बॉलीवुड एक्टर मुकुल देव का 54 साल की उम्र में निधन

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बॉलीवुड एक्टर मुकुल देव का 54 साल की उम्र में निधन : इंडस्ट्री ने खो दिया एक मल्टी टैलेंटेड स्टार

बॉलीवुड और टेलीविजन इंडस्ट्री से एक दुखद खबर आई है। मशहूर एक्टर मुकुल देव का शुक्रवार रात दिल्ली में 54 साल की उम्र में निधन हो गया। मुकुल देव ने ‘आर…राजकुमार’, ‘सन ऑफ सरदार’, ‘जय हो’, ‘दस्तक’ जैसी फिल्मों में अपनी शानदार एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीता था। उनके अचानक निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है।

बॉलीवुड एक्टर मुकुल देव का 54 साल की उम्र में निधन

मुकुल देव के निधन की पुष्टि

मुकुल देव की करीबी दोस्त और एक्ट्रेस दीपशिखा नागपाल ने सोशल मीडिया के जरिए उनके निधन की खबर दी। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर मुकुल देव के साथ एक पुरानी फोटो शेयर की और लिखा, “RIP।” उन्होंने एएनआई से कहा कि मुकुल देव न सिर्फ एक बेहतरीन कलाकार थे बल्कि एक सुनहरे दिल वाले इंसान भी थे। दोनों ने कई प्रोजेक्ट्स में साथ काम किया था और उनकी दोस्ती दो दशक से भी ज्यादा समय तक चली थी।

मुकुल देव का प्रारंभिक जीवन

मुकुल देव का जन्म 17 सितंबर 1970 को नई दिल्ली में हुआ था। वे एक पंजाबी परिवार से थे, जिनकी जड़ें जालंधर के पास एक गाँव में थीं। उनके पिता हरि देव दिल्ली पुलिस में सहायक आयुक्त थे और उन्हें अफ़गान संस्कृति में विशेष रुचि थी। उन्होंने मुकुल देव को विविध भाषाओं और संस्कृतियों से परिचित कराया। यही कारण है कि मुकुल देव की सोच बचपन से ही व्यापक और वैश्विक रही।

एविएशन से एक्टिंग तक का सफ़र

बहुत कम लोग जानते हैं कि मुकुल देव ने एक्टिंग से पहले पायलट बनने की ट्रेनिंग ली थी। “उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (IGRUA) से पायलट की ट्रेनिंग ली और लगभग 100 घंटे की उड़ान का अनुभव भी हासिल किया। इसके बाद उन्होंने एविएशन इंस्ट्रक्टर के तौर पर काम किया, लेकिन धीरे-धीरे उनका झुकाव एक्टिंग की ओर बढ़ने लगा। आठवीं कक्षा के दौरान उन्होंने एक डांस कॉम्पिटिशन में माइकल जैक्सन की स्टाइल में परफॉर्म किया, जो उनका पहला स्टेज परफॉर्मेंस था और वहीं से उनके एक्टिंग का सफ़र शुरू हुआ।”

मुकुल देव का एक्टिंग करियर

मुकुल देव ने 1996 में दूरदर्शन के सीरियल ‘मुमकिन’ से एक्टिंग में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने ‘एक से बढ़कर एक’, ‘घरवाली ऊपरवाली’, ‘कुमकुम’, ‘कशिश’ और ‘कुटुम्बा’ जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों में काम किया।

“उसी साल उन्होंने फिल्म ‘दस्तक’ से हिंदी सिनेमा में डेब्यू किया, जिसमें उन्होंने एसीपी रोहित मल्होत्रा की भूमिका निभाई। यह फिल्म सुष्मिता सेन की भी पहली फिल्म थी।” इसके बाद मुकुल देव ने ‘वजूद’, ‘किला’, ‘डॉन’, ‘जिंदगी तेरा नाम’, ‘यमला पगला दीवाना’, ‘सन ऑफ सरदार’, ‘आर…राजकुमार’, ‘जय हो’ और ‘एट द एंड’ जैसी कई फिल्मों में शानदार अभिनय किया।

पंजाबी और क्षेत्रीय सिनेमा में मुकुल देव

मुकुल देव ने हिंदी फिल्मों के साथ-साथ पंजाबी सिनेमा में भी अपनी पहचान बनाई। उन्होंने ‘शारीक’, ‘साका- द मार्टियर्स ऑफ ननकाना साहिब’, ‘पागल गुज्जर’ जैसी फिल्मों में दमदार भूमिकाएं निभाईं। मुकुल देव अपनी गंभीर अभिनय शैली और सहज संवाद अदायगी के लिए जाने जाते थे, जिसे उन्होंने हर किरदार में बखूबी दर्शाया।

रियलिटी टीवी और डबिंग में मुकुल देव

मुकुल देव ने न केवल अभिनय में बल्कि रियलिटी शो होस्टिंग और डबिंग की दुनिया में भी नाम कमाया। उन्होंने 2006 में ‘फियर फैक्टर इंडिया’ के पहले सीजन की मेजबानी की थी, जिसमें उनकी ऊर्जा और आत्मविश्वास की खूब तारीफ हुई थी।

इसके अलावा मुकुल देव ने ‘कैप्टन मार्वल’, ‘ब्लैक पैंथर’ जैसी हॉलीवुड फिल्मों की हिंदी डबिंग में भी अपनी आवाज दी, जिसने उनकी बहुमुखी प्रतिभा को और भी साबित कर दिया।

साथी कलाकारों की ओर से श्रद्धांजलि

मुकुल देव के निधन की खबर फैलते ही फिल्म इंडस्ट्री में गहरा शोक छा गया। अभिनेता अजय देवगन ने सोशल मीडिया पर लिखा, “अभी भी इस खबर को पचा नहीं पा रहा हूं… मुकुल, तुम हर परिस्थिति को हल्का बना देते थे। बहुत जल्दी चले गए। ओम शांति।”

चंद्रचूड़ सिंह ने भी एक भावुक पोस्ट में लिखा, “मेरे प्यारे भाई मुकुल, हमारी बहुत सारी यादें हैं। तुम मेरे जीवन का हिस्सा थे और रहोगे। तुम्हारी आत्मा हमेशा जीवित रहेगी। फिर मिलेंगे।”

विंदू दारा सिंह ने एएनआई को बताया कि मुकुल देव अपनी मां की मौत के बाद से डिप्रेशन में थे। उन्होंने कहा, “हमारी फिल्म ‘सन ऑफ सरदार 2’ आ रही है, जिसमें मुकुल देव ने बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग के साथ अभिनय किया है। लेकिन अब वह इसे नहीं देख पाएंगे, यह बहुत दुखद है।”

अंतिम संस्कार और पारिवारिक जानकारी

मुकुल देव का अंतिम संस्कार शनिवार शाम 5 बजे दिल्ली के निजामुद्दीन पश्चिम स्थित दयानंद मुक्ति धाम में हुआ। उनके भाई राहुल देव, बहन रश्मि कौशल और भतीजे सिद्धांत देव ने उन्हें अंतिम विदाई दी। मुकुल देव की पत्नी शिल्पा और बेटी सिया अब उनके परिवार का सहारा हैं।

परिवार की ओर से जारी बयान में कहा गया, “हमारे भाई मुकुल देव का कल रात नई दिल्ली में शांतिपूर्वक निधन हो गया… वह हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेंगे।”

मुकुल देव : एक विरासत जो हमेशा अमर रहेगी

मुकुल देव का जाना सिर्फ़ एक अभिनेता का नहीं, बल्कि एक ऐसे इंसान का जाना है जो हमेशा अपने काम के लिए जाना जाता था, न कि विवादों या सुर्खियों के लिए। मुकुल देव ने अपने करियर में निभाई गई हर भूमिका को जीवंत कर दिया। चाहे वो पुलिस अधिकारी की भूमिका हो या फिर एक मज़ेदार दोस्त की, उन्होंने हर बार अपनी गहराई से दर्शकों को प्रभावित किया।

उनका जीवन हमें दृढ़ता, सादगी और समर्पण के साथ सफलता प्राप्त करने की शिक्षा देता है। मुकुल देव का अभिनय, व्यक्तित्व और विनम्रता उनके प्रशंसकों और सहकर्मियों को हमेशा याद रहेगी।

मुकुल देव भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका काम, उनके संवाद, उनकी मुस्कान और उनका कलाकार दिमाग हमेशा भारतीय इतिहास में अमर रहेगा

मुकुल देव को शत् शत् नमन और भावभीनी श्रद्धांजलि।

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Author: kamalkant

कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।