‘मुझे भगोड़ा कहो, लेकिन चोर नहीं’: राज शमनी के पॉडकास्ट में बोले विजय माल्या, भारत लौटने के लिए रखी ये शर्त
लंदन स्थित उद्योगपति विजय माल्या एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व प्रमुख विजय माल्या ने हाल ही में पॉडकास्ट इंटरव्यू में कई बड़े खुलासे किए हैं। यह इंटरव्यू राज शमनी द्वारा होस्ट की गई चार घंटे की विशेष बातचीत के दौरान हुआ, जिसमें विजय माल्या ने भारत लौटने, अपने खिलाफ लगे ‘चोर’ के आरोपों और कानूनी संघर्षों के बारे में विस्तार से बात की।

विजय माल्या ने निष्पक्ष सुनवाई का मुद्दा उठाया
इस पॉडकास्ट में जब विजय माल्या से पूछा गया कि क्या भारत न लौटने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं, तो उन्होंने साफ तौर पर कहा-
“अगर मुझे भारत में निष्पक्ष सुनवाई और सम्मानजनक जीवन का आश्वासन मिलता है, तो आप सही हो सकते हैं, लेकिन मुझे ऐसा कोई भरोसा नहीं है।”
इस बयान से यह साफ हो जाता है कि विजय माल्या भारत लौटने के लिए तैयार हैं, बशर्ते उन्हें भारत में निष्पक्ष और स्वतंत्र न्यायिक प्रक्रिया का आश्वासन मिले।
राज शमनी ने जब उनसे सीधे पूछा कि अगर उन्हें निष्पक्ष सुनवाई की गारंटी दी जाए तो क्या वे भारत लौटने को तैयार हैं, तो विजय माल्या ने कहा, “अगर मुझे ऐसा आश्वासन मिलता है तो मैं इस पर गंभीरता से विचार जरूर करूंगा।”
विजय माल्या ने ब्रिटेन की अदालत का उदाहरण दिया
पॉडकास्ट में विजय माल्या ने यह भी कहा कि ब्रिटेन में ऐसे कई मामलों में अदालत ने भारत में जेल की स्थितियों को यूरोपीय मानवाधिकार सम्मेलन (ईसीएचआर) के अनुच्छेद 3 का उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा – “ऐसे मामलों में अदालत का मानना था कि भारत में जेल की स्थितियां मानवाधिकारों के विपरीत हैं और इसलिए लोगों को प्रत्यर्पित नहीं किया गया।” इस तरह विजय माल्या ने अपने मामले में इसी आधार पर आशंका जताई है और भारत प्रत्यर्पण पर सवाल उठाए हैं।
“मुझे भगोड़ा कहो, लेकिन चोर नहीं” – विजय माल्या की नाराजगी
विजय माल्या ने इस बातचीत में अपनी छवि को लेकर स्पष्ट रूप से नाराजगी जताई। उन्होंने कहा –
“मुझे भगोड़ा कहो क्योंकि मैंने मार्च 2016 के बाद भारत न लौटने का फैसला किया। लेकिन आप मुझे चोर क्यों कह रहे हैं? चोरी कहां हुई है?”
विजय माल्या का कहना है कि उन्होंने किसी को धोखा नहीं दिया और न ही किसी को बताए बिना भारत से भागे। वे पहले से तय विदेश यात्रा पर गए थे और बाद में वापस नहीं लौटे, क्योंकि उन्हें भारत में निष्पक्ष न्याय की उम्मीद नहीं थी।
किंगफिशर एयरलाइंस के पतन पर बोले विजय माल्या
विजय माल्या ने कहा कि किंगफिशर एयरलाइंस की विफलता का मुख्य कारण 2008 की वैश्विक आर्थिक मंदी थी। उन्होंने कहा –
“क्या आपने लेहमैन ब्रदर्स का नाम सुना है? क्या आपको वैश्विक वित्तीय संकट याद है? इसका असर भारत पर भी पड़ा था।”
विजय माल्या ने कहा कि उस दौरान पूंजी का प्रवाह रुक गया था, रुपया कमजोर हो गया था और विमानन क्षेत्र सहित हर क्षेत्र प्रभावित हुआ था।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से अपील की: विजय माल्या
विजय माल्या ने दावा किया कि उन्होंने तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की थी और किंगफिशर एयरलाइंस का आकार छोटा करने की योजना दी थी। उन्होंने कहा –
“मैंने प्रणब मुखर्जी से कहा कि मैं एयरलाइन का आकार छोटा करना चाहता हूँ, कुछ विमान हटाने होंगे और कर्मचारियों की छंटनी करनी होगी, लेकिन मुझसे कहा गया – आकार छोटा मत करो, बैंक मदद करेंगे।”
विजय माल्या के अनुसार, यहीं से संकट शुरू हुआ, क्योंकि एयरलाइन घाटे में जा रही थी और फिर भी उन्हें इसे चालू रखने के लिए कहा गया।
ऋण विवाद : विजय माल्या की कानूनी लड़ाई
विजय माल्या वर्तमान में भारतीय बैंकों से 11,101 करोड़ रुपये के ऋण का मामला लड़ रहे हैं। अप्रैल 2025 में उन्होंने दिवालियापन आदेश के खिलाफ लंदन उच्च न्यायालय में अपील की, जिसे खारिज कर दिया गया।
विजय माल्या ने कर्नाटक हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर की है, जिसमें उन्होंने कहा है कि बैंकों ने पहले ही 14,000 करोड़ रुपये वसूल लिए हैं, जबकि मूल बकाया 6,200 करोड़ रुपये था। उन्होंने कोर्ट से बैंकों को पूरी वसूली की जानकारी सार्वजनिक करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया। कोर्ट ने विजय माल्या की याचिका पर सुनवाई करते हुए बैंकों और कर्ज वसूली अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। भारत सरकार ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया विजय माल्या द्वारा दिए गए इस इंटरव्यू पर भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि भारत सरकार लंबे समय से माल्या के प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है, लेकिन कानूनी अड़चनों और ब्रिटेन में मानवाधिकारों की दलीलों के कारण यह प्रक्रिया लंबी होती जा रही है।
विजय माल्या ने यह भी संकेत दिया कि अगर भारत सरकार उन्हें उचित न्याय की गारंटी देती है, तो वह भारत लौट सकते हैं। यह पहली बार है जब विजय माल्या ने अपनी वापसी की शर्तों को इतने स्पष्ट रूप से सार्वजनिक किया है। उनका यह बयान भारत में चल रही कानूनी और राजनीतिक बहस को नया आयाम दे सकता है, खासकर तब जब विपक्षी दल लगातार सरकार पर ऐसे मामलों में दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते रहे हैं।
निष्कर्ष : विजय माल्या की छवि, संकट और संभावनाएं
विजय माल्या ने एक बार फिर पॉडकास्ट के जरिए भारत और दुनिया के सामने अपनी बात रखी है। उन्होंने अपनी छवि पर उठ रहे सवालों का जवाब देने की कोशिश की, अपनी कानूनी स्थिति को स्पष्ट किया और भारत लौटने की सशर्त संभावना जताई।
हालांकि उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया चल रही है और अदालतों के फैसले ही भविष्य तय करेंगे, लेकिन यह साफ है कि विजय माल्या अपनी स्थिति को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
भारत में कानून की नजर में विजय माल्या को भले ही भगोड़ा कहा गया हो, लेकिन उनके द्वारा ‘चोर’ शब्द के इस्तेमाल को पूरी तरह से खारिज किया गया है। अब देखना यह है कि भारत सरकार उनके इस बयान पर क्या रुख अपनाती है और क्या विजय माल्या कभी भारत लौटेंगे।
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Author: kamalkant
कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।







