एएफसी एशियन कप 2027 क्वालीफायर में भारत को आखिरी समय में मिली पेनल्टी से हार , हांगकांग ने 1-0 की जीत दर्ज कर भारत की क्वालीफिकेशन उम्मीदों फेरा पानी
मैच रिपोर्ट और मुख्य घटनाक्रम
मंगलवार, 10 जून 2025 को काई टैक स्पोर्ट्स पार्क, हांगकांग में खेले गए एएफसी एशियन कप 2027 क्वालीफायर के अहम मुकाबले में मेज़बान टीम ने इंजरी टाइम में मिले पेनल्टी गोल की मदद से भारत को 1-0 से हराकर तीन बहुमूल्य अंक अपने नाम किए। करीब 42,570 दर्शकों के सामने खेले गए इस मैच का निर्णायक क्षण 95वें मिनट में आया, जब हांगकांग के सब्सटीट्यूट स्टीफन परेरा ने पेनल्टी को गोल में बदलकर अपनी टीम को तीन महत्वपूर्ण अंक दिलाए।
भारत की शुरुआत और चूके मौके
मैच की शुरुआत में भारतीय टीम ने अच्छी पकड़ बनाई और मिडफील्ड पर अपना दबदबा बनाया। कोच मनोलो मार्केज ने अनुभवी स्ट्राइकर सुनील छेत्री को बेंच पर बैठाया और उनकी जगह आशिक कुरुनियान को शुरुआती ग्यारह में मौका दिया। भारत को पहला बड़ा मौका 35वें मिनट में मिला, जब ब्रैंडन फर्नांडिस ने दबाव बनाते हुए गेंद जीती और लिस्टन कोलासो को पास किया। लिस्टन ने शानदार क्रॉस बनाया, लेकिन आशिक गोल के सामने से चूक गए।
भारत ने दूसरे हाफ में भी आक्रामकता दिखाई। आशिक ने एक बार फिर बॉक्स के बाहर से शानदार शॉट लगाया, जो मामूली अंतर से बाहर चला गया। इसके बाद 58वें मिनट में सुनील छेत्री को मैदान में उतारा गया। छेत्री ने लिस्टन को शानदार पास दिया, लेकिन लिस्टन का संतुलन बिगड़ गया और वह गेंद को गोल में नहीं बदल पाए।
मैच का टर्निंग प्वाइंट: इंजरी टाइम में पेनाल्टी
90 मिनट तक स्कोर 0-0 रहा और ऐसा लग रहा था कि मैच बराबरी पर खत्म होगा। लेकिन 94वें मिनट में भारत के गोलकीपर विशाल कैथ ने लॉन्ग बॉल पर गलती की और हांगकांग के खिलाड़ी माइकल उदेबुलुजोर को फाउल कर दिया। रेफरी ने बिना देरी किए पेनाल्टी दे दी और स्टीफन परेरा ने आसानी से इसे गोल में बदल दिया। इस गोल के साथ ही भारत की हार पक्की हो गई। प्रतिक्रियाएँ और आलोचनाएँ मैच के बाद, JSW ग्रुप और बेंगलुरु FC के मालिक पार्थ जिंदल ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा: “यह भारतीय फ़ुटबॉल के लिए शर्म की बात है. जब तक कोई ठोस योजना और सही नेतृत्व नहीं होगा, हम इसी तरह हारते रहेंगे. खिलाड़ियों को दोष देना सही नहीं है, उन्हें एक सिस्टम की ज़रूरत है, जो दुर्भाग्य से मौजूद नहीं है.” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और भारत में फ़ुटबॉल की प्रशासनिक स्थिति पर कई सवाल खड़े हो गए. भारत के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया ने भी AIFF की कार्यशैली की कड़ी आलोचना की. उन्होंने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में कहा: “ऐसी अफ़वाहें थीं कि अगर भारत यह मैच जीतता है, तो खिलाड़ियों को 50,000 डॉलर का बोनस मिलेगा, जबकि उन्हें 2500 रुपये का दैनिक भत्ता भी नहीं मिलता. इससे पता चलता है कि AIFF के पास कोई स्थिर योजना नहीं है. अगर हम जीतते हैं, तो क्या हमें अगले 4 मैचों में भी यही बोनस मिलेगा?” भूटिया ने एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा, “भारतीय फुटबॉल को बचाने के लिए चौबे को पद छोड़ देना चाहिए।” ग्रुप सी स्टैंडिंग
टीम ने खेला अंक
सिंगापुर 2 4
हांगकांग 2 4
बांग्लादेश 2 1
भारत 2 1
भारत अब अक्टूबर में ग्रुप लीडर सिंगापुर से भिड़ेगा, और अगर उसे एएफसी एशियन कप 2027 के लिए क्वालिफाई करना है तो उसे अपने सभी बचे हुए मैच जीतने होंगे।
भारत की संभावित XI (हांगकांग बनाम भारत)
फॉर्मेशन: 4-2-3-1
गोलकीपर: विशाल कैथ
डिफेंडर: बोरिस, भेके, झिंगन, रोशन
मिडफील्डर: अपुइया, सुरेश, ब्रैंडन, छंगटे, लिस्टन
फॉरवर्ड: सुनील छेत्री
हेड टू हेड (भारत बनाम हांगकांग)
कुल मैच भारत ने जीते हांगकांग जीते ड्रॉ
25 9 8 8
आखिरी बार भारत ने हांगकांग को 1957 में हांगकांग में (2-1) हराया था।
प्रमुख खिलाड़ी
सुनील छेत्री: भारत के सबसे महान स्ट्राइकर, जिन्होंने हाल ही में रिटायरमेंट से वापसी करते हुए भारत को मालदीव के खिलाफ जीत दिलाई।
जुनिन्हो (हांगकांग): वेस्टवुड की रणनीति के केंद्र में, मिडफील्ड और अटैक दोनों में खेलते हैं।
निष्कर्ष: क्या अभी भी उम्मीद है?
हांगकांग बनाम भारत मैच में यह हार भारतीय टीम के लिए बहुत बड़ा झटका थी। खिलाड़ी कड़ी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन सिस्टम की खामियां और योजना की कमी उनकी मेहनत पर पानी फेर रही है। आने वाले मैचों में भारत को न सिर्फ अच्छा बल्कि शानदार प्रदर्शन करना होगा।
एएफसी एशियन कप 2027 में पहुंचना अभी भी संभव है, लेकिन इसके लिए भारत को अपनी रणनीति, नेतृत्व और मानसिकता में बदलाव करना होगा। फिनिशिंग की कमी और डिफेंसिव गलतियों ने इस मैच में भारत को काफी नुकसान पहुंचाया। कोच मनोलो मार्केज की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं और एआईएफएफ की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
भारतीय फुटबॉल को अब सिर्फ खिलाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक सुधारों और बेहतर योजना पर भी ध्यान देना होगा, ताकि भविष्य में ऐसी निराशाजनक हार से बचा जा सके और भारतीय फुटबॉल को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सके।
Author: kamalkant
कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।










