उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक का भव्य उद्घाटन

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उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक का भव्य उद्घाटन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई, चेनाब ब्रिज और अन्य उपलब्धियों ने रचा इतिहास

उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक का भव्य उद्घाटन
धमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक का भव्य उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 6 जून को जम्मू-कश्मीर की अपनी विशेष यात्रा के दौरान ऐतिहासिक उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक (USBRL) का उद्घाटन किया। इस ऐतिहासिक क्षण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कटरा से श्रीनगर के लिए पहली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई, जो अब जम्मू-कश्मीर को देश के अन्य हिस्सों से सीधे रेल संपर्क के माध्यम से जोड़ेगी।

पूरे कार्यक्रम के लिए जम्मू-कश्मीर में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, खासकर रियासी जिले के कटरा और रामबन इलाकों में। वाहनों की जांच, डॉग स्क्वॉड और हाई अलर्ट सुरक्षा के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक के इतिहास में एक मील का पत्थर बन गया। इस अवसर को खास बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर के रेलवे स्टेशनों को सजाया गया था, जहां से वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई गई।

43,780 करोड़ रुपये की लागत से बना हिमालय का चमत्कार

उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक परियोजना को पूरा होने में लगभग तीन दशक लग गए। इस परियोजना का निर्माण 43,780 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की विशेष प्राथमिकता थी। 272 किलोमीटर लंबी इस रेलवे लाइन को हिमालय के चुनौतीपूर्ण पहाड़ी इलाकों को काटकर बनाया गया है।

इसमें 36 मुख्य सुरंगें (लगभग 120 किलोमीटर लंबी), 8 एस्केप सुरंगें और 943 पुल शामिल हैं, जिनमें से सबसे प्रसिद्ध चिनाब ब्रिज है। इस परियोजना ने जम्मू-कश्मीर में कनेक्टिविटी और विकास के नए रास्ते खोले हैं।

चिनाब ब्रिज और 7 अन्य प्रमुख उपलब्धियाँ

1. चिनाब ब्रिज – दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज

चिनाब ब्रिज, जो उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक का हिस्सा है, अब दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज बन गया है। यह नदी तल से 359 मीटर ऊंचा है, जो एफिल टॉवर से 35 मीटर ऊंचा है। चेनाब ब्रिज 1.3 किमी लंबा है और 260 किमी/घंटे की हवा का सामना कर सकता है।

₹1,486 करोड़ की लागत से निर्मित यह चमत्कारिक चेनाब ब्रिज, आने वाले 120 वर्षों तक मजबूती से टिके रहने के लिए डिज़ाइन किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पुल को भारत की तकनीकी क्षमता और विकासशील सोच का प्रतीक बताया।”

2. अंजी खाद ब्रिज

यह भारत का पहला केबल-स्टेड रेलवे ब्रिज है और यह जम्मू और कश्मीर में स्थित है। यह 331 मीटर ऊंचा और 725 मीटर लंबा है। इसमें 96 हाई टेंशन केबल हैं। यह उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक के तहत भी एक बड़ी उपलब्धि है जिसकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रशंसा की।

3. सुरंग टी-50

“12.77 किलोमीटर की लंबाई के साथ, यह सुरंग भारत की सबसे लंबी परिवहन सुरंग बन गई है, जो खारी से सुंबर तक फैली हुई है। उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक परियोजना की रीढ़ कही जाने वाली इस सुरंग का निर्माण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संभव हो सका।”

4. सुरंग टी-80 (पीर पंजाल सुरंग)

“बनिहाल और काजीगुंड को जोड़ने वाली 11.22 किमी लंबी यह सुरंग भारत की दूसरी सबसे लंबी परिवहन सुरंग मानी जाती है। इसी मार्ग से वंदे भारत एक्सप्रेस गुजरती है, जिससे जम्मू-कश्मीर की यात्रा अब और अधिक सुगम और समयबद्ध हो गई है।”

5. सुरंग टी-44

“सावलकोट से संगलदान तक फैली 11.13 किलोमीटर लंबी यह सुरंग, उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक परियोजना की एक अहम कड़ी है, जो इस रणनीतिक रेलमार्ग को और अधिक मजबूत और सुगम बनाती है।”

6. विशाल सुरंग नेटवर्क

इस परियोजना में कुल 36 मुख्य सुरंगें और 8 एस्केप सुरंगें हैं, जिनकी संयुक्त लंबाई 186 किलोमीटर से अधिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत की तकनीकी क्षमता का एक उदाहरण बताया।

7. साल भर परिवहन सुविधा

वंदे भारत एक्सप्रेस में आइस-कटर लगाए गए हैं, जिसकी वजह से यह ट्रेन सर्दियों में भी चल पाती है। जम्मू-कश्मीर में सर्दियों के दौरान जब सड़कें बंद हो जाती हैं, तो यह उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक लाइफलाइन बन जाती है।

8. उन्नत इंजीनियरिंग तकनीक

भूकंप, बर्फबारी और भूस्खलन जैसे खतरों से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस परियोजना में हिमालयी सुरंग विधि और ‘टेकला’ सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया। चिनाब ब्रिज और अन्य सभी संरचनाओं का निर्माण इसी उच्च तकनीक से किया गया।

परियोजना का लंबा इतिहास

उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक का विचार 1970 के दशक में आया था, लेकिन इसे औपचारिक रूप से 1994 में मंजूरी मिली। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने 2002 में निर्माण कार्य शुरू किया और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने इसे सफलतापूर्वक पूरा किया है।

पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह परियोजना उनके स्कूली दिनों में शुरू हुई थी और अब उनके बच्चों को भी नौकरी मिल रही है। उन्होंने इसे जम्मू-कश्मीर के लिए ऐतिहासिक दिन बताया।

वंदे भारत एक्सप्रेस: कश्मीर की नई लाइफलाइन

अब कटरा और श्रीनगर के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस न केवल आरामदायक है, बल्कि सर्दियों में सड़क बंद होने पर परिवहन का वैकल्पिक साधन भी बनेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इससे महंगे हवाई टिकटों पर निर्भरता भी कम होगी।

वंदे भारत एक्सप्रेस के शुरू होने से उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक अब पूरे साल चालू रहेगी, जिससे जम्मू-कश्मीर की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा।

निष्कर्ष :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन की गई उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक परियोजना ने न केवल जम्मू-कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ा है, बल्कि यह चिनाब ब्रिज जैसे विश्व स्तरीय निर्माणों के माध्यम से भारत की इंजीनियरिंग ताकत को भी दर्शाता है। वंदे भारत एक्सप्रेस अब इस क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर को पूरी तरह से बदल देगी। चिनाब ब्रिज, सुरंगों और तकनीकी नवाचारों वाली यह परियोजना आने वाले वर्षों में जम्मू-कश्मीर के विकास को एक नई गति देगी – और यही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘न्यू इंडिया’ की असली पहचान है।

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Author: kamalkant

कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।