पहाड़ों पर बर्फबारी से Kashi में कंपा रही ठंड, इस सीजन में पहली बार सात डिग्री पहुंचा न्यूनतम तापमान
(Varanasi Weather News): पहाड़ों पर हो रही लगातार बर्फबारी और पछुआ हवाओं के असर से Kashi में ठंड ने लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी है। बुधवार की सुबह शहर घने कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया। हालांकि दिन चढ़ने के साथ कोहरा धीरे-धीरे छंट गया और धूप भी निकली, लेकिन गलन इतनी तेज रही कि लोगों को सर्दी से राहत नहीं मिल सकी। सुबह-सुबह सड़कों पर निकले लोग ठिठुरते दिखे और अलाव का सहारा लेते नजर आए।
मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार को वाराणसी का न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 1.6 डिग्री कम है। खास बात यह है कि महज 24 घंटे के भीतर न्यूनतम तापमान में चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को जहां पारा 11 डिग्री सेल्सियस था, वहीं मंगलवार को यह सीधे सात डिग्री पर आ गया। यह इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है, यानी मंगलवार की रात इस मौसम की सबसे सर्द रात साबित हुई।
दिसंबर में सात बार दस डिग्री से नीचे पहुंचा पारा
मौसम के आंकड़ों पर नजर डालें तो दिसंबर के 30 दिनों में अब तक सात ऐसे मौके आए हैं, जब न्यूनतम तापमान दस डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। इनमें दूसरी बार ऐसा हुआ है जब तापमान सात डिग्री या उससे भी नीचे पहुंचा हो। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि पहाड़ों पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और लगातार चल रही पछुआ हवाओं के कारण ठंड का असर और बढ़ गया है।
विशेषज्ञों ने अगले चार दिनों तक घने कोहरे की संभावना जताई है। नए साल के पहले दिन भी कड़ाके की सर्दी पड़ने का अनुमान है। ऐसे में लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, खासकर सुबह और रात के समय।
तीन दिन से जारी पछुआ हवाएं, गलन ने बढ़ाई परेशानी
पिछले तीन दिनों से लगातार पछुआ हवाएं चल रही हैं। वातावरण में नमी की मात्रा भी अधिक बनी हुई है, जिसके कारण गलन ज्यादा महसूस की जा रही है। मंगलवार की सुबह करीब दस बजे तक शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता कम होने के चलते सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए।
दोपहर में जब हल्की धूप निकली तो अधिकतम तापमान में कुछ बढ़ोतरी दर्ज की गई। सोमवार को अधिकतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस था, जो मंगलवार को बढ़कर 17.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। हालांकि, धूप के बावजूद ठंडी हवाओं के चलते सर्दी का असर बना रहा।
शिमला से भी ठंडी रही Kashi
मंगलवार को वाराणसी का न्यूनतम तापमान कई पहाड़ी और उत्तरी शहरों से भी कम रहा। शिमला में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि जम्मू में यह 8.6 डिग्री और कटड़ा में 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा। ऐसे में मैदानी इलाके में स्थित Kashi का तापमान पहाड़ी शहरों से भी कम होना चर्चा का विषय बना रहा।
दिसंबर की सबसे सर्द रातें
इस महीने की सबसे ठंडी रातों की बात करें तो 30 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 7.0 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे पहले 26 दिसंबर को 7.2 डिग्री, 20 दिसंबर को 8.0 डिग्री और 19 दिसंबर को 9.0 डिग्री दर्ज किया गया। 16, 6 और 5 दिसंबर को भी न्यूनतम तापमान 9.0 डिग्री सेल्सियस रहा था।
तापमान के आंकड़ों के अनुसार,
- 30 दिसंबर: अधिकतम 17.3, न्यूनतम 7.0
- 29 दिसंबर: अधिकतम 13.5, न्यूनतम 11.0
- 28 दिसंबर: अधिकतम 13.5, न्यूनतम 8.8
- 27 दिसंबर: अधिकतम 16.4, न्यूनतम 9.9
- 26 दिसंबर: अधिकतम 19.8, न्यूनतम 7.2
कोहरे का असर: उड़ानें रद्द, ट्रेनें लेट
घने कोहरे का असर यातायात पर भी साफ नजर आ रहा है। मंगलवार को दिल्ली के लिए चार उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि पांच से अधिक विमान देरी से पहुंचे। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान संख्या आईएक्स 1223 और आईएक्स 1224 तथा एयर इंडिया की एआई 2495 और एआई 2496 को रद्द किया गया। उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को काफी असुविधा हुई। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले उड़ान की स्थिति की पुष्टि जरूर करें।
ट्रेनों की लेटलतीफी भी जारी है। नई दिल्ली से आने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से चार घंटे 30 मिनट की देरी से वाराणसी पहुंची। स्वतंत्रता सेनानी सुपरफास्ट एक्सप्रेस तो 13 घंटे से अधिक की देरी से स्टेशन पहुंची। इसके अलावा शिवगंगा, लिच्छवी, कामायनी और अन्य कई ट्रेनों के यात्रियों को भी लंबा इंतजार करना पड़ा।
आगे कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल ठंड से राहत के आसार नहीं हैं। पहाड़ों पर बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएं चलती रहेंगी। आने वाले दिनों में Kashi समेत पूर्वांचल में घना कोहरा, तेज गलन और कड़ाके की सर्दी बनी रहने की संभावना है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
नए साल की शुरुआत भी ठंड के साथ ही होगी, इसलिए लोगों को अलाव, गर्म कपड़ों और सावधानी के साथ घर से निकलने की जरूरत है।
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Author: Rajesh Srivastava
राजेश श्रीवास्तव एक अनुभवी और दूरदर्शी एडिटर इन चीफ हैं, जिन्हें पत्रकारिता और संपादन का गहरा अनुभव प्राप्त है। कई वर्षों की सक्रिय भूमिका के साथ, वे समाचारों की गुणवत्ता, निष्पक्षता और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। राजेश का उद्देश्य संपादकीय नेतृत्व के माध्यम से सच्ची और संतुलित जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है। उनके मार्गदर्शन में प्रकाशित सामग्री में स्पष्टता, विश्वसनीयता और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होता है, जो उन्हें एक प्रभावशाली और विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।












