयी” कहा जाता है क्योंकि उनकी छवि एक मिलनसार और सर्वदलीय नेता की है।

प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए उम्मीदवार घोषित किए जाने पर राधाकृष्णन को बधाई दी और कहा:

“अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में, थिरु सी.पी. राधाकृष्णन जी ने समर्पण, विनम्रता और बुद्धिमत्ता के साथ सेवा की है। उन्होंने हमेशा समाज सेवा और वंचितों को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। मुझे खुशी है कि एनडीए परिवार ने उन्हें उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुना है।”

भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने कहा कि राधाकृष्णन के पास 40 वर्षों का अनुभव है और उन्होंने विभिन्न जिम्मेदारियों में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्ष भी सर्वसम्मति से उनका समर्थन करेगा।

गृह मंत्री अमित शाह ने भी उन्हें बधाई देते हुए कहा:

“राधाकृष्णन जी का जीवन राष्ट्र को समर्पित रहा है। उनका अनुभव, उनकी सादगी और लोगों से उनका जुड़ाव उपराष्ट्रपति पद को और गरिमा प्रदान करेगा।”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राधाकृष्णन एक “सुलभ और संतुलित व्यक्तित्व” हैं जो राज्यसभा के कामकाज को सुचारू रूप से चलाएँगे।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने अभी तक अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। सूत्रों के अनुसार, 18 अगस्त को विपक्षी दलों की एक बैठक होगी, जिसमें नाम पर फैसला हो सकता है।

द्रमुक ने कहा कि “तमिलनाडु से उम्मीदवार उतारना तमिलनाडु समर्थक होना नहीं है।” द्रमुक नेता टीकेएस एलंगोवन ने कहा कि भाजपा आर्थिक और शैक्षिक मदद के मामले में राज्य की उपेक्षा कर रही है।

वहीं, अन्नाद्रमुक ने इस कदम को “रणनीतिक और समावेशी” बताया और कहा कि यह तमिलनाडु में भाजपा की पैठ का संकेत है।

संख्याओं का गणित

  • उपराष्ट्रपति का चुनाव सांसदों के निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा दोनों के सदस्य शामिल होते हैं।
  • कुल सदस्य: 782 (लोकसभा 542 + राज्यसभा 240)
  • बहुमत का आंकड़ा: 392
  • एनडीए के पास: लोकसभा में 293 और राज्यसभा में लगभग 130 = कुल 423
  • अब वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने भी राधाकृष्णन को समर्थन देने की घोषणा कर दी है। उनके लोकसभा में 4 और राज्यसभा में 7 सदस्य हैं।

इस तरह, राधाकृष्णन के पक्ष में 435 से ज़्यादा वोट पड़ने की संभावना है। यानी उनकी जीत लगभग तय है।

जगदीप धनखड़ से तुलना

जगदीप धनखड़ अपने टकराव भरे अंदाज़ और तीखी बयानबाजी के लिए जाने जाते थे। राज्यसभा में विपक्ष के साथ लगातार विवाद उनकी पहचान बन गए थे। उनके इस्तीफे के पीछे स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया गया, लेकिन माना जा रहा है कि भाजपा एक “कम विवादास्पद” चेहरा भी चाहती थी।

दूसरी ओर, राधाकृष्णन एक शांत, समावेशी और सर्वदलीय छवि वाले नेता हैं। आरएसएस के साथ उनका लंबा जुड़ाव भाजपा के लिए वैचारिक मजबूती भी सुनिश्चित करता है।

दक्षिण भारत और ओबीसी कार्ड

राधाकृष्णन तमिलनाडु के प्रभावशाली कोंगु वेल्लाला गौंडर समुदाय से आते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी नियुक्ति भाजपा की दक्षिण भारत में विस्तार की रणनीति और ओबीसी सामाजिक समीकरण, दोनों में संतुलन बनाने की एक कोशिश है।

तमिलनाडु में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में भाजपा का यह कदम राज्य में विपक्षी दलों को दुविधा में डाल सकता है।

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राधाकृष्णन की प्रतिक्रिया

एनडीए उम्मीदवार घोषित होने के बाद, सीपी राधाकृष्णन ने X पर लिखा:

“प्रधानमंत्री मोदी जी, गृह मंत्री अमित शाह जी, नड्डा जी और सभी नेताओं का धन्यवाद। मुझ पर विश्वास जताकर मुझे देश की सेवा करने का अवसर देने के लिए मैं आभारी हूँ। मैं वादा करता हूँ कि मैं अपनी अंतिम साँस तक देश की सेवा करता रहूँगा। जय हिंद!”

आगे की प्रक्रिया

  • नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि: 21 अगस्त 2025
  • मतदान तिथि: 9 सितंबर 2025
  • परिणाम उसी दिन घोषित किए जाएँगे।

यदि विपक्ष कोई उम्मीदवार नहीं उतारता है, तो राधाकृष्णन निर्विरोध उपराष्ट्रपति चुने जाएँगे। लेकिन अगर इंडिया ब्लॉक कोई उम्मीदवार भी उतारता है, तो एनडीए के आंकड़ों के आधार पर राधाकृष्णन की जीत लगभग तय है।

इस बार उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए ने एक रणनीतिक दांव खेला है। सी.पी. राधाकृष्णन का नाम भाजपा की वैचारिक निष्ठा, दक्षिण भारत में पैठ, ओबीसी समीकरण और राजनीतिक संतुलन को संतुलित करता है। प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा नेतृत्व ने उन्हें “जनसेवा और विनम्रता का प्रतीक” बताया है, जबकि विपक्ष अभी अपनी रणनीति तय करने में लगा है।

अब देखना यह है कि 9 सितंबर को होने वाले चुनाव में विपक्ष किसे आगे लाता है, लेकिन इतना तय है कि अगर सब कुछ सामान्य रहा तो सी.पी. राधाकृष्णन देश के 13वें उपराष्ट्रपति बनने जा रहे हैं।

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Author: kamalkant

कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।