एक्सेंचर को तगड़ा झटका: डीएलएस के रद्द होने और देरी के कारण नए शेयर्स में 6% की गिरावट, फिर भी राजस्व अनुमान
दुनिया की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी एक्सेंचर (एक्सेंचर) ने तीसरी तिमाही (Q3FY25) की समीक्षा की घोषणा की है, जिसमें एक अहम भूमिका सबका ध्यान खींचने वाली है- कंपनी की नई बुकिंग्स (नई बुकिंग) में 6% की गिरावट। कंपनी ने बताया कि इस तिमाही में उन्हें कुल $19.7 मिले, जो पिछले साल की तुलना में कम हैं। इसके पीछे प्रमुख कारण रही डील्स का रद्द होना और डील्स का बंद होना।
इस खबर के सामने आते ही एक्सेंचर के शेयर प्री-मार्केट ट्रेडिंग में 2.6% तक गिर गए। हालाँकि, इसके बावजूद कंपनी ने अपने पूरे साल के राजस्व अनुमान के मुताबिक 6-7% कर दिया है, जो पहले 5-7% था। इसमें बताया गया है कि कंपनी निकट भविष्य में फिर से स्थिरता और विकास की उम्मीद कर रही है।

अमेरिकी सरकारी डील्स में धीमापन कारण बना –
कंपनी के सीईओ जूली स्वीट ने कहा कि अमेरिकन एंक्रोएशिया के ऑर्केस्ट्रा में बदलाव और रद्दीकरण के एक्सेंचर के शोकेशंस पर विपरीत असर पड़ा है। मार्च 2025 की पिछली अर्निंग कॉल में भी उन्होंने बताया था कि अमेरिकी सरकार की योजनाओं में बदलाव आया है और सरकारी सेवाओं में कमी आई है।
जूली स्वीट ने कहा, “नई अमेरिकी सरकार का लक्ष्य है कि वे सरकारी सिस्टम को अधिक से अधिक एफ़िशियेंट करें। इसी प्रक्रिया में कई नए प्रोक्योर्मेंट इंजीनियरिंग फर्म हो गए हैं, जिससे हमारी बिक्री और राजस्व पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।”
यह कथन उस समय आया जब अमेरिका में एक नई राजनीतिक व्यवस्था स्थापित हुई। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड डोनाल्ड के फिर से सत्ता में आने के बाद, उन्होंने एलन मस्क को एक विशेष विभाग-डिपार्टमेंट ऑफ नेशनल फिशिएंसी (DOGE)-का प्रमुख नियुक्त किया। इस विभाग का उद्देश्य सरकारी प्रौद्योगिकी और सॉफ्टवेयर को आधुनिक बनाना है ताकि सरकारी अधिग्रहण अधिक उत्पादक और प्रभावशाली हो सके।
एलन मस्क की भूमिका और तकनीकी परिवर्तन :
एलन मस्क को DOGE के प्रमुख रखरखाव के बाद अमेरिकी सरकार के तकनीकी रुख में बड़ा बदलाव देखने को मिला। जहां एक ओर सरकारी कंपनियों द्वारा अधिक स्वचालित डिजाइन और डिजिटल निर्माण पर जोर दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कई पुरानी कंपनियों पर जोर दिया जा रहा है। इस पुनः आरंभ आकलन और विवरण में एक्सेंचर जेट कंपनी को टैगडा झटका दिया गया है, प्रोटोकाॅल आय का एक हिस्सा बड़ा दोलन दोलनों से आता है।
आईटी सेक्टर के लिए एक संकेत :
आईटी सेक्टर पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ का मानना है कि एक्सपेंचर की इस गिरावट से आईटी सेक्टर को ध्यान में रखा जाता है। विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों को जो सरकारी और बड़ी इंटरनैशनल कंपनियों पर प्रतिबंध हैं।
मार्केट एसोसिएट्स अजय मेहराज का कहना है, “यह गिरावट केवल एक्सेंचर की समस्या नहीं है। अमेरिका की नई कंपनियों और वैश्विक कंपनियों की स्लोडाउन से यह संकेत है कि आने वाले महीनों में अन्य आईटी कंपनियों के सहयोगियों पर भी असर पड़ सकता है। एसोसिएशन को अब अधिक लचीले और विविध रणनीति अपनानी होगी।”
भारत में इसका क्या असर होगा ?
भारत में एक्सेंचर के हजारों कर्मचारी हैं और कंपनी यहां बड़े पैमाने पर आउटसोर्सिंग और प्रोजेक्ट्स का संचालन करती है। यदि अमेरिकी डील्स में गिरावट जारी है, तो इसका सीधा असर भारतीय आईटी पेशेवरों पर भी पड़ सकता है।
2024 के अंत और 2025 की शुरुआत में ही कई भारतीय आईटी संस्थान – जैसे कि टी-चिकित्सक, इन्फोसिस और विप्रो – ने रणनीति बनाई थी कि अमेरिकियों और यूरोपीय छात्रों में निर्णय लेने की प्रक्रिया समाप्त हो गई है। एक्सेंचर की ताजा रिपोर्ट में यह चेतावनी एक ठोस प्रमाण पत्र है।
आगे की राह: कंपनी का फोकस –
हालाँकि शॉक्स में गिरावट के बावजूद, एक्सेंचर ने अपने रेवेन्यू प्रोडक्ट्स को सकारात्मक संकेत दिया है। इसका मतलब यह है कि कंपनी को उम्मीद है कि बाकी तीन महीने में उसकी स्थिति सुधरेगी।
कंपनी ने कहा कि वह क्लाउड स्टूडियो, आर्टिफिशियल एसोसिएट्स (एआई), डेटा एनालिटिक्स और साइबर टेक्नोलॉजीज जैसे हाई रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश बढ़ाएगी। इन इंडस्ट्रीज में निवेशकों की मांग अभी भी तेजी से बढ़ रही है और ये कंपनी भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।
विकल्प के लिए सलाह :
निवेश विशेषज्ञ की राय में, एक्सेंचर जैसी मजबूत बुनियाद वाली कंपनी में गिरावट को खरीदारी का मौका माना जा सकता है, खासकर तब जब लंबी अवधि का नजरिया हो।
मुंबई स्थित पोर्टफोलियो के प्रबंधक दीपक अग्रवाल कहते हैं, “यदि कंपनी की कार्मिक सेना कायम है और वह तकनीकी बदलावों के साथ खुद को ढालने में सक्षम है, तो यह गिरावट का स्तर हो सकता है। उद्यम को चिंता की बात नहीं है, बल्कि सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत है।”
निष्कर्ष :
एक्सेंचर के Q3FY25 परिणाम एक मिश्रित संकेत देते हैं—एक ओर नए संकेत में गिरावट की चिंता का विषय है, तो दूसरी कंपनी द्वारा अपने अध्ययन रेवेन्यू एग्रीगेटर को काफी सकारात्मक समीक्षा दी गई है। अमेरिकी सरकार के उद्यमों में बदलाव, एलन मस्क के DOGE विभाग की सक्रिय भूमिका, और वैश्विक आईटी डील्स का धीमा होना इस पूरी कहानी को और जटिल टुकड़े हैं।
आईटी संस्थानों के लिए यह चेतावनी है कि बाजार में तेजी से गिरावट के साथ रणनीतिक रणनीति बनाई जाएगी। साथ ही, किशोरी को भी लंबी अवधि के अवसरों की तलाश करनी चाहिए।
स्रोत: मनीकंट्रोल, एक्सेंचर इन्वेस्टर कॉल, मार्केट एनालिस्ट रिपोर्ट्स, टीओआई बिजनेस
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Author: kamalkant
कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।










