डोनाल्ड ट्रंप का टैरिफ बम : ट्रंप ने 14 देशों पर लगाए नए टैरिफ, म्यांमार-लाओस पर 40% टैरिफ शुल्क, भारत समेत 14 देशों को भेजा अल्टीमेटम
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर वैश्विक व्यापार नीति में बड़ा बदलाव करते हुए 14 देशों पर नए टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। इन टैरिफ का सबसे बड़ा झटका म्यांमार और लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक को लगा है, जिन पर 40% ड्यूटी लगेगी। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल के ज़रिए यह घोषणा की और संबंधित देशों को औपचारिक पत्र भेजे।

नए टैरिफ 1 अगस्त से लागू होंगे
ट्रंप द्वारा जारी इन पत्रों में कहा गया है कि नए टैरिफ 1 अगस्त, 2025 से लागू होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई देश बदले में अमेरिका पर टैरिफ बढ़ाता है, तो अमेरिका भी उसी अनुपात में अपने टैरिफ बढ़ाएगा।
- “अगर आप हमारे टैरिफ के जवाब में अपने टैरिफ बढ़ाते हैं, तो आप जितना प्रतिशत बढ़ाएँगे, हम भी उतना ही प्रतिशत बढ़ा देंगे।” – ट्रंप
जिन देशों पर टैरिफ लगाए गए हैं उनकी सूची और उनकी दरें:
देश टैरिफ दर
म्यांमार 40%
लाओस 40%
थाईलैंड 36%
कंबोडिया 36%
बांग्लादेश 35%
सर्बिया 35%
इंडोनेशिया 32%
दक्षिण अफ्रीका 30%
बोस्निया और हर्जेगोविना 30%
जापान 25%
दक्षिण कोरिया 25%
कजाकिस्तान 25%
मलेशिया 25%
ट्यूनीशिया 25%
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत जारी
ट्रंप प्रशासन भारत के साथ एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में भी काम कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि वे “भारत के बहुत करीब” हैं और जल्द ही एक समझौता हो सकता है। भारत ने 150 से 200 अरब डॉलर मूल्य के उत्पादों पर व्यापार प्रस्ताव रखे हैं। हालाँकि, भारत अभी तक कृषि और डेयरी क्षेत्र से संबंधित अमेरिकी मांगों पर सहमत नहीं हुआ है।
वहीं, अमेरिका द्वारा ऑटोमोबाइल और स्टील पर लगाए गए टैरिफ से भारत के 2.89 अरब डॉलर मूल्य के निर्यात उत्पाद प्रभावित हो रहे हैं, जिस पर भारत ने विश्व व्यापार संगठन में जवाबी कार्रवाई का प्रस्ताव रखा है।
व्हाइट हाउस का स्पष्टीकरण: “राष्ट्रपति का विशेषाधिकार”
जब ट्रंप द्वारा जापान और दक्षिण कोरिया को निशाना बनाए जाने पर सवाल उठाए गए, तो व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा –
“यह तय करना राष्ट्रपति का विशेषाधिकार है कि वह किन देशों को प्राथमिकता देते हैं। वह केवल उन्हीं देशों को चुनते हैं जो उनकी रणनीति के अनुकूल हों।”
टैरिफ का उद्देश्य: अमेरिकी व्यापार घाटे को खत्म करना
ट्रंप ने कहा कि यह कदम उन वर्षों पुरानी व्यापार नीतियों के विरुद्ध है, जिनके कारण अमेरिका का व्यापार घाटा लगातार बढ़ रहा है।
“व्यापार घाटा हमारी अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों के लिए खतरा है।” – ट्रंप
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी कंपनियों और कर्मचारियों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाने के लिए टैरिफ आवश्यक हैं।
तांबे और दवाओं पर भी भारी शुल्क लगाने की तैयारी
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि तांबे पर 50% और दवा उत्पादों पर 200% तक शुल्क लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा –
“दवा उत्पादों पर बहुत ऊँची दर, लगभग 200%, जल्द ही लगाई जा सकती है।”
वॉल स्ट्रीट की प्रतिक्रिया: बाज़ारों में गिरावट, डॉलर में उछाल
ट्रंप की घोषणाओं के बाद अमेरिकी शेयर बाज़ारों में गिरावट आई। S&P 500 इंडेक्स लगभग 1% गिर गया, जबकि टेस्ला के शेयरों में 7% की गिरावट आई। निवेशकों को डर है कि इन कदमों से मुद्रास्फीति बढ़ेगी और वैश्विक व्यापार संबंध बिगड़ सकते हैं।
अमेरिकी बॉन्ड, खासकर लंबी अवधि के बॉन्ड, की कीमतों में भी गिरावट आई। दूसरी ओर, जापान और दक्षिण कोरिया की मुद्राओं में भी गिरावट आई।
शुल्कों पर ट्रंप का दोहरा संकेत: “1 अगस्त की समय सीमा तय नहीं है”
हालांकि, ट्रंप ने कहा कि 1 अगस्त की समय सीमा “पूरी तरह तय” नहीं है, और वह बातचीत के लिए तैयार हैं। उन्होंने संकेत दिया कि अगर कुछ देश अच्छे प्रस्ताव लेकर आते हैं तो उनके लिए शुल्क दरों में बदलाव संभव है।
“अगर देश आगे आकर उचित प्रस्ताव रखते हैं, तो हम टैरिफ में थोड़ा बदलाव कर सकते हैं।” – ट्रंप
थाईलैंड को 27 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है
थाईलैंड के उद्योग महासंघ का अनुमान है कि अमेरिका द्वारा 36% टैरिफ लगाने से थाई निर्यात को 24.5 से 27.6 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है।
दक्षिण अफ्रीका का विरोध: “व्यापार के आंकड़े गलत”
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने अमेरिका द्वारा लगाए गए 30% टैरिफ को “गलत आंकड़ों पर आधारित” बताया। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से बातचीत जारी रहेगी, लेकिन अमेरिकी आंकड़े सटीक नहीं हैं।
“हमारे देश में 77% अमेरिकी वस्तुओं पर कोई टैरिफ नहीं है, जबकि हमारा औसत टैरिफ 7.6% है।” – रामफोसा
कंबोडिया ने आभार व्यक्त किया
कंबोडिया के उप-प्रधानमंत्री ने अमेरिकी टैरिफ को 49% से घटाकर 36% करने के लिए ट्रंप का धन्यवाद किया और कहा कि वह आगे की बातचीत के लिए तैयार हैं।
अफ़्रीकी नेताओं के साथ ट्रंप की बैठक
ट्रंप बुधवार को व्हाइट हाउस में अफ़्रीकी देशों (सेनेगल, लाइबेरिया, गिनी-बिसाऊ, मॉरिटानिया और गैबॉन) के राष्ट्रपतियों से मिलेंगे, जिसमें व्यापार और आर्थिक सहयोग मुख्य विषय होंगे।
निष्कर्ष :
डोनाल्ड ट्रंप की नई व्यापार नीति एक बार फिर वैश्विक अर्थव्यवस्था को झकझोरने वाली है। एक ओर जहाँ व्यापार घाटे को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर टैरिफ़ से जुड़ी अनिश्चितता वैश्विक बाज़ारों और कंपनियों पर दबाव बढ़ा रही है। भारत समेत कई देशों के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण समय है, जहाँ संतुलन बनाए रखना अब कूटनीतिक परीक्षा होगी।
(खबरों के लाइव अपडेट और विस्तृत विश्लेषण के लिए स्वतंत्र वाणी पर बने रहें।)
Author: Swatantra Vani
“स्वतंत्र वाणी” – जहाँ सच की आवाज़ कभी दबती नहीं। स्वतंत्र वाणी एक स्वतंत्र ऑनलाइन समाचार और ब्लॉग मंच है, जिसका उद्देश्य है पाठकों तक सही, निष्पक्ष और ताज़ा जानकारी पहुँचाना। यहाँ राजनीति, शिक्षा, तकनीक, स्वास्थ्य, मनोरंजन, खेल और लाइफ़स्टाइल से जुड़ी हर महत्वपूर्ण ख़बर और जानकारी आसान भाषा में प्रस्तुत की जाती है। हम मानते हैं कि सच्चाई कभी दबाई नहीं जा सकती, इसलिए हमारा हर लेख और ख़बर तथ्यों पर आधारित होती है, ताकि पाठकों तक भरोसेमंद और निष्पक्ष पत्रकारिता पहुँच सके।










