प्रसिद्ध फोटोग्राफर और अभिनेता राधाकृष्णन चक्यात का 53 वर्ष की आयु में निधन –
22 मई, 2025 भारतीय फोटोग्राफी और सिनेमा जगत के लिए गहरे शोक का दिन बन गया। इस दिन प्रख्यात फोटोग्राफर, अभिनेता और शिक्षक राधाकृष्णन चक्यात ने 53 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। उनके असामयिक निधन की खबर ने कला, फोटोग्राफी और फिल्म जगत से जुड़े लाखों लोगों को झकझोर कर रख दिया। उनका निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ, जिससे उनके परिवार, मित्रों, शिष्यों और प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई। राधाकृष्णन चक्यात का जाना भारतीय कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।
— राधाकृष्णन चक्यात का प्रारंभिक सफर और संघर्ष
राधाकृष्णन चक्यात का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था। बचपन से ही उन्हें कला, रंगों और तस्वीरों में गहरी रुचि थी। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मुंबई से की, जहां वे मशहूर फैशन फोटोग्राफर रफीक सैयद के सहायक के तौर पर काम करने लगे। यहीं पर उन्होंने कैमरा, लाइटिंग, फ्रेमिंग और फोटोग्राफी के तकनीकी पहलुओं की बारीकियां सीखनी शुरू कीं। शुरुआती दिनों में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी लगन और सीखने की चाह ने उन्हें कभी हार नहीं मानने दी।
कुछ समय तक एक विज्ञापन एजेंसी में काम करने के बाद उन्होंने फ्रीलांस फोटोग्राफर के तौर पर अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी। यह सफर आसान नहीं था, लेकिन उनकी मेहनत और रचनात्मकता ने जल्द ही उन्हें फोटोग्राफी की दुनिया में स्थापित कर दिया।
—– फोटोग्राफी में उत्कृष्टता और पहचान
राधाकृष्णन चक्यात के ग्राहकों की सूची में कैडबरी, ताज होटल्स, एशियन पेंट्स, कोरल और रोका जैसी देश-विदेश की नामी कंपनियां शामिल थीं। उनकी तस्वीरें न केवल तकनीकी रूप से परिपूर्ण होती थीं, बल्कि भावनाओं की गहराई को भी दर्शाती थीं। उनके कैमरे की आंख साधारण चीजों में भी असाधारण चीजें ढूंढ लेती थी। यही वजह थी कि वे भारत के सबसे सम्मानित और लोकप्रिय फोटोग्राफरों में से एक बन गए।
उनकी फोटोग्राफी में एक खास तरह की संवेदनशीलता और रचनात्मकता थी, जो हर तस्वीर को एक कहानी बना देती थी। चाहे वह किसी मॉडल का पोर्ट्रेट हो, किसी उत्पाद का विज्ञापन फोटो हो या किसी साधारण दृश्य की स्ट्रीट फोटोग्राफी हो-राधाकृष्णन चक्यात हर फ्रेम में जान डाल देते थे। उनकी तस्वीरें दर्शकों के दिलों को छू जाती थीं और उन्हें सोचने पर मजबूर कर देती थीं।
— पिक्सेल विलेज : डिजिटल युग में फोटोग्राफी शिक्षा में क्रांति
राधाकृष्णन चक्यात ने अपने अनुभव और ज्ञान को साझा करने के लिए एक नया रास्ता चुना। उन्होंने ‘पिक्सल विलेज’ नामक यूट्यूब चैनल शुरू किया, जो आज फोटोग्राफी शिक्षा के क्षेत्र में एक मिसाल बन गया है। पिक्सेल विलेज के माध्यम से उन्होंने हजारों-लाखों युवाओं को फोटोग्राफी की बारीकियां सिखाईं।
उनके ट्यूटोरियल में तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ आत्मीयता और सरलता भी थी, जिससे हर सीखने वाला उनसे जुड़ जाता था। उन्होंने जटिल फोटोग्राफी अवधारणाओं को इतनी आसानी से समझाया कि शुरुआती लोग भी उन्हें तुरंत समझ सकते थे। उनके वीडियो में कैमरा सेटिंग, लाइटिंग, कंपोजिशन, एडिटिंग और प्रोफेशनल टिप्स का बेहतरीन समावेश था।
पिक्सल विलेज के दर्शक उन्हें सिर्फ एक शिक्षक ही नहीं, बल्कि एक प्रेरणा मानते थे। उनके शब्द, उनकी मुस्कान और उनका स्नेह हर वीडियो में झलकता था। आज भी उनके द्वारा दी गई शिक्षा लाखों फोटोग्राफरों के लिए मार्गदर्शक बनी हुई है। डिजिटल युग में उन्होंने फोटोग्राफी शिक्षा को हर घर तक पहुंचाया और इसे आम आदमी तक पहुंचाया।
— अभिनय में भी राधाकृष्णन चक्यात का जलवा
बहुमुखी प्रतिभा के धनी राधाकृष्णन चक्यत ने खुद को सिर्फ फोटोग्राफी तक सीमित नहीं रखा। वे कैमरे के पीछे से निकलकर कैमरे के सामने भी अपनी प्रतिभा का परिचय देते रहे। मलयालम सुपरस्टार दुलकर सलमान की फिल्म ‘चार्ली’ में उन्होंने दुलकर के पिता का किरदार निभाया था। उनकी एक्टिंग उनकी तस्वीरों जितनी ही जीवंत और गहरी थी।
इसके अलावा उन्होंने हिंदी वेब सीरीज ‘क्राइम बीट’ में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। राधाकृष्णन चक्यत ने साबित कर दिया कि एक सच्चा कलाकार किसी भी माध्यम में अपनी छाप छोड़ सकता है। उनकी एक्टिंग में भी वही संवेदनशीलता, गहराई और सच्चाई थी जो उनकी फोटोग्राफी में दिखती थी।
पिक्सल विलेज और सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि
राधाकृष्णन चक्यात के निधन की खबर उनके यूट्यूब चैनल पिक्सेल विलेज के सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर की गई। पोस्ट में लिखा था:
बहुत दुख के साथ हम अपने प्रिय गुरु, मित्र और प्रेरणा के स्रोत राधाकृष्णन चक्यत के निधन की खबर साझा कर रहे हैं। उन्होंने हमें न केवल कैमरे की नज़र से दुनिया को देखना सिखाया, बल्कि इसकी आत्मा को भी कैद करना सिखाया।
यह संदेश उनके प्रभाव और व्यक्तित्व की गहराई को दर्शाता है। उन्होंने पिक्सेल विलेज के हर दर्शक के दिल में एक अमिट छाप छोड़ी है।
दुलकर सलमान की भावपूर्ण श्रद्धांजलि
‘चार्ली’ में उनके बेटे का किरदार निभाने वाले मलयालम अभिनेता दुलकर सलमान ने भी इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा:
हमने साथ में जो समय बिताया और हमारी बातचीत हमेशा मेरे साथ रहेगी।
यह संदेश साफ़ तौर पर दर्शाता है कि राधाकृष्णन चक्यात का अपने सह-कलाकारों और सहकर्मियों के साथ भी गहरा रिश्ता था। दुलकर सलमान जैसे सितारे की ओर से श्रद्धांजलि राधाकृष्णन चक्यत के व्यक्तित्व और उनके प्रभाव की गरिमा को दर्शाती है।
—– राधाकृष्णन चक्यात की विरासत और योगदान
आज जब हम राधाकृष्णन चक्यात को याद करते हैं, तो हमें उनकी फोटोग्राफी, उनके ट्यूटोरियल, उनके अभिनय और सबसे बढ़कर उनके व्यक्तित्व ने कला की सेवा ही नहीं की, बल्कि इसे आम आदमी के लिए सुलभ और सरल भी बनाया।
उनकी तस्वीरों में भावनाओं की गहराई, तकनीकी परिपक्वता और रचनात्मक दृष्टि झलकती थी। वे हमेशा सीखने और सिखाने में विश्वास करते थे। उन्होंने फोटोग्राफी को सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि जीवन का दर्शन बनाया। उनकी शिक्षाएं, विचार और दृष्टिकोण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।
निष्कर्ष : एक सच्चे कलाकार को श्रद्धांजलि
राधाकृष्णन चक्यात का निधन कला जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने फोटोग्राफी को एक नई ऊंचाई दी और इसे आम लोगों तक पहुंचाया। उनके द्वारा छोड़ी गई विरासत पिक्सेल विलेज से लेकर सिनेमा की दुनिया तक फैली हुई है।
आज भले ही राधाकृष्णन चक्यात हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका काम, उनकी शिक्षाएं और उनकी यादें हर कला प्रेमी के दिल में हमेशा जिंदा रहेंगी। उन्होंने फोटोग्राफी को जो ऊंचाइयां दीं, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेंगी।
राधाकृष्णन चक्यात को हमारी विनम्र श्रद्धांजलि।
Author: Swatantra Vani
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