ईडी ने रान्या राव पर कसा शिकंजा : सोने की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 34 करोड़ की संपत्ति जब्त, जांच में 55 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति का खुलासा –
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बेंगलुरु/नई दिल्ली, 7 जुलाई 2025: कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री की प्रसिद्ध अदाकारा रान्या राव अब गंभीर कानूनी संकट में घिर चुकी हैं।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग और वैश्विक स्तर पर फैली सोने की तस्करी से जुड़े एक गंभीर मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी की 34.12 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई उस संगठित नेटवर्क की जांच का हिस्सा है, जो विदेशों से तस्करी कर लाई गई संपत्तियों को वैध रूप देने के मकसद से भारत में निवेश कर रहा था।
— सोने की तस्करी के जाल में फंसी कन्नड़ अभिनेत्री
प्रवर्तन निदेशालय की जांच में पता चला है कि कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव, जिनका असली नाम हर्षवर्धनी रान्या है, दुबई, युगांडा और अन्य देशों से सोना आयात करने के लिए हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही थीं। इस सोने को भारत में तस्करी करके लाया जा रहा था और फिर स्थानीय ज्वैलर्स को बेचकर नकदी में बदला जा रहा था। इस प्रक्रिया से अर्जित धन को अगली तस्करी को अंजाम देने के लिए हवाला के माध्यम से फिर विदेश भेजा जाता था।
— केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट से गिरफ्तारी
यह मामला तब तूल पकड़ा जब 3 मार्च 2025 को राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने रान्या राव को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया। उस समय वह दुबई से लौट रही थीं और शक के आधार पर उनसे कड़ी पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।उसकी तलाशी के दौरान उसके पास से 24 कैरेट शुद्धता वाला कुल 14.213 किलोग्राम विदेशी सोना बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित बाजार मूल्य लगभग ₹12.56 करोड़ आंकी गई।
— घर से मिली नकदी और आभूषण
जब ईडी ने गिरफ्तारी के बाद रन्या राव के घर पर छापा मारा, तो वहां से ₹2.67 करोड़ नकद और ₹2.06 करोड़ के सोने के आभूषण भी बरामद किए गए। जब्त की गई इन सामग्रियों ने इस पूरे तस्करी नेटवर्क की परतें खोल दीं।
—₹55.62 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा
अब तक प्रवर्तन निदेशालय की जांच में यह सामने आया है कि इस पूरे रैकेट के जरिए करीब ₹55.62 करोड़ की अवैध कमाई की गई, जिसमें से ₹34.12 करोड़ की संपत्ति को ईडी ने जब्त कर लिया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह धनराशि तस्करी के जरिये कमाई गई और फिर उसे विभिन्न माध्यमों से वैध स्वरूप देने की कोशिश की गई।
— कौन सी संपत्ति जब्त की गई?
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अस्थायी रूप से जिन संपत्तियों को जब्त किया है, उनमें शामिल हैं:
बेंगलुरु के विक्टोरिया लेआउट में एक आवासीय बंगला
अर्कावती लेआउट में एक प्लॉट
तुमकुर जिले में एक औद्योगिक प्लॉट
अनेकल तालुक में कृषि भूमि
इन सभी संपत्तियों की कुल कीमत 34.12 करोड़ रुपये आंकी गई है।
— कैसे काम करता था तस्करी का नेटवर्क ?
ईडी की रिपोर्ट के मुताबिक, रान्या राव ने तरुण कोंडुरु राजू और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर एक बेहद संगठित नेटवर्क बनाया था। यह नेटवर्क सोने की तस्करी, हवाला के जरिए भुगतान, फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल और डबल ट्रैवल सिस्टम के जरिए भारतीय हवाई अड्डों को चकमा देने में शामिल था।
दुबई से सोने की खेप भेजते समय फर्जी कस्टम घोषणाएं की गईं, जिसमें गंतव्य अमेरिका या स्विट्जरलैंड दिखाया गया, जबकि वास्तविक यात्रा भारत की थी।
— डिजिटल साक्ष्यों ने सच को उजागर किया
ईडी को जब्त मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। इनमें फर्जी चालान, विदेशी धन प्रेषण रिकॉर्ड, निर्यात घोषणाएं और व्हाट्सएप चैट शामिल हैं, जो स्पष्ट रूप से तस्करी में रान्या राव की प्रत्यक्ष संलिप्तता को दर्शाते हैं।
— बयान में किया इनकार, लेकिन सबूतों ने किया उजागर
ईडी द्वारा दर्ज किए गए बयान में रान्या राव ने खुद को निर्दोष बताया और जब्त की गई संपत्तियों और सोने से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया। लेकिन जब अधिकारियों ने उनके बयान की तुलना जब्त दस्तावेजों, यात्रा रिकॉर्ड और डिजिटल बातचीत से की, तो उनका झूठ सामने आ गया।
— क्या सरकारी अधिकारियों की भी इसमें भूमिका थी ?
ईडी ने अपने बयान में यह भी कहा है कि रान्या राव को भारत पहुंचने पर एयरपोर्ट पर “मदद” मिली थी, जिससे संदेह पैदा हुआ है कि इस तस्करी रैकेट में कुछ सरकारी कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। इस पहलू की जांच अभी चल रही है।
— मई में 16 जगहों पर छापेमारी
इस मामले में ईडी ने मई 2025 में 16 जगहों पर छापेमारी की थी, जिसमें कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर से जुड़े कुछ शैक्षणिक संस्थान और हवाला और विदेशी मुद्रा डीलर शामिल थे।
— सीबीआई और डीआरआई से मिली जानकारी पर कार्रवाई
ईडी की यह जांच सीबीआई और डीआरआई द्वारा दर्ज एफआईआर और शिकायतों पर आधारित है।इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह की परतें तब और खुलीं जब सीबीआई द्वारा दर्ज एक एफआईआर के आधार पर मुंबई एयरपोर्ट पर दो विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया — एक ओमान का और दूसरा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का निवासी। इन दोनों के पास से करीब ₹18.92 करोड़ की कीमत का सोना जब्त किया गया, जो इस संगठित तस्करी सिंडिकेट से जुड़े होने का ठोस संकेत देता है।
— जांच अभी भी जारी है
ईडी ने स्पष्ट किया है कि अब तक जब्त की गई संपत्तियां सिर्फ शुरुआती कदम हैं। जांच अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क में शामिल अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं की पहचान की जाएगी। साथ ही, बाकी अवैध संपत्तियों को भी जब्त किया जाएगा।
निष्कर्ष :
कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ ईडी की यह सख्त कार्रवाई यह साबित करती है कि भारत में सोने की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे आर्थिक अपराध कितने गहरे तक फैले हुए हैं।यह मामला सिर्फ एक मशहूर फिल्मी हस्ती के गिरते सितारे की दास्तान नहीं है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कानून का डंडा कितना प्रभावी है और जांच एजेंसियां कितनी मुस्तैदी से अपना काम कर रही हैं।
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Author: Swatantra Vani
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