ऑस्ट्रेलिया बनाम वेस्टइंडीज : ऑस्ट्रेलिया ने 133 रनों से जीता दूसरा टेस्ट, फ्रैंक वॉरेल ट्रॉफी पर फिर कब्ज़ा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

ऑस्ट्रेलिया बनाम वेस्टइंडीज: स्टार्क-हेज़लवुड की घातक गेंदबाज़ी से ऑस्ट्रेलिया ने 133 रनों से जीता दूसरा टेस्ट, फ्रैंक वॉरेल ट्रॉफी पर फिर कब्ज़ा- ________

जब क्रिकेट के मैदान पर दो दिग्गज टीमें आमने-सामने होती हैं, तो रोमांच अपने चरम पर होता है। ऐसा ही मुकाबला ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच ग्रेनेडा के नेशनल स्टेडियम में खेले गए दूसरे टेस्ट में देखने को मिला। ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज को 133 रन से हराकर न सिर्फ सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल की, बल्कि 1995 से अपने पास चली आ रही फ्रैंक वॉरेल ट्रॉफी को भी एक बार फिर अपने पास बरकरार रखा। इस जीत के असली हीरो मिशेल स्टार्क और जोश हेजलवुड रहे, जिनकी घातक गेंदबाजी ने वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया।

— मैच का स्कोरकार्ड: कहां क्या हुआ?

ऑस्ट्रेलिया पहली पारी: 286 रन (एलेक्स कैरी 63, वेबस्टर 60, अल्जारी जोसेफ 4/61)

वेस्टइंडीज पहली पारी: 253 रन (ब्रैंडन किंग 75, कैंपबेल 40, ल्योन 3/75)

ऑस्ट्रेलिया दूसरी पारी: 243 रन (स्टीव स्मिथ 71, कैमरून ग्रीन 52, शमर जोसेफ 4/66)

वेस्टइंडीज दूसरी पारी: 143 रन (रोस्टन चेस 34, स्टार्क 3/24, हेज़लवुड 2/19, ल्योन 3/42)

परिणाम: ऑस्ट्रेलिया ने मैच 133 रन से जीता

— स्टार्क और हेज़लवुड की धमाकेदार गेंदबाजी

ऑस्ट्रेलिया की जीत का सबसे बड़ा श्रेय उसके तेज गेंदबाजों को जाता है। मिशेल स्टार्क ने अपनी गति और स्विंग से वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया। उन्होंने दूसरी पारी में 3 विकेट लिए और अब अपने 100वें टेस्ट से पहले उन्होंने 395 विकेट पूरे कर लिए हैं। वहीं, जोश हेजलवुड ने भी अपनी सटीक लाइन-लेंथ से बल्लेबाजों को बांधे रखा और 2 अहम विकेट चटकाए। हेजलवुड ने चौथे दिन की शुरुआत में जॉन कैंपबेल को एलबीडब्ल्यू करके वेस्टइंडीज की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इसके बाद स्टार्क ने कार्टी और कप्तान ब्रैथवेट को आउट करके मेजबान टीम की कमर तोड़ दी।

— ऑस्ट्रेलिया की आक्रामक रणनीति और कप्तानी

पैट कमिंस की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने चौथे दिन से ही आक्रामक रणनीति अपनाई। उन्होंने लगातार गेंदबाजों को बदलकर बैक-टू-बैक अटैक किया, गली और शॉर्ट लेग पर फील्डर लगाए और वेस्टइंडीज पर दबाव बनाए रखा। यह रणनीति बताती है कि ऑस्ट्रेलिया आज भी टेस्ट क्रिकेट की सबसे खतरनाक टीमों में से एक क्यों है। हेजलवुड की गेंदबाजी ने बल्लेबाजों को ‘कलाई’ से खेलने पर मजबूर किया, जबकि स्टार्क की बाउंसर और फुल लेंथ गेंदों ने कहर बरपाया।

— वेस्टइंडीज की दूसरी पारी: पूरी तरह से अस्त-व्यस्त

277 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज की टीम 143 रनों पर ढेर हो गई। ब्रैंडन किंग ने शुरुआत में कुछ आकर्षक शॉट खेले, लेकिन पैट कमिंस की शानदार गेंद पर आउट हो गए। अपना 100वां टेस्ट खेल रहे कप्तान क्रेग ब्रैथवेट सीरीज में चौथी बार सिंगल डिजिट में आउट हुए। रोस्टन चेज और शाई होप ने थोड़ी आक्रामकता जरूर दिखाई, लेकिन वे टिक नहीं पाए। चेज ने मिडविकेट पर स्टार्क को शानदार छक्का लगाया, लेकिन चार गेंद बाद ही एलबीडब्ल्यू हो गए।

— ऑस्ट्रेलिया की फील्डिंग और गेंदबाजी का संतुलन

इस मैच में ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी और फील्डिंग का शानदार संतुलन देखने को मिला। नाथन लियोन ने भी 3 विकेट लिए और अब वे ग्लेन मैक्ग्रा के 563 टेस्ट विकेट के रिकॉर्ड से सिर्फ 1 विकेट पीछे हैं। बारबाडोस की तरह ऑस्ट्रेलिया ने इस टेस्ट में भी शुरुआत में संघर्ष किया, लेकिन गेंदबाजी से दबाव बनाकर पूरी टीम ढेर हो गई।

— वेस्टइंडीज क्रिकेट का गिरता स्तर

इस टेस्ट ने एक बार फिर टेस्ट क्रिकेट में वेस्टइंडीज की गिरती स्थिति को उजागर कर दिया। घरेलू प्रथम श्रेणी प्रणाली की अनदेखी, सीमित ओवरों के खिलाड़ियों को टेस्ट में खिलाना और अनुभवी खिलाड़ियों की कमी ने टीम को कमजोर कर दिया है। ब्रैथवेट, कैंपबेल, कार्टी, किंग – ये सभी सीमित ओवरों के खिलाड़ी हैं, जिनके पास टेस्ट में टिकने का अनुभव नहीं है। वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने न तो धैर्य दिखाया और न ही तकनीक।

अगला मैच: जमैका में डे-नाइट टेस्ट

अब सीरीज का आखिरी मैच 12 जुलाई से जमैका के सबीना पार्क में डे-नाइट फॉर्मेट में खेला जाएगा। यह मिशेल स्टार्क का 100वां टेस्ट होगा और वे इसे यादगार बनाना चाहेंगे। दूसरी ओर, वेस्टइंडीज के पास अब खोने के लिए कुछ नहीं है, केवल सम्मान की लड़ाई बची है। यह देखना दिलचस्प होगा कि वेस्टइंडीज वापसी कर पाएगा या ऑस्ट्रेलिया क्लीन स्वीप करेगा।

निष्कर्ष :

ऑस्ट्रेलिया बनाम वेस्टइंडीज मैच ने एक बार फिर साबित कर दिया कि टेस्ट क्रिकेट में अनुभव, रणनीति और संतुलित गेंदबाजी कितनी महत्वपूर्ण है। स्टार्क और हेज़लवुड जैसे अनुभवी गेंदबाज़ों ने न सिर्फ़ विकेट चटकाए बल्कि विरोधी टीम की मानसिकता भी तोड़ दी। यह सीरीज़ वेस्टइंडीज़ के लिए एक सबक है कि टेस्ट क्रिकेट में बने रहने के लिए सिर्फ़ प्रतिभा ही नहीं बल्कि तकनीक और धैर्य की भी ज़रूरत होती है। अब सबकी नज़र जमैका टेस्ट पर होगी- क्या वेस्टइंडीज़ अपनी इज्जत बचा पाएगी या ऑस्ट्रेलिया क्लीन स्वीप करेगा?

क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, लेकिन इस सीरीज़ में एक बात तो तय थी- ऑस्ट्रेलिया की जीत!

 

—(खबरों के लाइव अपडेट और विस्तृत विश्लेषण के लिए स्वतंत्र वाणी पर बने रहें।)

Swatantra Vani
Author: Swatantra Vani

“स्वतंत्र वाणी” – जहाँ सच की आवाज़ कभी दबती नहीं। स्वतंत्र वाणी एक स्वतंत्र ऑनलाइन समाचार और ब्लॉग मंच है, जिसका उद्देश्य है पाठकों तक सही, निष्पक्ष और ताज़ा जानकारी पहुँचाना। यहाँ राजनीति, शिक्षा, तकनीक, स्वास्थ्य, मनोरंजन, खेल और लाइफ़स्टाइल से जुड़ी हर महत्वपूर्ण ख़बर और जानकारी आसान भाषा में प्रस्तुत की जाती है। हम मानते हैं कि सच्चाई कभी दबाई नहीं जा सकती, इसलिए हमारा हर लेख और ख़बर तथ्यों पर आधारित होती है, ताकि पाठकों तक भरोसेमंद और निष्पक्ष पत्रकारिता पहुँच सके।