नीरव मोदी के भाई नेहल मोदी अमेरिका में गिरफ्तार : भारत ने की प्रत्यर्पण की मांग

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नीरव मोदी के भाई नेहल मोदी अमेरिका में गिरफ्तार: ₹13,578 करोड़ के पीएनबी घोटाले में भारत को मिली बड़ी सफलता, भारत ने की प्रत्यर्पण की मांग – 

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वाशिंगटन/नई दिल्ली, 6 जुलाई, 2025: भारत के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक पीएनबी घोटाला एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह है अमेरिका में नीरव मोदी के छोटे भाई नेहल मोदी की गिरफ्तारी। भारत की जांच एजेंसियों प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के संयुक्त प्रत्यर्पण अनुरोध के आधार पर अमेरिकी अधिकारियों ने 4 जुलाई को नेहल मोदी को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी न केवल कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक सफलता भी मानी जा रही है।

—क्या है पीएनबी घोटाला?

भारत में हुए अब तक के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक पीएनबी घोटाला है, जिसमें मुख्य आरोपी नीरव मोदी, उसका छोटा भाई नेहल मोदी और मामा मेहुल चोकसी हैं। इस घोटाले ने पूरे देश के बैंकिंग सिस्टम की साख पर सवाल खड़े कर दिए थे। इस घोटाले में 13,578 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी शामिल है, जो फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) के जरिए पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ की गई थी।

—नेहल मोदी की भूमिका

नेहल मोदी पर अपने भाई नीरव मोदी की मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों में सक्रिय रूप से मदद करने का आरोप है। उसने शेल कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय लेनदेन के जरिए भारत से अवैध रूप से निकाले गए पैसे को छिपाने और निवेश करने में मदद की।

ईडी की चार्जशीट के मुताबिक, नेहल मोदी ने दुबई, हांगकांग और अमेरिका में कई फर्जी कंपनियों के जरिए फंड की हेराफेरी की। उसने ट्विन फील्ड्स इन्वेस्टमेंट लिमिटेड, बेली बैंक और बिडल जैसी कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध रकम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रांसफर किया।

—अमेरिका में गिरफ्तारी: कब और कैसे ?

बेल्जियम के नागरिक नेहल मोदी को 4 जुलाई, 2025 को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया था। इससे ठीक एक दिन पहले, उन्हें न्यूयॉर्क की एक जेल से रिहा किया गया था, जहां उन्होंने 2.6 मिलियन डॉलर के हीरा धोखाधड़ी मामले में करीब तीन साल की सजा काटी थी। रिहाई के अगले ही दिन सीबीआई और ईडी के अनुरोध पर अमेरिकी न्याय विभाग ने उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के पीछे की वजह 2019 में जारी इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस थी, जिसे नेहल मोदी ने चुनौती देने की कोशिश की थी, लेकिन इंटरपोल सीसीएफ ने सीबीआई के पुख्ता सबूतों के आधार पर इसे खारिज कर दिया।

—कोर्ट में अगली सुनवाई

नेहल मोदी से संबंधित प्रत्यर्पण मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई 2025 को अमेरिका की एक अदालत में निर्धारित की गई है। इस सुनवाई के दौरान नेहल अपनी जमानत की अर्जी दाखिल कर सकता है, लेकिन अमेरिकी अभियोजकों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वे उसकी जमानत का कड़ा विरोध करेंगे।

भारत द्वारा भेजे गए प्रत्यर्पण अनुरोध में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 3, भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) और धारा 201 (साक्ष्य नष्ट करना) के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।

—सबूतों को नष्ट करने और गवाहों को डराने का आरोप

सीबीआई और ईडी ने नेहल मोदी पर गवाहों को काहिरा भेजने और उनके पासपोर्ट जब्त करवाने, मोबाइल फोन, लैपटॉप और सर्वर नष्ट करवाने का भी आरोप लगाया है, ताकि कोई डिजिटल सबूत न बचे।

एक गवाह ने आरोप लगाया कि नेहल मोदी ने उसे 20 लाख रुपये की रिश्वत देने की कोशिश की, ताकि वह यूरोपीय न्यायालय में झूठी गवाही दे सके। इसके अलावा उसने दुबई से करीब 50 किलो सोना, 150 बक्से मोती और 3.5 मिलियन दिरहम नकद की तस्करी की।

—मेहुल चोकसी से संबंध और मनी लॉन्ड्रिंग

नेहल मोदी न केवल नीरव मोदी बल्कि उसके मामा मेहुल चोकसी के लिए भी मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों में शामिल रहा है। ईडी के अनुसार, उसने सैमुअल्स ज्वैलर्स इंक और डायमलिंक इंक के माध्यम से दुबई की शेल कंपनियों से 19 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अवैध धन प्राप्त किया।

—भारतीय जांच एजेंसियों के लिए बड़ी जीत

भारतीय जांच एजेंसियों के अनुसार, अब पीएनबी घोटाले के तीनों मुख्य आरोपी – नीरव मोदी (यूके की जेल में), मेहुल चोकसी (एंटीगुआ में प्रत्यर्पण प्रक्रिया के तहत) और अब नेहल मोदी (अमेरिका में गिरफ्तार) – विदेशी जेलों में हैं। यह भारतीय जांच एजेंसियों की 7 साल की लगातार मेहनत और कानूनी प्रयासों का नतीजा है।

—पीएनबी घोटाले का कानूनी इतिहास

जनवरी 2018: घोटाला सामने आया

फरवरी 2018: नीरव मोदी और मेहुल चोकसी देश छोड़कर भाग गए

मई 2018 और फरवरी 2019: नेहल मोदी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया

जुलाई 2019: इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया

2022: अमेरिका में हीरा धोखाधड़ी मामले में नेहल मोदी को सजा सुनाई गई

4 जुलाई, 2025: भारत के अनुरोध पर नेहल मोदी को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया

निष्कर्ष :

नेहल मोदी की गिरफ्तारी न केवल पीएनबी घोटाले के लिए न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह संदेश भी है कि भारत किसी भी कीमत पर आर्थिक अपराधियों को नहीं बख्शने वाला है।

अब सबकी निगाहें 17 जुलाई को होने वाली अमेरिकी अदालत की सुनवाई पर टिकी हैं, जिसमें यह तय होगा कि नेहल मोदी को भारत प्रत्यर्पित किया जाएगा या नहीं। अगर यह प्रत्यर्पण होता है तो नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के बाद नेहल मोदी की भारत वापसी से पीएनबी घोटाले की जांच और सजा प्रक्रिया को निर्णायक दिशा मिलेगी।

 

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Author: Swatantra Vani

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