मनीषा हत्याकांड : 19 वर्षीय शिक्षिका की मौत से भड़का गुस्सा, भिवानी में विरोध प्रदर्शन, पुलिस जाँच पर उठे सवाल
मनीषा हत्याकांड : हरियाणा के भिवानी ज़िले में 19 वर्षीय प्ले स्कूल शिक्षिका मनीषा की रहस्यमयी मौत ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। 11 अगस्त को लापता हुई मनीषा 13 अगस्त को सिंघानी गाँव के बाजरे के खेतों में मिली। उसकी गला रेतकर हत्या की गई थी और शव की हालत देखकर पूरे इलाके में गुस्सा फैल गया।
मनीषा की मौत के बाद से ही परिवार न्याय की माँग कर रहा है और आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। घटना के बाद भिवानी और आसपास के ज़िलों में सामाजिक संगठनों, विपक्षी दलों और आम जनता ने पुलिस और सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

दिल्ली-पिलानी मार्ग जाम, तीन दिनों से जारी है धरना
मनीषा की हत्या के विरोध में भिवानी के ढिगावा गाँव में परिजनों और ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया। रविवार को गुस्साई भीड़ ने दिल्ली-पिलानी मार्ग जाम कर दिया। करीब दो घंटे तक सड़क पर बैठकर न्याय की मांग की गई। पुलिस और प्रशासन ने बीच-बचाव कर रास्ता खुलवाया, लेकिन लोगों का गुस्सा कम नहीं हुआ।
परिवार का कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, वे मनीषा का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
पुलिस पर गंभीर आरोप
मनीषा के पिता संजय सिंह ने लोहारू पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब उन्होंने 11 अगस्त को अपनी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की, तो पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अधिकारियों ने कहा कि लड़की घूमने गई होगी और कुछ दिनों में वापस आ जाएगी। अगले दिन मामला दर्ज कर लिया गया।
13 अगस्त को जब शव बरामद हुआ, तो पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। परिवार का आरोप है कि जाँच के शुरुआती दिनों में पुलिस ने कई अहम सबूतों को नज़रअंदाज़ कर दिया, जिससे हत्यारों तक पहुँचना मुश्किल हो गया।
मनीषा हत्याकांड : नर्सिंग कॉलेज भी शक के घेरे में
मनीषा 11 अगस्त को स्कूल से निकलने के बाद पास के एक निजी नर्सिंग कॉलेज गई थी। सीसीटीवी फुटेज में वह कॉलेज के पास दिखाई दे रही थी। लेकिन परिवार का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज समय पर उपलब्ध नहीं कराई और इसे 13 अगस्त तक टाल दिया। इससे यह संदेह और गहरा गया है कि कॉलेज प्रशासन कुछ छिपा रहा है।
पुलिस के खिलाफ कार्रवाई: एसपी का तबादला, पाँच अधिकारी निलंबित
बढ़ते दबाव के बीच, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भिवानी के एसपी मनीर सिंह का तबादला कर दिया और पाँच पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया। इनमें लोहारू थाने के एसएचओ अशोक कुमार, एएसआई शकुंतला, ईआरवी के ईएसआई अनूप, कांस्टेबल पवन और एसपीओ धर्मेंद्र शामिल हैं।
2014 बैच के आईपीएस अधिकारी सुमित कुमार को नया एसपी नियुक्त किया गया है। सरकार ने कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
विपक्षी दलों का हमला
- घटना के बाद राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है।
- जेजेपी नेता दिग्विजय चौटाला ने कहा कि पुलिस इस मामले में पूरी तरह विफल रही है।
- इनेलो नेता सुनीता चौटाला ने कहा कि गरीब परिवार को न्याय नहीं मिल रहा है।
- कांग्रेस नेता राजू मान ने हरियाणा को ‘जंगलराज’ करार दिया।
- पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
- आप नेता अनुराग ढांडा ने भी राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो गई है।
वहीं, राज्य मंत्री श्रुति चौधरी ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि त्वरित कार्रवाई की गई है और मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और नए खुलासे
- भिवानी सिविल अस्पताल के पीएमओ डॉ. बलवान सिंह के अनुसार, शव पर जंगली जानवरों के हमले के निशान पाए गए हैं। जानवरों ने कई अंगों को क्षतिग्रस्त कर दिया था।
- पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया है कि मनीषा के साथ बलात्कार नहीं हुआ था।
- इस बीच, जाँच में एक नया मोड़ आ गया है। पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने दावा किया कि 13 अगस्त को शव के पास से एक सुसाइड नोट मिला था। इसमें हरियाणवी लहजे में रोमन अक्षरों में कुछ पंक्तियाँ लिखी थीं। यह भी पता चला कि मनीषा ने मौत से पहले पास की एक दुकान से कीटनाशक खरीदा था।
- फिलहाल, पुलिस इस पहलू की भी जाँच कर रही है कि यह हत्या का मामला है या आत्महत्या का।
फोरेंसिक और मेडिकल जाँच
पुलिस ने दोनों पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट (भिवानी और रोहतक पीजीआई) और एफएसएल रिपोर्ट डॉक्टरों के बोर्ड को राय के लिए भेज दी है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मनीषा की मौत आत्महत्या थी या हत्या।
एसपी सुमित कुमार का कहना है कि हैंडराइटिंग टेस्ट में सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग मनीषा की हैंडराइटिंग से मेल खा रही है और शव में कीटनाशक के अवशेष भी मिले हैं। हालाँकि, पुलिस ने स्पष्ट किया कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुँचना जल्दबाजी होगी।
जनता का गुस्सा और सवाल
भले ही पुलिस अब आत्महत्या का एंगल बता रही हो, लेकिन परिवार और स्थानीय लोग इस पर यकीन करने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि अगर उसे आत्महत्या ही करनी थी, तो मनीषा ने ऐसा कदम क्यों उठाया? उसे गर्दन पर धारदार हथियार से चोट कैसे लगी? और कॉलेज की सीसीटीवी फुटेज देने में देरी क्यों हुई?

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक इस मामले की सच्चाई सामने नहीं आती और ज़िम्मेदार लोगों को सज़ा नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सोशल मीडिया पर गुस्सा
सोशल मीडिया पर #JusticeForManisha ट्रेंड कर रहा है। हज़ारों लोग सरकार और पुलिस से सवाल पूछ रहे हैं। छात्र संगठन और महिला संगठन भी इस मामले में सक्रिय हो गए हैं।
निष्कर्ष
भिवानी की 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा की मौत से पूरे हरियाणा में गुस्सा फैल गया है। पाँच दिन बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुँच पाई है। एक तरफ़ परिवार और जनता हत्या का आरोप लगाकर न्याय की माँग कर रही है, वहीं पुलिस आत्महत्या के पहलू से भी जाँच कर रही है।
सवाल यह है कि सच्चाई क्या है? क्या मनीषा ने ख़ुद आत्महत्या की या किसी ने उसकी हत्या की? जब तक पुलिस कोई स्पष्ट निष्कर्ष नहीं निकालती और ज़िम्मेदार लोगों को सज़ा नहीं मिलती, यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
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Author: kamalkant
कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।










