बड़ा फैसला : अटल सेतु पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए टोल टैक्स पूरी तरह से माफ

बड़ा फैसला : अटल सेतु पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए टोल टैक्स पूरी तरह से माफ

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महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: अटल सेतु पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए टोल टैक्स पूरी तरह से माफ

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने और प्रदूषण कम करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि 22 अगस्त, 2025 से मुंबई के अटल सेतु (पूर्व में मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक) पर इलेक्ट्रिक कारों और इलेक्ट्रिक बसों को टोल टैक्स से पूरी तरह छूट दी जाएगी। यह कदम महाराष्ट्र की नई ईवी नीति 2025 के तहत उठाया गया है।

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बड़ा फैसला : अटल सेतु पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए टोल टैक्स पूरी तरह से माफ

अटल सेतु पर टोल-फ्री सुविधा

जनवरी 2024 में अपने उद्घाटन के बाद से मुंबई और नवी मुंबई के बीच सबसे महत्वपूर्ण संपर्क बना हुआ अटल सेतु अब इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए और भी आकर्षक विकल्प बनने जा रहा है। यह पुल 21.8 किमी लंबा है, जिसमें से लगभग 16.5 किमी समुद्र के ऊपर बना है। इसे भारत का सबसे लंबा समुद्री पुल माना जाता है और यह सेवरी (दक्षिण मुंबई) को न्हावा शेवा (नवी मुंबई) से जोड़ता है।

अब तक यहाँ से गुजरने वाले हर वाहन को एक निश्चित दर से टोल देना पड़ता था, जिस पर आम नागरिकों ने सोशल मीडिया पर कई बार सवाल उठाए थे। लेकिन अब सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों के लिए एक बड़ा राहत पैकेज पेश किया है।

किस वाहन को मिलेगी छूट?

नगरीय विकास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना (सं. MRD-3325/C.R.123/UD-7) के अनुसार, यह टोल छूट केवल कुछ श्रेणियों पर ही लागू होगी:

  • M1 श्रेणी – इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहन (कार)
  • M3 और M4 श्रेणी – इलेक्ट्रिक बसें (राज्य परिवहन उपक्रमों और निजी ऑपरेटरों दोनों की बसें शामिल)

हालाँकि, इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन इस छूट में शामिल नहीं हैं।

यह छूट कहाँ लागू होगी?

टोल छूट फिलहाल अटल सेतु के शिवाजी नगर और गवन टोल प्लाजा पर लागू होगी। इससे पहले, 31 जनवरी 2025 की सरकारी अधिसूचना के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 तक सभी वाहनों पर टोल लगाया जाता था। लेकिन इस नई अधिसूचना के बाद, इलेक्ट्रिक वाहनों को इससे बाहर रखा गया है।

महाराष्ट्र ईवी नीति 2025 का व्यापक प्रभाव

यह निर्णय केवल अटल सेतु तक ही सीमित नहीं रहेगा। महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले समय में राज्य की प्रमुख सड़कों और एक्सप्रेसवे पर इलेक्ट्रिक वाहनों को भी टोल टैक्स से राहत दी जाएगी।

  • मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर इलेक्ट्रिक वाहनों को टोल से छूट मिलेगी।
  • समृद्धि महामार्ग (नागपुर-मुंबई समृद्धि एक्सप्रेसवे) पर भी ईवी मालिकों को टोल छूट का लाभ दिया जाएगा।
  • इसके अलावा, राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को केवल 50% टोल टैक्स देना होगा।

जनहित में लिया गया निर्णय

महाराष्ट्र सरकार का यह निर्णय महाराष्ट्र मोटर वाहन कर अधिनियम, 1958 के प्रावधानों के तहत लिया गया है। मई 2025 में, राज्य के गृह विभाग ने जनहित में अटल सेतु पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए टोल छूट देने का प्रस्ताव रखा था, जिसे अब आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से लागू कर दिया गया है।

अटल सेतु: मुंबई की जीवनरेखा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2024 में अटल सेतु को राष्ट्र को समर्पित किया। इसके निर्माण से मुंबई और नवी मुंबई के बीच यात्रा का समय लगभग आधा रह गया है। यह पुल न केवल दैनिक यात्रियों के लिए सुविधाजनक है, बल्कि माल ढुलाई और वाणिज्यिक यातायात के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ है।

बड़ा फैसला : अटल सेतु पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए टोल टैक्स पूरी तरह से माफ

इस पुल से प्रतिदिन 34,000 से ज़्यादा वाहन गुज़रते हैं। ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहनों को टोल से छूट देने से प्रदूषण कम होगा और साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को बढ़ावा मिलेगा।

इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों के लिए लाभ

  • वित्तीय राहत: टोल टैक्स में बचत से यात्रियों का खर्च कम होगा।
  • इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा: ज़्यादा से ज़्यादा लोग इलेक्ट्रिक कार और बसें खरीदने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
  • ग्रीन मोबिलिटी: प्रदूषण कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम।
  • राज्यव्यापी लाभ: आने वाले समय में, एक्सप्रेसवे और राजमार्गों पर छूट का लाभ पूरे महाराष्ट्र को मिलेगा।

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पर्यावरण और भविष्य की दिशा

महाराष्ट्र सरकार पहले ही इलेक्ट्रिक वाहनों को सब्सिडी, पंजीकरण शुल्क में राहत और चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क बढ़ाने जैसी योजनाओं की घोषणा कर चुकी है। अब टोल छूट जैसी सुविधाएँ जोड़कर सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहन राज्य की परिवहन व्यवस्था का एक अहम हिस्सा बनने जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से मुंबई और आसपास के इलाकों में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में तेज़ी से बढ़ोतरी होगी। साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण और कार्बन उत्सर्जन कम करने का लक्ष्य भी आसानी से हासिल किया जा सकेगा।

निष्कर्ष

अटल सेतु पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए टोल माफ़ी महाराष्ट्र सरकार की दूरदर्शी नीति का हिस्सा है। यह न केवल वाहन मालिकों को आर्थिक राहत प्रदान करता है, बल्कि राज्य को हरित परिवहन की दिशा में भी आगे बढ़ाता है। मुंबई और नवी मुंबई के बीच यात्रा करने वाले इलेक्ट्रिक वाहन मालिक अब इस समुद्री पुल पर बिना टोल टैक्स के यात्रा कर सकेंगे।

महाराष्ट्र सरकार का यह कदम न केवल राज्य के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल है कि कैसे सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे को हरित गतिशीलता से जोड़ा जा सकता है। आने वाले दिनों में, जैसे-जैसे यह नीति अन्य सड़कों और एक्सप्रेसवे पर भी लागू होगी, महाराष्ट्र सबसे अधिक ईवी-अनुकूल राज्य में गिना जाएगा।

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Author: kamalkant

कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।