कोविड-19 की वापसी : मुंबई में कोविड-19 के नये वेरिएंट के 257 नए मामले, 2 मौतें; JN.1 वैरिएंट के लक्षण और बचाव के तरीके
कोविड-19 के नये वेरिएंट के बढ़ते मामलों को लेकर देश एक बार फिर चिंतित है। इस बार वायरस ओमिक्रॉन के नए सब-वैरिएंट JN.1, LF.7 और NB.1.8 की वजह से फैल रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में कुल 257 एक्टिव कोविड-19 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से ज़्यादातर मामले स्थिर हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन भविष्य में स्थिति गंभीर रूप ले सकती है।

कोविड-19 के नए मामले: केरल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु सबसे आगे
भारत में कोविड-19 के मामले धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। 12 मई के बाद से अब तक सबसे ज़्यादा नए कोविड-19 मामले केरल में सामने आए हैं, जहां 69 नए संक्रमण के मामले सामने आए हैं। इसके बाद महाराष्ट्र में 44 और तमिलनाडु में 34 कोविड-19 मामले सामने आए हैं। अन्य राज्यों की बात करें तो कर्नाटक में कोविड-19 के 8, गुजरात में 6, दिल्ली में 3 और हरियाणा, राजस्थान और सिक्किम में एक-एक मामले सामने आए हैं।
मुंबई में कोविड -19 से दो मौतें, गंभीर मरीजों के लिए बढ़ा खतरा
मुंबई के प्रतिष्ठित किंग एडवर्ड मेमोरियल (केईएम) अस्पताल में कोविड-19 से संबंधित दो मौतें हुई हैं। पहली मौत 14 वर्षीय बच्चे की हुई जो नेफ्रोटिक सिंड्रोम के कारण किडनी फेलियर से पीड़ित था। दूसरी मौत 54 वर्षीय कैंसर रोगी की हुई। दोनों ही मामलों में कोविड-19 संक्रमण गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए जानलेवा साबित हुआ है।
एशिया में कोविड-19 की नई लहर
भारत के अलावा सिंगापुर, हांगकांग और थाईलैंड जैसे कई अन्य एशियाई देशों में भी कोविड-19 के मामलों में तेजी देखी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार यह बढ़ोतरी ओमीक्रॉन के नए सब-वेरिएंट खासकर JN.1 की वजह से हुई है। इस वेरिएंट की वजह से भारत में भी कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं।
JN.1 वैरिएंट के लक्षण: जानिए कोविड-19 के नए रूप की पहचान कैसे करें
कोविड-19 के JN.1 वैरिएंट के लक्षण पहले के ओमिक्रॉन वैरिएंट से काफी मिलते-जुलते हैं। हालांकि, कई मरीजों में थकान और कमजोरी ज्यादा देखी जा रही है। JN.1 वैरिएंट के प्रमुख कोविड-19 लक्षण इस प्रकार हैं:
- गले में खराश
- बुखार
- नाक बहना या बंद होना
- सूखी खांसी
- सिरदर्द
- अत्यधिक थकान
- स्वाद या गंध का एहसास न होना
कोविड-19 के इन लक्षणों को हल्के में लेना ठीक नहीं है क्योंकि जल्दी पता लगने पर संक्रमण पर जल्दी काबू पाया जा सकता है।
कोविड-19 का खतरा क्यों बढ़ रहा है ?
विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों में कोविड-19 के खिलाफ बनी रोग प्रतिरोधक क्षमता धीरे-धीरे कम होती जा रही है। वैक्सीन और पुराने संक्रमण से बनी रोग प्रतिरोधक क्षमता अब उतनी कारगर नहीं रही। इसके अलावा, मानसून से पहले होने वाली बीमारियां भी बढ़ रही हैं, जिससे कोविड-19 के लक्षणों की पहचान करना और भी मुश्किल हो रहा है।
इसके अलावा त्योहारों और सामाजिक आयोजनों में बिना मास्क के भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाना जन स्वास्थ्य के लिए खतरा बनता जा रहा है और इससे कोविड-19 तेजी से फैल सकता है।
कोविड-19 से बचाव : क्या करें और क्या न करें
कोविड-19 से बचाव के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतना बहुत जरूरी है:
1. भीड़भाड़ से बचें: अगर जरूरी न हो तो सार्वजनिक जगहों पर न जाएं।
2. मास्क पहनें: बाहर जाते समय, खासकर भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना अनिवार्य करें।
3. हाथ साफ करें: साबुन से बार-बार हाथ धोएं और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
4. कोविड-19 टेस्ट करवाएं: अगर आपको कोविड-19 के कोई लक्षण महसूस हों, तो तुरंत टेस्ट करवाएं।
5. आइसोलेशन में रहें: अगर आप संक्रमित हो जाते हैं, तो खुद को दूसरों से अलग कर लें।
6. बूस्टर डोज लें: जिन लोगों ने अभी तक कोविड-19 की बूस्टर डोज नहीं ली है, वे तुरंत लगवा लें।
किसे खास तौर पर सावधान रहने की जरूरत है?
कोविड-19 के इस नए प्रकार से कुछ खास समूहों को ज़्यादा ख़तरा है:
- बुज़ुर्ग नागरिक
- मधुमेह, उच्च रक्तचाप या हृदय रोग से पीड़ित लोग
- गुर्दे या लीवर की बीमारी से पीड़ित मरीज़
- कैंसर के मरीज़
- गर्भवती महिलाएँ
- बच्चे और कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग
इन सभी को कोविड-19 को लेकर ख़ास तौर पर सतर्क रहने की ज़रूरत है।
सरकार की तैयारियाँ और स्वास्थ्य मंत्रालय की चेतावनी
भारत सरकार और राज्य सरकारें कोविड-19 की स्थिति पर कड़ी नज़र रख रही हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को कोविड-19 मामलों पर कड़ी नज़र रखने का निर्देश दिया है। अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है और टेस्टिंग, ट्रैकिंग और ट्रीटमेंट की पुरानी रणनीति को फिर से लागू किया जा रहा है।
इसके साथ ही सरकार लोगों से अफ़वाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील कर रही है।
कोविड-19 की तीसरी लहर का डर?
हालांकि यह कहना अभी जल्दबाज़ी होगी कि कोविड-19 की तीसरी लहर आ गई है, लेकिन अगर लोग लापरवाह रहे तो संक्रमण तेज़ी से फैल सकता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर सावधानी नहीं बरती गई तो आने वाले दिनों में कोविड-19 के मामलों में बेतहाशा वृद्धि हो सकती है।
निष्कर्ष : सावधानी ही बचाव है
भले ही हम महामारी की उस भयावह स्थिति से बाहर आ गए हों, लेकिन कोविड-19 अभी खत्म नहीं हुआ है। इसके नए वैरिएंट, जैसे कि JN.1, बार-बार साबित कर रहे हैं कि वायरस अभी भी हमारे बीच सक्रिय है।
इसलिए, यह जरूरी है कि हम सभी सतर्क रहें, सरकार द्वारा सुझाए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें और कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में फिर से लापरवाह न हों। मास्क, सैनिटाइजर, दूरी और समय पर टेस्ट – ये आज भी सबसे कारगर हथियार हैं।
(अगर आपको अपने आस-पास कोविड-19 के कोई लक्षण दिखें, तो तुरंत टेस्ट करवाएं और खुद को आइसोलेट कर लें। जागरूक रहें, सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सचेत करें।)
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Author: Swatantra Vani
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