ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की कॉरपोरेट में वापसी : Goldman Sachs में बने सीनियर वित्तीय एडवाइज़र

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ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की कॉरपोरेट में वापसी : Goldman Sachs में बने सीनियर वित्तीय एडवाइज़र,नारायण मूर्ति के 70 घंटे वाले बयान पर सोशल मीडिया में मीम्स की बाढ़

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह है प्रतिष्ठित अमेरिकी निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स में वरिष्ठ सलाहकार के तौर पर उनकी नियुक्ति। यह वही कंपनी है जहाँ से ऋषि सुनक ने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की थी और अब 21 साल बाद वह एक बार फिर इस वित्तीय दिग्गज में लौट आए हैं।

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की कॉरपोरेट में वापसी : Goldman Sachs में बने सीनियर वित्तीय एडवाइज़र

इस नई भूमिका की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। खासकर उनके ससुर नारायण मूर्ति (इंफोसिस के संस्थापक) के 70 घंटे काम करने वाले बयान को लेकर इंटरनेट पर मीम्स की बाढ़ आ गई। इसके साथ ही उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति का नाम भी खूब चर्चा में है।

ऋषि सुनक की नई शुरुआत: गोल्डमैन सैक्स में वापसी

पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक को गोल्डमैन सैक्स में वरिष्ठ सलाहकार नियुक्त किया गया है। इस पद पर, वह ग्राहकों को वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक मुद्दों पर सलाह देंगे। कंपनी के सीईओ डेविड सोलोमन ने कहा,

  • “हमें खुशी है कि ऋषि सुनक एक बार फिर हमारे साथ जुड़ रहे हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनीति पर उनका व्यापक अनुभव और दृष्टिकोण है, जो हमारे ग्राहकों के लिए बेहद उपयोगी होगा।”

पहले भी गोल्डमैन सैक्स में काम कर चुके हैं

ऋषि सुनक का गोल्डमैन सैक्स के साथ लंबा जुड़ाव रहा है। वह 2000 में समर इंटर्न के रूप में कंपनी में शामिल हुए और फिर 2001 से 2004 तक विश्लेषक के रूप में यहाँ काम किया। इसके बाद, उन्होंने एक अंतरराष्ट्रीय निवेश फर्म की स्थापना की, जो दुनिया भर की कंपनियों को रणनीतिक और वित्तीय सलाह प्रदान करती है।

क्या ऋषि सुनक अभी भी सांसद हैं ?

हालाँकि ऋषि सुनक ने जुलाई 2024 में प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, फिर भी वे रिचमंड और नॉर्थॉलर्टन से सांसद हैं। उन्होंने चुनाव के दौरान स्पष्ट कर दिया था कि वे अगली संसद का पूरा कार्यकाल संसद में बिताना चाहते हैं। ब्रिटेन में अगले आम चुनाव की संभावित तिथि 2029 के मध्य तक बताई जा रही है।

वेतन और दान: द रिचमंड प्रोजेक्ट

गोल्डमैन सैक्स में एक वरिष्ठ सलाहकार का औसत वार्षिक वेतन $1,70,000 (लगभग ₹1.7 करोड़) है। हालाँकि, ऋषि सुनक ने घोषणा की है कि वे अपना पूरा वेतन द रिचमंड प्रोजेक्ट को दान करेंगे। यह एक गैर-लाभकारी संगठन है जिसकी स्थापना उन्होंने और उनकी पत्नी अक्षिता मूर्ति ने की है, जिसका उद्देश्य ब्रिटेन में गणितीय साक्षरता को बढ़ावा देना है।

इंटरनेट पर मीम्स की बाढ़: 70 घंटे काम करने का व्यंग्य

ऋषि सुनक के गोल्डमैन सैक्स में वापसी के बाद, इंटरनेट पर उनके ससुर नारायण मूर्ति के उस बयान पर मीम्स की बाढ़ आ गई, जिसमें उन्होंने युवाओं को हफ़्ते में 70 घंटे काम करने की सलाह दी थी।

एक यूज़र ने लिखा: “ऋषि सुनक अब अपने ससुराल वालों को खुश करने के लिए गोल्डमैन सैक्स चले गए हैं।”

एक और मीम में लिखा था: “जब ससुर कहें – बेटा, अब 70 घंटे काम करो।”

तीसरा मीम: “उम्मीद है अब ऋषि अपने ससुर की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे।”

ये मीम्स सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं और यूज़र्स ने इसे मज़ेदार नज़रिए से देखा है।

क्या गोल्डमैन सैक्स में सलाह देना सुरक्षित है ?

पूर्व प्रधानमंत्री होने के नाते, ऋषि सुनक की नियुक्ति के लिए ब्रिटेन की व्यावसायिक नियुक्तियों पर सलाहकार समिति (एकोबा) की मंज़ूरी ज़रूरी थी। अकोबा ने कुछ शर्तों के साथ नियुक्ति को हरी झंडी दे दी है:

सुनक किसी भी सरकार या उनके सॉवरेन वेल्थ फंड को सलाह नहीं दे सकते।

वह उन कंपनियों को सलाह नहीं दे सकते जिनसे प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उनका सीधा संपर्क था।

वह गोल्डमैन सैक्स की ओर से ब्रिटिश सरकार की पैरवी नहीं कर सकते।

ऋषि सुनक : उनके राजनीतिक सफर पर एक नज़र

राजनीतिक प्रवेश: 2015 में रिचमंड से सांसद बने

वित्त मंत्री (चांसलर): फरवरी 2020 से जुलाई 2022 तक

प्रधानमंत्री: अक्टूबर 2022 से जुलाई 2024 तक

कोविड महामारी के दौरान फ़र्लो जैसी योजनाएँ शुरू करके सुर्खियाँ बटोरीं

2024 में इस्तीफ़ा: कंज़र्वेटिव पार्टी की ऐतिहासिक चुनावी हार के बाद

अन्य भूमिकाएँ और भाषण

गोल्डमैन सैक्स में अपनी भूमिका के अलावा, ऋषि सुनक वर्तमान में दो और संस्थानों से जुड़े हैं:

ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय: ब्लावात्निक स्कूल ऑफ़ गवर्नमेंट में प्रोफ़ेसर (बिना वेतन के)

स्टैनफ़ोर्ड विश्वविद्यालय: हूवर इंस्टीट्यूशन से जुड़े (बिना वेतन के)

इसके अलावा, उन्होंने अप्रैल 2024 से अब तक तीन भाषणों के ज़रिए £500,000 (करीब ₹5 करोड़) से ज़्यादा की कमाई की है। पूर्व प्रधानमंत्रियों के लिए कॉर्पोरेट भाषणों से कमाई करना आम बात है।

सुनक और पारिवारिक संपत्ति

ऋषि सुनक और उनकी पत्नी अक्षिता मूर्ति की कुल संपत्ति £640 मिलियन (लगभग ₹6,800 करोड़) आंकी गई है। इसका अधिकांश हिस्सा इंफोसिस में अक्षिता की हिस्सेदारी से आता है। नारायण मूर्ति की पुत्री होने के नाते, अक्षिता के पारिवारिक व्यवसाय का वैश्विक वित्तीय नेटवर्क में भी एक मज़बूत आधार है।

निष्कर्ष :  राजनीति से कॉर्पोरेट जगत तक का सफ़र

पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की गोल्डमैन सैक्स में वापसी न केवल उनकी व्यावसायिक क्षमता को दर्शाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि एक राजनेता अपने अनुभव का वैश्विक स्तर पर कैसे उपयोग कर सकता है। सोशल मीडिया इस खबर को मज़ाकिया अंदाज़ में देख रहा होगा, लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि सुनक की नियुक्ति ने गोल्डमैन सैक्स को वैश्विक रणनीति में एक अनुभवी मार्गदर्शक प्रदान किया है।

उनकी व्यक्तिगत ईमानदारी (वेतन दान), राजनीतिक अनुभव और वित्तीय समझ उन्हें इस पद के लिए एक मज़बूत उम्मीदवार बनाती है। यही बात उन्हें इस भूमिका के लिए आदर्श बनाती है।

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Swatantra Vani
Author: Swatantra Vani

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