ऑपरेशन सिंदूर पर पाक डिप्टी पीएम इशाक डार का कबूलनामा : भारत के मिसाइल हमले से घबरा गया था पाकिस्तान,इशाक डार बोले- हमने खुद मांगी थी सीज़फायर
भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए तनावपूर्ण सैन्य टकराव ने नया मोड़ ले लिया है। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने एक टेलीविजन साक्षात्कार में स्वीकार किया कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के दो प्रमुख एयरबेस – नूर खान (रावलपिंडी) और शोरकोट (पंजाब प्रांत) पर हमला किया था। यह हमला 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का जवाब था, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी।
यह पहली बार है कि पाकिस्तान सरकार के किसी वरिष्ठ अधिकारी ने इतना स्पष्ट कबूलनामा किया है। इससे पहले पाकिस्तान की सरकार और सेना भारत के हमलों से हुए नुकसान से लगातार इनकार करती रही है। इशाक डार का यह बयान अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जो पाकिस्तान की रणनीतिक विफलता को उजागर करता है।

भारत का ऑपरेशन सिंदूर: जवाबी कार्रवाई या रणनीतिक हमला ?
भारत ने 7 मई को सुबह 2:30 बजे सटीक मिसाइल हमले करके “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान के दो रणनीतिक एयरबेस को निशाना बनाया। नूर खान एयरबेस, जो रावलपिंडी में स्थित है, पाकिस्तान वायु सेना का एक संवेदनशील बेस माना जाता है। वहीं, शोरकोट एयरबेस, जिसे PAF रफीकी के नाम से भी जाना जाता है, पंजाब प्रांत में स्थित है और यहीं से पाकिस्तान के JF-17 और मिराज फाइटर जेट संचालित होते हैं।
“इशाक डार” ने माना कि भारत की इस कार्रवाई ने पाकिस्तान को पूरी तरह से चौंका दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की तरफ से जवाबी कार्रवाई की योजना थी, लेकिन भारत की पूर्व-निर्धारित और त्वरित कार्रवाई ने पाकिस्तान को बैकफुट पर ला दिया।
“इशाक डार” का कबूलनामा: सऊदी अरब और अमेरिका ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई
“इशाक डार” के अनुसार, हमलों के 45 मिनट के भीतर सऊदी प्रिंस फैसल बिन सलमान ने फोन किया। प्रिंस फैसल ने पूछा कि क्या वह भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से संपर्क कर सकते हैं और पाकिस्तान की ओर से युद्ध विराम का प्रस्ताव रख सकते हैं। डार ने अनुमति दे दी और कुछ ही देर बाद जयशंकर को संदेश पहुंचा दिया गया।
इस घटना से पता चलता है कि “ऑपरेशन सिंदूर” की तीव्रता और प्रभाव ने पाकिस्तान में सर्वोच्च स्तर पर कितनी दहशत पैदा कर दी थी। अमेरिका ने भी दोनों देशों से संपर्क किया और पाकिस्तान से सैन्य हॉटलाइन के माध्यम से भारत के साथ तुरंत संपर्क स्थापित करने को कहा।
नुकसान का सच: पाकिस्तान का “नरम” कबूलनामा
हालांकि पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि भारतीय हमले में केवल एक विमान को मामूली नुकसान हुआ था, लेकिन “इशाक डार” और पाकिस्तान के सेवानिवृत्त एयर मार्शल मसूद अख्तर ने एक अलग तस्वीर पेश की।
मसूद अख्तर ने एक पाकिस्तानी चैनल को दिए इंटरव्यू में स्वीकार किया कि भारत ने एक AWACS विमान को भी निशाना बनाकर नष्ट कर दिया था, जो पाकिस्तान के लिए हवाई क्षेत्र की निगरानी में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।
सैटेलाइट इमेज से पता चला ऑपरेशन सिंदूर का असर
एनडीटीवी और दूसरे मीडिया संगठनों ने सैटेलाइट इमेज के आधार पर बताया कि 10 मई को नूर खान एयरबेस पर हमले के बाद दो बड़े ट्रेलर ट्रक (जो शायद कमांड और कंट्रोल यूनिट थे) पूरी तरह से नष्ट हो गए। 17 मई की तस्वीरों में वहां क्लीन-अप ऑपरेशन दिखाया गया, जिससे साबित होता है कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत सटीक और विनाशकारी हमला किया था।
कूटनीतिक दबाव और युद्ध विराम की प्रक्रिया
10 मई को पाकिस्तान के डीजीएमओ मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्ला ने अपने भारतीय समकक्ष लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को फोन करके युद्ध विराम की पहल की। भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस कॉल की पुष्टि की और कहा कि शाम 5 बजे से सभी सैन्य गतिविधियों को रोकने पर सहमति बनी है। हालांकि, पाकिस्तान ने कुछ घंटों बाद ही इस युद्ध विराम का उल्लंघन कर दिया।
ऑपरेशन सिंदूर से भारत का बदला रुख
भारत की इस सैन्य कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि देश अब आतंकवाद के खिलाफ नरमी नहीं बरतेगा। “ऑपरेशन सिंदूर” का उद्देश्य केवल बदला लेना नहीं था, बल्कि पाकिस्तान के अंदर आतंकवाद को समर्थन देने वाले ढांचे को निशाना बनाना था। यह सैन्य रणनीति न केवल सटीक थी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को भी मजबूत करती थी।
“इशाक डार” के बयान ने पाकिस्तान के झूठ को उजागर किया
पाकिस्तान लंबे समय से दावा करता रहा है कि उसने भारत के सभी हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया है और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन “इशाक डार” के इस कबूलनामे ने पाकिस्तान के इस झूठ को उजागर कर दिया है। यह दर्शाता है कि “ऑपरेशन सिंदूर” के जरिए भारत ने सैन्य और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया।
निष्कर्ष : “ऑपरेशन सिंदूर” ने भारत की सैन्य साख को बढ़ाया
भारत का “ऑपरेशन सिंदूर” न केवल एक सफल सैन्य मिशन था, बल्कि देश की बदली हुई रणनीतिक सोच और सुरक्षा नीति का भी प्रमाण था। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री “इशाक डार” द्वारा की गई स्वीकारोक्ति से पता चलता है कि भारत की कार्रवाई का प्रभाव गहरा था। इस ऑपरेशन से यह स्पष्ट संदेश गया है कि अगर कोई भी देश भारत की संप्रभुता और उसके नागरिकों की सुरक्षा को चुनौती देगा तो उसे सटीक और निर्णायक जवाब मिलेगा – और यह जवाब सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं होगा।
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Author: kamalkant
कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।










