दिनांक 24/06/2025 को अपराह्न एक बजे से पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुपालन में कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा उत्तर प्रदेश के आह्वान पर वाराणसी जनपद के समस्त घटक संगठनों के पदाधिकारियों एवं
कर्मचारी प्रतिनिधियों ने जनपद मुख्यालय स्थित शास्त्री घाट वाराणसी पर एक दिवसीय सत्याग्रह /भूख हड़ताल करते हुए धरना दिया। धरना को सफल बनाते हुए कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा उ.प्र. की प्रान्तीय बारह सूत्री माँगों के समर्थन में पुरजोर आवाज उठायी गई।सत्याग्रह /भूख हड़ताल बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उ.प्र. जनपद वाराणसी से सम्बद्ध संगठनों के कर्मचारी प्रतिनिधियों /वक्ताओं ने वर्तमान कर्मचारी विरोधी मानसिकता से ग्रस्त उत्तर प्रदेश के शासन- प्रशासन के रवैये की तीव्र भर्त्सना की ।शासन के मदांध उच्च अधिकारियों ने कर्मचारी संगठनों से संवाद हीनता बना कर कर्मचारी संगठनों को चुनौती दे डाली है ,ऐसे में सभी कर्मचारियों ने अब एक मंच से सरकार के मंसूबों को विफल करने हेतु कमर कस लिया है। इस अवसर पर जनपद वाराणसी अध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उ.प्र. माननीय अखिलेश सिंह ने कर्मचारी समाज की ज्वलंत समस्याओं पर गहन विचार करते हुए बताया कि सरकार राजकीय विभागों /संस्थाओं का निजी करण करती जा रही है।विभागों में ७५%आउट सोर्सिंग के कर्मचारी हैं शेष आउट -सोर्सिंग संविदा के हैं।इन्हें मिल रहे अत्यंत अल्प -पारिश्रमिक के कारण इन कर्मचारियों को जीवन की दैनिक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है।९०%कर्मचारी का जीवन कर्जे से पीड़ित है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जनपद मंत्री राकेश कुमार कुमार सिंह ने सरकार से माँग की कि सभी पदों पर नियमित भर्तियां की जाय तथा पुरानी पेंशन बहाल किया जाय क्योंकि पेंशन के बिना सेवानिवृत्त कर्मचारियों का जीना दुभर हो गया है ,इसलिए एक देश एक पेंशन को लागू किया जाय।
इस अवसर पर कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा उ.प्र.वाराणसी के जनपद अध्यक्ष आर.के. सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन प्रशासन के कतिपय कुत्सित मानसिकता के उच्चाधिकारी कर्मचारी विरोधी रवैया अपनाकर प्रदेश की भाजपा सरकार की छवि धूमिल करने पर उतारू हैं ।यदि शासन के स्तर से पूर्व के समझौते एवं सहमति पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिए गये तो कर्मचारी समाज को विशाल आन्दोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा ,जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन- प्रशासन की होगी। कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के जनपद मंत्री राजेश कुमार यादव ने कहा कि आज सरकार एक देश एक चुनाव कराने पर विचार कर रही हैं ऐसे में सर्वप्रथम सरकार को एक देश एक वेतन-भत्तों की सुविधाएं देश के कर्मचारियों को प्रदान करनी चाहिए।आठवें वेतन आयोग के अध्यक्ष का चयन करते हुए वेतन आयोग को एक जनवरी २०२६ से लागू करने के संकल्प को शीर्ष प्राथमिकता मिलनी चाहिए ,जिससे कर्मचारियों के मध्य इस सरकार की छवि निखर कर सामने आये । सभा की अध्यक्षता करते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उ.प्र. के संरक्षक माननीय शैलेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि कर्मचारी शिक्षक समाज को वर्तमान विषम परिस्थितियों का मुकाबला करने हेतु एक साथ एक ताकत बनकर कर्मचारियों की समस्याओं का निस्तारण करवाना होगा ,इसके लिए सरकार को कर्मचारियों के प्रति सौतेला व्यवहार त्याग कर कर्मचारी प्रतिनिधियों /संघों से सौहार्दपूर्ण माहौल में वार्ता कर समस्याओं /माँगों पर सर्वमान्य हल निकालना आज की सार्वभौमिक आवश्यकता है ।सत्याग्रह/भूख हड़ताल को सफल बनाने हेतु सिंचाई ,चिकित्सा ,वन ,रोडवेज सहित दर्जनों विभागों से आये कर्मचारी प्रतिनिधियों ने हिस्सेदारी लेते हुए अपनी भावनाओं से शासन प्रशासन को अवगत कराया।इनमें मुख्य रूप से जितेन्द्र कुमार सिंह, दिनेश दत्त पाठक, रोशन अली,जे.के. सिंह ,जे.एस.उपाध्याय, अजय ,दयाशंकर यादव, ओमप्रकाश दूबे ,आशुतोष कुशवाहा, घनश्याम सिंह ,कुलदीप, रामकरन,अरूण कुमार श्रीवास्तव,अशोक कुमार आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। धरना बैठक का संचालन राकेश कुमार सिंह जनपद मंत्री राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उ.प्र जनपद शाखा वाराणसी ने किया।
Author: Swatantra Vani
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