महाशिवरात्रि पर Kashi आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अहम सूचना सामने आई है
भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए Kashi विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। महाशिवरात्रि के अवसर पर दो दिन तक बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन की ऑनलाइन बुकिंग पूरी तरह से रद्द कर दी गई है। यह निर्णय माघ मेले के पलट प्रवाह और लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए लिया गया है।
महाशिवरात्रि पर ऑनलाइन बुकिंग क्यों हुई कैंसिल
हर साल महाशिवरात्रि पर Kashi में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ता है। देश ही नहीं, विदेशों से भी भक्त बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस बार भी महाशिवरात्रि को लेकर मंदिर प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड में है। माघ मेले का पलट प्रवाह Kashi में लगातार बना हुआ है, जिसके चलते पहले से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भारी भीड़ देखी जा रही है।
इसी बीच मंदिर प्रशासन ने साफ कर दिया है कि 15 और 16 फरवरी को Kashi विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन की कोई भी ऑनलाइन बुकिंग मान्य नहीं होगी। इन दोनों तिथियों के लिए पहले से जारी किए गए सभी ऑनलाइन टिकट स्वतः रद्द माने जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारु दर्शन व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए यह कदम जरूरी था।
भुगतान कर चुके श्रद्धालुओं के लिए क्या निर्देश
मंदिर प्रशासन ने उन भक्तों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिन्होंने पहले ही ऑनलाइन टिकट के लिए भुगतान कर दिया है। प्रशासन के अनुसार, जिन श्रद्धालुओं का भुगतान हो चुका है, उन्हें दोबारा भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है। रिफंड की प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाएगी, जिसके लिए करीब 24 घंटे का समय लग सकता है।
अगर तय समय के बाद भी रिफंड से जुड़ी कोई समस्या आती है, तो श्रद्धालु मंदिर प्रशासन के हेल्प डेस्क नंबर 6393131608 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, मंगला आरती की बुकिंग को लेकर भी स्पष्ट कर दिया गया है कि इसमें किसी तरह की वेटिंग लिस्ट की व्यवस्था नहीं है। यदि टिकट सफलतापूर्वक बुक नहीं होता है, तो भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा और राशि अपने आप वापस कर दी जाएगी।
हर दिन दो से ढाई लाख श्रद्धालु कर रहे दर्शन
Kashi विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विश्वभूषण मिश्रा ने बताया कि माघ मेले के चलते श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। वर्तमान में हर दिन करीब दो से ढाई लाख भक्त बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन कर रहे हैं। आने वाले दिनों में, खासकर महाशिवरात्रि और मकर संक्रांति जैसे बड़े पर्वों के दौरान यह संख्या और बढ़ सकती है।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर प्रशासन ने सावन के सोमवार की तर्ज पर विशेष व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। भक्तों को मंदिर परिसर में प्रवेश से लेकर गर्भगृह तक बैरिकेडिंग के जरिए ही दर्शन कराया जाएगा, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
नए साल से अब तक 20 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
मंदिर प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, नए साल की शुरुआत से अब तक करीब 20 लाख श्रद्धालु Kashi विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन कर चुके हैं। माघ मेले और प्रमुख स्नान पर्वों के चलते यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रशासन का अनुमान है कि मकर संक्रांति के स्नान और माघ मेले के पलट प्रवाह के कारण आने वाले दिनों में रोजाना श्रद्धालुओं की संख्या तीन लाख के पार जा सकती है। हालांकि राहत की बात यह है कि 14 और 15 जनवरी के लिए सुगम दर्शन की ऑनलाइन बुकिंग अभी भी उपलब्ध है। श्रद्धालु चाहें तो इन तिथियों के लिए पहले से टिकट बुक कर सकते हैं।
डायनामिक प्रोटोकॉल दर्शन की तैयारी
मंदिर सीईओ विश्वभूषण मिश्रा ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए डायनामिक प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था लागू की जा सकती है। इसके तहत हर घंटे मंदिर में मौजूद भक्तों की संख्या का आकलन किया जाएगा और उसी के अनुसार विशेष दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। हालांकि इस फैसले को अंतिम रूप श्रद्धालुओं की वास्तविक संख्या को देखकर उसी समय दिया जाएगा।
महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं से अपील
मंदिर प्रशासन ने महाशिवरात्रि पर Kashi आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य और अनुशासन बनाए रखें। सुरक्षा कर्मियों और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि सभी भक्त सुगमता से बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकें। महाशिवरात्रि पर Kashi में श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक भीड़ उमड़ने की पूरी संभावना है। ऐसे में मंदिर प्रशासन द्वारा लिया गया यह फैसला भक्तों की सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
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Author: Rajesh Srivastava
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