मोहम्मद शमी को कोलकाता हाईकोर्ट से बड़ा झटका:

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मोहम्मद शमी को कोलकाता हाईकोर्ट से बड़ा झटका : हसीन जहां और बेटी को ₹4 लाख प्रतिमाह गुजारा भत्ता देने का आदेश – 

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भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को कोलकाता हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने शमी को निर्देश दिया है कि वह अपनी पत्नी हसीन जहां को ₹1.5 लाख और बेटी को ₹2.5 लाख यानी कुल ₹4 लाख प्रतिमाह गुजारा भत्ता दें। यह आदेश शमी और हसीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद में अहम मोड़ माना जा रहा है।

—कोर्ट का फैसला : आदेश में क्या कहा गया?

1 जुलाई 2025 को कोलकाता हाईकोर्ट के जस्टिस अजय कुमार मुखर्जी की बेंच ने यह आदेश सुनाया। कोर्ट ने कहा-

> “मेरी राय में, पत्नी को ₹1,50,000 प्रति माह और बेटी को ₹2,50,000 प्रति माह देना उचित और न्यायसंगत होगा, ताकि दोनों की आर्थिक स्थिरता बनी रहे।”

इस आदेश के तहत, मोहम्मद शमी को घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम (PWDV अधिनियम) के तहत अंतरिम राहत के रूप में यह राशि तब तक देनी होगी, जब तक कि ट्रायल कोर्ट इस मामले पर अंतिम फैसला नहीं सुना देता।

—पृष्ठभूमि : विवाद कैसे शुरू हुआ?

हसीन जहां और मोहम्मद शमी की शादी 2014 में हुई थी और दंपति की एक बेटी आयरा का जन्म 2015 में हुआ था। लेकिन 2018 में हसीन जहां ने शमी पर गंभीर आरोप लगाए, जिनमें शामिल हैं:

घरेलू हिंसा

दहेज उत्पीड़न

व्यभिचार और मैच फिक्सिंग

हसीन जहां ने यह भी दावा किया कि शमी एक पाकिस्तानी महिला से पैसे ले रहे थे और पारिवारिक जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ रहे थे।

इन आरोपों के बाद बीसीसीआई ने शमी का केंद्रीय अनुबंध अस्थायी रूप से रोक दिया था। हालांकि, जांच के बाद उन्हें मैच फिक्सिंग के आरोपों से क्लीन चिट दे दी गई थी।

—हसीन जहां की मांग और अदालती कार्यवाही

हसीन जहां ने शुरुआत में ₹10 लाख प्रति माह गुजारा भत्ता मांगा था – ₹7 लाख खुद के लिए और ₹3 लाख बेटी के लिए। 2023 में जिला सत्र न्यायालय ने पत्नी को ₹50,000 और बेटी को ₹80,000 देने का आदेश दिया, जिससे असंतुष्ट हसीन जहां ने कोलकाता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान हसीन जहां के वकील ने कहा कि शमी की सालाना आय करीब ₹7.19 करोड़ (₹60 लाख प्रति माह) है, इसलिए ₹4 लाख का गुजारा भत्ता बिल्कुल जायज है।

—हसीन जहां का बयान: “मैं लाचार थी, अब न्याय की राह पर हूं”

फैसले के बाद हसीन जहां ने मीडिया से कहा:

  1.  “मैं मॉडल और एक्ट्रेस थी। लेकिन शमी ने मुझे घर पर रहने के लिए मजबूर किया। मैं उनसे बहुत प्यार करती थी, इसलिए मैंने उनकी बात मान ली। लेकिन अब मेरी कोई आमदनी नहीं है। जब उन्होंने आर्थिक मदद देना बंद कर दिया, तो मुझे कोर्ट का सहारा लेना पड़ा।”

उन्होंने आगे कहा:

  1. “शमी को अपनी बेटी के भविष्य की चिंता नहीं है। भगवान ने बड़े अपराधियों को माफ कर दिया है, लेकिन वह अपनी बेटी की सुरक्षा और शिक्षा की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते।”

—वकील का बयान:  अंतिम आदेश में राशि बढ़ सकती है

हसीन जहां के वकील इम्तियाज अहमद ने कहा:

  1. “यह हसीन जहां के लिए बड़ा दिन था। वह 2018 से न्याय के लिए लड़ रही थीं। कोर्ट ने अंतरिम राहत दी है, लेकिन जब ट्रायल कोर्ट में यह मामला सुलझ जाएगा, तो ₹6 लाख प्रति माह की राशि भी मंजूर की जा सकती है।”

—शमी की प्रतिक्रिया :  चुप्पी लेकिन पहले किया था इनकार

इस फैसले के बाद मोहम्मद शमी की ओर से कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, पहले उन्होंने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। शमी ने कहा कि हसीन जहां किसी के बहकावे में आकर झूठे आरोप लगा रही हैं।

—शमी का क्रिकेट करियर :  चैंपियंस ट्रॉफी से वापसी, आईपीएल में खराब प्रदर्शन

शमी ने चोट के बाद 2025 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी से क्रिकेट में वापसी की। भारत ने यह टूर्नामेंट जीता।

आईपीएल 2025 में उन्हें सनराइजर्स हैदराबाद ने ₹10 करोड़ में खरीदा, लेकिन वे 9 मैचों में केवल 6 विकेट ही ले पाए।

उनकी कमाई का आकलन करते हुए कोर्ट ने माना कि शमी की इतनी आर्थिक क्षमता है कि वे आसानी से ₹4 लाख प्रति माह का भुगतान कर सकते हैं।

—क्या गुजारा भत्ता राशि में और बढ़ोतरी होगी ?

चूंकि हसीन जहां ने 10 लाख रुपए प्रतिमाह की मांग की थी और कोर्ट ने अभी अंतरिम राहत के तौर पर 4 लाख रुपए देने का आदेश दिया है, इसलिए विशेषज्ञों का मानना ​​है कि अंतिम आदेश में यह राशि और भी बढ़ सकती है।

—सामाजिक दृष्टिकोण: यह सिर्फ कानूनी मामला नहीं

मोहम्मद शमी और हसीन जहां के बीच यह विवाद सिर्फ तलाक या गुजारा भत्ता का मामला नहीं है, बल्कि यह देश भर में महिलाओं के अधिकारों और न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता के लिए एक मिसाल बन गया है।

—निष्कर्ष :

कोलकाता हाईकोर्ट का यह फैसला महिला सशक्तिकरण और न्याय व्यवस्था की मजबूती का प्रतीक है। मोहम्मद शमी को अब अपनी पत्नी और बेटी को हर महीने 4 लाख रुपए देने होंगे। हसीन जहां का कहना है कि यह फैसला उनके जीवन का सबसे बड़ा न्याय है। अगली सुनवाई में गुजारा भत्ता राशि बढ़ने की भी संभावना है।

यह मामला आने वाले समय में कानूनी क्षेत्र में ही नहीं बल्कि सामाजिक हलकों में भी चर्चा का बड़ा विषय बना रहेगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शमी की ओर से अगली प्रतिक्रिया क्या होगी।

 

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Swatantra Vani
Author: Swatantra Vani

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